Magh Mela 2026: माघ मेला में कब-कब होगा पवित्र स्नान? नोट कर लें सारी डेट और ना करें ये गलतियां

Jan 02, 2026 12:54 pm ISTGarima Singh लाइव हिन्दुस्तान
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Magh Mela 2026: प्रयागराज में माघ मेला शुरू होने वाला है। 40 दिन से ज्यादा चलने वाले इस मेले के दौरान किए जाने वाले पवित्र स्नान का काफी महत्व है। नीचे जानें कि इस बार कब-कब ये पवित्र स्नान किए जा सकते हैं? 

Magh Mela 2026: माघ मेला में कब-कब होगा पवित्र स्नान? नोट कर लें सारी डेट और ना करें ये गलतियां

नए साल ने दस्तक दे दी है और साल 2026 कई मायने में खास होने वाला है। ज्योतिषीय गणना के आधार पर ये साल सूर्य का है। ऐसे में तमाम लोगों की जिंदगी सूर्य की ऊर्जा से प्रभावित होगी। इसी के साथ साल की शुरुआत में पड़ने वाला माघ मेला अब शुरू होने वाला है। इसे हर साल माघ के महीने में आयोजित किया जाता है। इसकी शुरुआत पौष पूर्णिमा के साथ होती है। हर साल कई लोग संगम नगरी में आकर कल्पवास के लिए रुकते हैं। इस दौरान किया गया दान और स्नान काफी विशेष और फलदायी माना जाता है। बता दें कि इस साल माघ मेले का आयोजन करने के लिए महीनों से तैयारी चल रही थी और अब लगभग 40 दिन से ज्यादा चलने वाले इस मेले में की शुरुआत होने वाली है। नीचे जानें कि माघ मेला में कौन-कौन सी तिथियां महत्वपूर्ण होने वाली हैं?

इस दिन से शुरू होगा माघ मेला

माघ मेला की शुरुआत कल यानी 3 जनवरी से होने वाली है। इसकी शुरुआत पौष पूर्णिमा के पहले स्नान के साथ शुरु होगी, जिसका समापन 15 फरवरी है। इसी दिन महाशिवरात्रि होगी। 3 जनवरी से 15 फरवरी के बीच कई पर्व और त्योहार पड़ने वाले हैं। इसी बीच पवित्र स्नान के लिए कई तिथियां भी पड़ेगी। इस खास अवसर पर लोग प्रयागराज के संगम में आस्था की डुबकी लगाएंगे। बता दें कि 40 दिन से ज्यादा चलने वाले माघ मेला में देश के कोने-कोने से कई लोग आते हैं।

नोट करें पवित्र स्नान की तारीखें

1. पौष पूर्णिमा (3 जनवरी 2026)

2. मकर संक्रांति (14 जनवरी 2026)

3. मौनी अमावस्या (18 जनवरी 2026)

4. बसंत पंचमी (23 जनवरी 2026)

5. माघी पूर्णिमा (1 फरवरी 2026)

6. महाशिवरात्रि (15 फरवरी 2026)

ना करें ये गलतियां

माघ मेले के दौरान कुछ चीजों को करने से बचना चाहिए। इस दौरान छल-कपट से बचें। साथ ही मांस-मदिरा, प्याज और लहसुन जैसे तामसिक भोजन से बचें। हो सके तो इस दौरान सिर्फ सात्विक भोजन ही करें। वहीं स्नान के दौरान मन को शांत रखें। इस दौरान हंसी मजाक करने से बचें। साथ ही कोशिश करें कि किसी के लिए भी मुंह से खराब शब्द ना निकलें। मन में अच्छे विचारों को ही आने दें।

Garima Singh

लेखक के बारे में

Garima Singh

शॉर्ट बायो


गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।


परिचय और अनुभव

गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। वह पिछले 8 महीनों से लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।


करियर

गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।


एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच

गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।


व्यक्तिगत रुचियां

काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।


विशेषज्ञता

वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई, डेली और वीकली राशिफल

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