Mahalakshmi rajyog:9 अगस्त कामिका एकादशी पर महालक्ष्मी राजयोग, किस राशि के लिए लाभ
Ekadashi par Rajyog: इस साल कामिका एकादशी का दिन बहुत खास माना जा रहा है। इस दिन महालक्ष्मी राजयोग बन रहा है। किस राशि के लिए यह क्या लाभ लाएगा, यहां पढ़ें

सावन मास के कृष्ण पक्ष की कामिका एकादशी इस बार रविवार नौ अगस्त को मनाई जाएगी। इस दिन ग्रहों का इतना उत्तम योग है कि भगवान शिव और भगवान विष्णु की पूजा के लिए यह दिन खास तो है ही साथ ही कई राशियों के लिए अच्छे योग लेकर आया है। आइए जानते हैं कि महालक्ष्मी योग कब बन रहा है और इससे राशियों को क्या लाभ होंगे।
क्या है महालक्ष्मी योग
आपको बता दें कि चंद्रमा और मंगल के मिथुन राशि में होने के कारण महालक्ष्मी राजयोग बनता है।मंगल और चंद्रमा जब एक साथ एक ही राशि में आ जाते हैं तो महालक्ष्मी राजयोग बनता है। इसके अलावा कुंडली में अगर ये किसी की राशि के दूसरे, नौवें, दसवें या ग्यारहवें भाव में आतो भी महालक्ष्मी योग का निर्माण होता है। जिस राशि में या जिसकी भी कुंडली में यह योग बनता है ऐसे व्यक्ति को धन और संपत्ति मिलती है। बिजनेस और नौकरी में आपके छोटे से एफर्ट आपको आगे ले जाते हैं और सफलता पाते हैं। समाज में आपको सम्मान मिलता है। अभी की बात करें तो मंगल का गोचर अगस्त के शुरू में ही मिथुन राशि में हुआ है। इस राशि में कामिका एकादशी के दिन यानी 9 अगस्त को दोपहर 3 बजकर 48 मिनट पर चंद्रमा भी आजाएगें। ऐसे में मंगल और चंद्रमा की इसी युति से मिथुन राशि में महालक्ष्मी राजयोग बनेगा।
इस योग से किन राशियों के लिए लाभ के योग?
इससे मिथुन राशि के लोगों को लाभ के योग बनेंगे। आपको बिजनेस में अच्छे बदलाव देखने को मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति अगर पहले दिक्कत वाली थी तो इसमें चारचांद लग सकते हैं। आपकी प्लानिंग भी आपको सफल कराएंगी। आपके लिए अच्छे योग हैं?
कन्या राशि के लिए भाग्य
कन्या राशि के लिए भाग्य का साथ और भाग्यवश आपके काम बनेंगे। आप सफलता पाएंगे और आर्थिक तौर पर कोई चीज आपकी संपत्ति में जुड़ेगी। नया काम भी रंग लाएगा और आपके लिए इनकम के नए सोर्स बनेंगे।
मकर राशि के लिए लाभ के योग
मकर राशि के लिए यह योग सफलता और यश देने वाला होगा। आपको कई तरह से लाभ मिलेगा और धन में वृद्धि होगी।
कब है कामिका एकादशी
कामिका एकादशी पर हर्षण योग और महालक्ष्मी राजयोग का दुर्लभ संयोग बन रहा है। यह दिन भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना के साथ ही भगवान शिव के रुद्राभिषेक, पार्थिव पूजन और महामृत्युंजय जाप के लिए भी अत्यंत शुभ माना गया है। इस दिन एकादशी तिथि सुबह 11.05 बजे तक रहेगी, जबकि मृगशिरा नक्षत्र दोपहर 2.45 बजे तक रहेगा। हर्षण योग रात्रि 2.03 बजे तक रहेगा।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
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Anuradha Pandeyशार्ट बायो
अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।
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