माघ मास के स्नान की तारीख और माघ मास स्नान के नियम जानें
माघ मास साल 2026 में 3 जनवरी से शुरू होगा। पौष पूर्णिमा के बाद अगले दिन से माघ मास का स्नान होगा। पूर्णिमा के अगले दिन से शिवरात्रि तक माघ मास माना जाता है। माघ माह में प्रयागराज में माघ मेला लगता है
माघ मास साल 2026 में 3 जनवरी से शुरू होगा। पौष पूर्णिमा के बाद अगले दिन से माघ मास का स्नान होगा। पूर्णिमा के अगले दिन से शिवरात्रि तक माघ मास माना जाता है। माघ माह में प्रयागराज में माघ मेला लगता है, पौष पूर्णिमा के अगले दिन से माघ मेले का पहला स्नान होता है।इस साल माघ मेले का पहला स्नान 3 जनवरी को होगा। अगर आप भी माघ मेले में स्नान करने जा हे हैं, तो आपको इन नियमों के बारे में अच्छे से जानकारी होनी चाहिए।
माघ मेले के नियम
चाहें आप माघ मेले का स्नान करने प्रयाग, पुष्कर और कुरुक्षेत्र जाएं, लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि आपको माघ-सनान करना हो तो प्रातःकाल ही स्नान करना चाहिए। माघ मास में प्रातः सूर्योदय से पहले स्नान करने से बड़ा से बड़ा पाप दूर हो जाता है। ब्रह्मचारी, गृहस्थ, वानप्रस्थ, संन्यासी ओर बालक, वृद्ध, स्त्री तथा नपुंसक आदि सभी माघ मास में तीर्थ स्नान स्नान करने से उत्तम फल प्राप्त करते हैं। माघ-स्नान के व्रत और स्नान करने वाले को चाहिए कि वह संन्यासी की संयम रखें। नियमों का सख्ती से पालन करें। पौष-फाल्गुन के मध्य मकर के सूर्य में तीस दिन प्रातः माघ-स्नान करना बहुत ही उत्तम माना जाता है।माघके प्रथम दिन ही संकल्पपूर्वक माघ-स्नान का नियम ग्रहण करना चाहिए। सूर्यको अर्घ्य देकर पितरों का तर्पण करें। जलसे बाहर निकलकर इष्टदेव को प्रणाम कर श्रीहरि पूजन करें।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य है और सटीक है। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
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Anuradha Pandeyशार्ट बायो
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