माघ मास के स्नान की तारीख और माघ मास स्नान के नियम जानें

Dec 22, 2025 12:04 pm ISTAnuradha Pandey लाइव हिन्दुस्तान
share

माघ मास साल 2026 में 3 जनवरी से शुरू होगा। पौष पूर्णिमा के बाद अगले दिन से माघ मास का स्नान होगा। पूर्णिमा के अगले दिन से शिवरात्रि तक माघ मास माना जाता है। माघ माह में प्रयागराज में माघ मेला लगता है

माघ मास के स्नान की तारीख और माघ मास स्नान के नियम जानें

माघ मास साल 2026 में 3 जनवरी से शुरू होगा। पौष पूर्णिमा के बाद अगले दिन से माघ मास का स्नान होगा। पूर्णिमा के अगले दिन से शिवरात्रि तक माघ मास माना जाता है। माघ माह में प्रयागराज में माघ मेला लगता है, पौष पूर्णिमा के अगले दिन से माघ मेले का पहला स्नान होता है।इस साल माघ मेले का पहला स्नान 3 जनवरी को होगा। अगर आप भी माघ मेले में स्नान करने जा हे हैं, तो आपको इन नियमों के बारे में अच्छे से जानकारी होनी चाहिए।

माघ मेले के नियम

चाहें आप माघ मेले का स्नान करने प्रयाग, पुष्कर और कुरुक्षेत्र जाएं, लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि आपको माघ-सनान करना हो तो प्रातःकाल ही स्नान करना चाहिए। माघ मास में प्रातः सूर्योदय से पहले स्नान करने से बड़ा से बड़ा पाप दूर हो जाता है। ब्रह्मचारी, गृहस्थ, वानप्रस्थ, संन्यासी ओर बालक, वृद्ध, स्त्री तथा नपुंसक आदि सभी माघ मास में तीर्थ स्नान स्नान करने से उत्तम फल प्राप्त करते हैं। माघ-स्नान के व्रत और स्नान करने वाले को चाहिए कि वह संन्यासी की संयम रखें। नियमों का सख्ती से पालन करें। पौष-फाल्गुन के मध्य मकर के सूर्य में तीस दिन प्रातः माघ-स्नान करना बहुत ही उत्तम माना जाता है।माघके प्रथम दिन ही संकल्पपूर्वक माघ-स्नान का नियम ग्रहण करना चाहिए। सूर्यको अर्घ्य देकर पितरों का तर्पण करें। जलसे बाहर निकलकर इष्टदेव को प्रणाम कर श्रीहरि पूजन करें।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य है और सटीक है। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Anuradha Pandey

लेखक के बारे में

Anuradha Pandey

शार्ट बायो

अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।


परिचय और अनुभव

अनुराधा पांडे पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी चेहरा हैं, जिन्हें मीडिया में 16 वर्षों का व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और संस्थान के एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन की इंचार्ज हैं। अनुराधा पिछले 10 सालों से लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में लिख रही हैं। डिजिटल पत्रकारिता के दौर में उन्होंने धर्म जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपनी लेखनी से करोड़ों पाठकों का भरोसा जीता है। उनके पास खबरों को न केवल प्रस्तुत करने, बल्कि सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और विश्लेषणात्मक कंटेंट देने का लंबा अनुभव है। वह शिव महापुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और कई अन्य शास्त्रों के जटिल तथ्यों को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं।


शैक्षणिक योग्यता और पेशेवर सफर

अनुराधा ने अपने करियर की शुरुआत साल 2010 में आज समाज अखबार से की। इसके बाद उन्होंने 'आज तक' (Aaj Tak) में एजुकेशन सेक्शन में तीन साल तक अपनी सेवाएं दीं। साल 2015 से वह लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ी हैं और एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का नेतृत्व कर रही हैं। उनका गहरा अनुभव उन्हें जटिल विषयों पर सरल और प्रभावी ढंग से लिखने में सक्षम बनाता है। उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है। इसके साथ ही दिल्ली विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन, सीसीएसयू से एम.कॉम और कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन एवं मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है।


विजन

अनुराधा का उद्देश्य एस्ट्रोलॉजी (धर्म) के माध्यम से राशियों पर ग्रहों के प्रभाव, कुंडली, ग्रहों की स्थिति, नक्षत्र, भाव और दशा-विश्लेषण को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना है। ग्रहों का व्यक्ति के जीवन के विभिन्न पहलुओं पर क्या असर पड़ता है, इन जटिल ज्योतिषीय अवधारणाओं को आम पाठकों के लिए सुलभ बनाना उनकी प्राथमिकता है। इसके साथ ही टीम का कुशल मार्गदर्शन और कंटेंट की क्वालिटी सुनिश्चित करना भी उनके विजन का अहम हिस्सा है।


विशेषज्ञता के प्रमुख क्षेत्र

कुंडली एवं ग्रह-दशा के माध्यम से राशियों पर ग्रहों का प्रभाव, नक्षत्रों का आम लोगों की जिंदगी पर असर और इससे जुड़ी एक्सपर्ट से वेरिफाइड सलाह पाठकों तक पहुंचाना उनका प्रमुख कार्य क्षेत्र है। वे धार्मिक और समसामयिक विषयों पर गहराई से अध्ययन कर तथ्यपरक जानकारी प्रस्तुत करती हैं। उनका अनुभव सैद्धांतिक के साथ-साथ व्यावहारिक और निरंतर शोध पर आधारित है। जन्म कुंडली विश्लेषण, ग्रह-नक्षत्रों की चाल और वैदिक ज्योतिष पर उनकी गहरी पकड़ उनके लेखों को विश्वसनीय बनाती है। खबरों की दुनिया से इतर, अनुराधा जी को किताबें पढ़ना पसंद है, जो उनके शोधपरक लेखन को और समृद्ध बनाता है।


विशेषज्ञता

कुंडली एवं ग्रह-दशा
ग्रह नक्षत्रों का लोगों पर असर
धर्म एवं भारतीय परंपराएं
व्रत-त्योहारों का महत्व
ग्रहों की स्थिति और राशियां

और पढ़ें
जानें लेटेस्ट Dharm News, Aaj ka Rashifal और सटीक Panchang की जानकारी। अपनी डेली पूजा के लिए यहाँ पढ़ें Shiv Chalisa, Hanuman Chalisa और Bajrang Baanहिंदू कैलेंडर 2026 की शुभ तिथियों के साथ अपने हर दिन को खास बनाएं!