Mahakaleshwar Jyotirlinga: भस्म आरती की तरह अब संध्या और शयन आरती के लिए भी होगी ऑनलाइन बुकिंग, लगेंगे इतने रुपये
महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग में भस्म आरती की तरह ही संध्या और शयन आरती में भी भक्तों की खूब भीड़ लगती है। ऐसे में शाम और रात में होने वाली आरती के लिए लोगों को 4-5 घंटे लाइन में लगा होना रहता था। अब मंदिर की ओर से नई व्यवस्था लागू कर दी गई है।

Mahakaleshwar Jyotirling Mandir: मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर की भस्म आरती लोगों के बीच मशहूर है। माना जाता है कि जो लोग महाकाल की भस्म आरती में शामिल होते हैं, उनके सारे दुख मिट जाते हैं। भस्म आरती के लिए ऑनलाइन बुकिंग करने की व्यवस्था होती है। हालांकि इसे कई दिन पहले ही करना उचित रहता है क्योंकि बुकिंग में स्लॉट जल्दी नहीं मिलता है। यात्रा से डेढ़-दो महीने पहले ही इसकी बुकिंग करा लेना सही होता है। भस्म आरती ब्रह्म मुहूर्त में होता है और इसके लिए मंदिर में देर रात ही श्रद्धालु आ जाते हैं। भस्म आरती के अलावा बाकी सभी आरती को लोग बिना बुकिंग के देख सकते थे लेकिन अब नया नियम लागू हो गया है। मिली जानकारी के अनुसार अब श्रद्धालुयों को बाबा की संध्या और रात वाली आरती के लिए भी प्री-बुकिंग करनी होगी। अबसे संध्या और रात की आरती के लिए भी पैसे लगेंगे।
ऑनलाइन बुकिंग से मिलेगी सुविधा
अब भक्तों को संध्या और शयन आरती के लिए तकरीबन ढाई सौ रुपये में ऑनलाइन बुकिंग करवानी होगी। मंदिर कमेटी की ओर से ये बात कही गई है कि पहले संध्या और शयन आरती के लिए भक्त लंबी लाइनें लगाते थे। नई व्यवस्था के साथ ही लोगों को इंतजार नहीं करना पड़ेगा। बता दें कि जो लोग ऑनलाइन बुकिंग नहीं करवाएंगे, वो लोग चलते-चलते ही इस आरती को देख पाएंगे। वहीं अगर ऑनलाइन बुकिंग करवाई गई तो इत्मिनान से बैठकर संध्या और शयन आरती देखी जा सकती है।
लोगों के रिएक्शन
जहां एक ओर लोग अपनी सुविधा और समय की बचत को देखते हुए इसे सही फैसला मान रहे हैं तो वहीं कुछ लोग इस फैसले के खिलाफ हैं। किसी का कहना है कि भीड़ की वजह से महाकाल के दर्शन मुश्किल से हो पाते हैं या फिर ना के बराबर ही सब कुछ होता है। ऐसे में इन लोगों के लिए संध्या और शयन आरती की ऑनलाइन बुकिंग वाला फैसला सही है। वहीं कुछ का कहना है कि गरीब इंसान क्या करेगा? या फिर भगवान के दर्शन के लिए ये चीजें करनी ठीक नहीं हैं।
ऐसे होते हैं ओमकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन
बता दें कि महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर की मान्यता को देखते हुए यहां पर हर साल लाखों-करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु मत्था टेकने आते हैं। महाकालेश्वर के अलावा पास के खंडावा में स्थिति ओमकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में भी श्रद्दालुओं की भीड़ लगती है। मध्य प्रदेश आने वाले लोग इन दोनों ज्योतिर्लिंग के दर्शन करते हैं। हालांकि महाकालेश्वर के तर्ज पर ओमकारेश्वर की ऑनलाइन बुकिंग होती है। बिना बुकिंग के भी यहां पर आसानी से दर्शन किए जा सकते हैं।
लेखक के बारे में
Garima Singhशॉर्ट बायो
गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।
परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। वह पिछले 8 महीनों से लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।
करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।
एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।
व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।
विशेषज्ञता
वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई, डेली और वीकली राशिफल
और पढ़ें

