Magh Gupt Navratri 2026: आज से शुरू हो गई माघ गुप्त नवरात्रि, जानिए घटस्थापना का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

Jan 19, 2026 09:40 am ISTNavaneet Rathaur लाइव हिन्दुस्तान
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गुप्त नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की गुप्त रूप से आराधना की जाती है। यह अवधि मुख्य रूप से साधकों, तांत्रिकों और गंभीर साधना करने वालों के लिए महत्वपूर्ण होती है। इस दौरान हठ योग, मंत्र जप, ध्यान, हवन और कठोर व्रत के माध्यम से आध्यात्मिक उन्नति और सिद्धि प्राप्त करने की परंपरा है।

Magh Gupt Navratri 2026: आज से शुरू हो गई माघ गुप्त नवरात्रि, जानिए घटस्थापना का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

माघ गुप्त नवरात्रि आध्यात्मिक और तांत्रिक साधना का विशेष समय माना जाता है। यह नवरात्रि साल में चार बार आने वाली नवरात्रियों में से एक है और माघ मास के शुक्ल पक्ष में पड़ती है। गुप्त नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की गुप्त रूप से आराधना की जाती है। यह अवधि मुख्य रूप से साधकों, तांत्रिकों और गंभीर साधना करने वालों के लिए महत्वपूर्ण होती है। इस दौरान हठ योग, मंत्र जप, ध्यान, हवन और कठोर व्रत के माध्यम से आध्यात्मिक उन्नति और सिद्धि प्राप्त करने की परंपरा है। वर्ष 2026 में माघ गुप्त नवरात्रि की शुरुआत आज 19 जनवरी 2026 से हो चुकी है। आइए जानते हैं इसकी तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व।

माघ गुप्त नवरात्रि 2026 की तिथि और शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, माघ शुक्ल प्रतिपदा तिथि 19 जनवरी 2026 को रात 1 बजकर 21 मिनट पर शुरू हुई और 20 जनवरी 2026 को रात 2 बजकर 14 मिनट पर समाप्त होगी। उदया तिथि के आधार पर माघ गुप्त नवरात्रि का पहला दिन 19 जनवरी 2026 यानी आज माना जाएगा। वहीं घटस्थापना का शुभ मुहूर्त आज सुबह 7 बजकर 14 मिनट से शुरू होकर 10 बजकर 46 मिनट तक रहेगा। अगर इस मुहूर्त में घटस्थापना नहीं कर पाएं, तो अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 11 मिनट से 12 बजकर 53 मिनट तक बहुत उत्तम है। इस दौरान कलश स्थापना और पूजन करने से पूरे नौ दिनों की साधना फलदायी होती है।

गुप्त नवरात्रि का आध्यात्मिक महत्व

गुप्त नवरात्रि को 'गुप्त' इसलिए कहा जाता है, क्योंकि इसमें साधना और पूजा गुप्त रूप से की जाती है। यह समय तंत्र, मंत्र साधना, हठ योग और कठोर तप के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। सामान्य भक्तों की अपेक्षा इस नवरात्रि में साधक और तांत्रिक अधिक सक्रिय रहते हैं। नौ दिनों तक मां दुर्गा के विभिन्न गुप्त स्वरूपों की आराधना से साधक को आध्यात्मिक शक्ति, सिद्धि और मनोकामनाओं की पूर्ति मिलती है। मान्यता है कि गुप्त नवरात्रि में की गई साधना का फल बहुत जल्दी और गहराई से प्राप्त होता है। यह पर्व ना केवल शक्ति की उपासना का है, बल्कि आत्म-संयम, एकाग्रता और गहन ध्यान का भी है।

घटस्थापना और पूजा विधि

पूजा विधि इस प्रकार है:

  • ब्रह्म मुहूर्त में स्नान कर साफ वस्त्र धारण करें।
  • पूजा स्थल को स्वच्छ कर लाल या पीला कपड़ा बिछाएं।
  • मां दुर्गा या उनके गुप्त स्वरूप (जैसे बगलामुखी, भैरवी, कमला आदि) की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
  • कलश स्थापना करें - कलश में जल भरें, आम या अशोक पत्ते डालें, ऊपर नारियल रखें।
  • गणेश पूजन के बाद संकल्प लें।
  • मां को रोली, अक्षत, फूल, सिंदूर, चुनरी, पीले/लाल फूल और भोग (हलवा, पुआ, फल) अर्पित करें।
  • घी का दीपक जलाएं, धूप दिखाएं।
  • दुर्गा सप्तशती, चंडी पाठ या बीज मंत्रों का जप करें।
  • अंत में आरती करें और प्रसाद वितरित करें।

नौ दिनों तक सात्विक भोजन और ब्रह्मचर्य का पालन करें।

गुप्त नवरात्रि के विशेष उपाय और लाभ

  • रोज सुबह सूर्योदय पर सूर्य को जल अर्घ्य दें।
  • मां दुर्गा के मंत्रों का जप (ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे) करें।
  • पीपल या आम के पेड़ को जल दें।
  • गरीबों को दान (अन्न, वस्त्र, तिल) करें।
  • रात में दीपक जलाकर मां की कृपा मांगें।

इस नवरात्रि में की गई साधना से साधक को सिद्धि, शक्ति और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है। गुप्त नवरात्रि का पालन करने से मनोकामनाएं जल्दी पूरी होती हैं और जीवन में सकारात्मक बदलाव आता है।

माघ गुप्त नवरात्रि 2026 आज 19 जनवरी से शुरू हो चुकी है। इस पवित्र समय का लाभ उठाएं, घटस्थापना करें और मां दुर्गा की आराधना से जीवन को सशक्त बनाएं।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Navaneet Rathaur

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नवनीत राठौर नए युग के डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें इस क्षेत्र में करीब 7 साल का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन के हिस्सा हैं। यहां वह अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष से जुड़ी खबरें लिखते हैं।


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डिजिटल मीडिया में अपनी अलग पहचान बना रहे नवनीत राठौर धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा में पाठकों के लिए परोसते हैं। वो अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और करीब 5 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान नवनीत ने वेबस्टोरी, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।


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नवनीत ने शारदा विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा से जनसंचार एवं पत्रकारिता में स्नातक और शुभारती विश्वविद्यालय से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।


नवनीत राठौर ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत जनतंत्र न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने सूर्या समाचार और अमर उजाला जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद नवनीत लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। पाठकों को सरल, विश्वसनीय और प्रेरणादायक जानकारी प्रदान करना ही नवनीत राठौर का मुख्य उद्देश्य है।


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