
कब है 2026 में महाशिवरात्रि, शिव महापुराण में बताई गई है शिवरात्रि व्रत की विधि
maha Shivratri date in india 2026: शिवरात्रि तिथि का शिवमहापुराण में बहुत अधिक महत्व बताया गया है। जिस दिन आधी रात के समय तक वह तिथि विद्यमान हो, उसी दिन उसे व्रत के लिये ग्रहण करना चाहिए, क्योंकि इसमें रात्रि में भगवान शिव की पूजा का विशेष विधान बताया गया है।
शिवरात्रि तिथि का शिवमहापुराण में बहुत अधिक महत्व बताया गया है। जिस दिन आधी रात के समय तक वह तिथि विद्यमान हो, उसी दिन उसे व्रत के लिये ग्रहण करना चाहिए, क्योंकि इसमें रात्रि में भगवान शिव की पूजा का विशेष विधान बताया गया है। शिवमहापुराण में कहा गया है कि शिवरात्रि करोड़ों हत्याओं के पापका नाश करने वाली है। इस दिन सुबह स्नान करके भगवान शिव की पूजा के प्रसन्न रहें। आपको इस दिन आलस नहीं करना है। अपने घर के पास शिवालय में जाकर शिवलिंग का विधिवत् पूजन करके पूजा का संकल्प लें। इसके बाद भगवान शिव के दक्षिण या पश्चिम भाग में सुन्दर स्थान पर उनके निकट ही पूजा के लिए सभी चीजों को रख दें।। इसके बाद मंत्रों के साथ ही शिवजी की पूजा करनी चाहिए। रात में भगवान शिव के लिए कीर्तन और गीत आदि के साथ भक्तिभाव पूजा करें।
कब है साल 2026 में महाशिवरात्रि
2026 में भी महाशिवरात्रि का पर्व फरवरी महीने में ही मनाया जाएगा। इसलिए महाशिवरात्रि का पर्व 15 फरवरी को ही मनाया जाएगा।
चतुर्दशी तिथि 15 फरवरी 2026 को शाम 05:04 पर शुरू हो जाएगी, जिसका समापन 16 फरवरी 2026 को शाम 05:34 पर होगा।
निशिता काल - रात 11:55 से 12:56 तक
महाशिवरात्रि का पारण 16 फरवरी 2026-सुबह 6:42 से लेकर दोपहर 3:10 तक
शिव महापुराण में भगवान शिव को प्रसन्न करने का भी उल्लेख किया गया है। अगर आप मासिक शिवरात्रि का व्रत करते हैं, तो आपको इसके उद्यापन की विधि के बारे में भी पता होना चाहिए। आप महाशिवरात्रि से मासिक व्रत शुरू कर सते हैं। महीने में दो शिवरात्रि आती है। त्रयोदशी के दिन शिवरात्रि व्रत के लिए एक समय भोजन करना चाहिए चतुर्दशीको पूरा उपवास करना चाहिए।
इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। इन्हें अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।





