Maha shivratri 2026: महाशिवरात्रि की रात कर लें ये खास उपाय, नहीं होगी धन की कमी

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Maha shivratri 2026: महाशिवरात्रि की रात को जागरण करना चाहिए। यहां जागरण का अर्थ केवल जागना नहीं, बल्कि सचेत होना है। यदि आप पूरी रात नहीं जाग सकते, तो मध्य रात्रि के समय (निशिता काल) कम से कम 15-20 मिनट मौन रहकर शिव का ध्यान जरूर करें।

Maha shivratri 2026: महाशिवरात्रि की रात कर लें ये खास उपाय, नहीं होगी धन की कमी

इस बार महाशिवरात्रि का पर्व 15 फरवरी 2026, रविवार को मनाया जाएगा। यह पर्व हर साल फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन भगवान शिव की उपासना की जाती है। साथ ही भक्त उन्हें प्रसन्न करने के लिए शिवलिंग का अभिषेक करते हैं। शिवालयों में शिव भक्तों की धूम रहती है। इसके अलावा महाशिवरात्रि की रात का भी खास महत्व होता है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक भगवान शिव पहली बार इसी रात को लिंग स्वरूप में प्रकट हुए थे। यह लिंग अग्नि के एक विशाल स्तंभ के समान था, जिसका न तो कोई आदि था और न ही अंत। इसी कारण महाशिवरात्रि की रात को करोड़ों सूर्यों के तेज के समान माना जाता है। ऐसे में महाशिवरात्रि की रात कुछ खास उपाय करने से महादेव की कृपा से धन की कमी दूर होती है। चलिए इन उपायों के बारे में जानते हैं।

धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव और माता शक्ति का विवाह हुआ था। यह पुरुष और प्रकृति के मिलन की रात मानी जाती है। शास्त्रों के अनुसार, इसी रात शिव ने वैराग्य जीवन छोड़कर गृहस्थ जीवन अपनाया था, जो ब्रह्मांड के संतुलन के लिए बेहद जरूरी था। ऐसे में इस रात का महत्व और भी बढ़ जाता है।

बेलपत्र से जुड़ा उपाय
महादेव को बेलपत्र काफी प्रिय होता है। लोग पूरे दिन उन्हें जल, बेलपत्र अर्पित करते हैं। अगर आप भी भगवान शिव की कृपा चाहते हैं, तो महाशिवरात्रि की रात बेलपत्र से जुड़ा उपाय कर सकते हैं। इस रात्रि आपको 1000 बेलपत्र के पत्तों पर ओम नमः शिवाय लिखकर भोलेनाथ को अर्पित करें। मान्यता है कि इस उपाय से अकाल मृत्यु का भय खत्म होता है। साथ ही साधक मुक्ति को प्राप्त कर लेता है।

रात में जागरण करें
इस रात में जागरण करते हुए शिवजी के मंत्रों का जप करता है और शिव पुराण का पाठ और भजन कीर्तन करता है उसका पुण्य कई गुना बढ जाता है और वह पुण्यात्मा होकर शिवलोक को अंत समय में प्राप्त होता है। महाशिवरात्रि की रात को जागरण करना चाहिए। यहां जागरण का अर्थ केवल जागना नहीं, बल्कि सचेत होना है। यदि आप पूरी रात नहीं जाग सकते, तो मध्य रात्रि के समय (निशिता काल) कम से कम 15-20 मिनट मौन रहकर शिव का ध्यान जरूर करें। इससे भगवान शिव की कृपा साधकों पर बनी रहती है।

महामृत्युंजय मंत्र का जप
महाशिवरात्रि की रात महामृत्युंजय मंत्र के मंत्र का जाप जरूर करें। यह एक अमोघ मंत्र है जो मृत्यु के मुंह से भी व्यक्ति को खींचकर ले आता है। इस मंत्र के जाप से रोग-दोष का नाश होगा। महाशिवरात्रि की रात में जागरण करते हुए जो भक्त महामृत्युंजय मंत्र का जप करता है उसकी सभी बाधाएं दूर हो जाती है। महामृत्युंजय मंत्र का जप करते समय साधक को रुद्राक्ष और भस्म का लेपन जरूर कर लेना चाहिए।

ओम नमः शिवाय का जाप
महाशिवरात्रि की रात में शिव ते पंचाक्षरी मंत्र नमः शिवाय और षडाक्षरी मंत्र ओम नमः शिवाय का जप करना बेहद शुभ फलदायी होता है। मान्यता है कि इस रात्रि जागरण करते हुए जो भी साधक इस मंत्र का एक लाख जप पूरा कर लेता है उस पर शिवजी की बड़ी ही कृपा होती है। साथ ही हर मनोकामना पूरी होती है। साथ ही ऐसे साधक मृत्यु के बाद यमराज के दर्शन नहीं करता है उसे शिवलोक में ही स्थान प्राप्त होता है।

रुद्राष्टकम् पाठ
महाशिवरात्रि के दिन व्रत करके रात्रि में पूजा का सबसे अधिक महत्व है। रात्रि में भक्त रुद्राक्ष धारण करके और माथे पर भस्म से त्रिपुंड लगाकर शिवजी की पूजा अर्चना करते हुए दूध, गंगाजल, गन्ने का रस, घी और शहद से शिवजी का अभिषेक करें। इस उपाय से महापापों से छूटकारा मिल जाता है। साथ ही अशुभ ग्रह का प्रभाव भी खत्म होता है।

यहां जलाएं दीपक जलाएं
महाशिवरात्रि की मध्यरात्रि बेल के पेड़ के नीचे 11 घी के दीपक जलाएं। इस उपाय से कुंडली के ग्रह दोष शांत होते हैं और अटके हुए काम बनने लगते हैं। साथ ही कर्ज जैसी समस्या से छुटकारा मिलता है।

डिस्क्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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लेखक के बारे में

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संक्षिप्त विवरण: धीरज पाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में 7 साल का अनुभव है। लाइव हिन्दुस्तान में काम करते हुए इन्हें 4 साल हो गए हैं। धीरज एजुकेशन रिपोर्टर के तौर पर काम कर चुके हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने राजनीति समाचार, एजुकेशन बीट के लिए ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। हिंदुस्तान लाइव में यूपी बोर्ड से लेकर उन्होंने लोकसभा चुनाव कवर करने साथ-साथ खेल जैसे बीट पर काम किया। अब इनका एकमात्र उद्देश्य करियर और एजुकेशन से जुड़ी रुचिगत, सरल, प्रमाणिक और पाठक-हितैषी रूप में प्रस्तुत करना है।

व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।

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