Lunar Eclipse 2026 timing: आज चंद्रग्रहण देश के विभिन्न हिस्सों में देखें, लाइव स्ट्रीमिंग से देखें ऑनलाइन
chandra grahan Visibility in india:साल का पहला खग्रास चंद्रग्रहण अब से कुछ देर में लगने जा रहा है। देश के विभिन्न हिस्सों में चंद्रग्रहण शाम 5 बजे से प्रारंभ होकर शाम 6:48 बजे तक दिखेगा, वैसे ग्रहण 3.30 पर शुरू होगा।

साल का पहला खग्रास चंद्रग्रहण अब से कुछ देर में लगने जा रहा है। देश के विभिन्न हिस्सों में चंद्रग्रहण शाम 5 बजे से प्रारंभ होकर शाम 6:48 बजे तक दिखेगा, वैसे ग्रहण 3.30 पर शुरू होगा। यह ग्रहण लगभग 20 मिनट तक ही स्पष्ट रूप से दृष्टिगोचर होगा। अधिकतर जगह चंद्रग्रहण का समय शाम 5 बजे से 5:48 बजे तक रहेगा, जिसके बाद इसका मोक्ष होगा। अगर आप इसे ऑनलाइन मोबाइल और लैपटॉप पर देखना चाहते हैं, तो आप इस ग्रहण को देख सकते हैं, इसके लिए नासा समेच कई जगह ऑनलाइन स्ट्रीमिंग की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा कई देशों में खगोलशात्री इसे देखने के लिए पहले से तैयार हैं।
फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा दिन मंगलवार को सायं 05.58 बजे ग्रहण लगेगा, जिसका मोक्ष 06.48 बजे होगा। आपको बता दें ग्रहण के समय चंद्रमा लाल रंग का हो जाएगा, इसलिए इसे ब्लड मून चंद्रग्रहण भी कहा जा रहा है। ग्रस्तोदित खण्डग्रास चन्द्रग्रहण सम्पूर्ण भारत वर्ष में दिखाई देगा, परन्तु ग्रहण का प्रारम्भ भारत के किसी भी स्थान में म दिखाई नहीं देगा। ग्रहण की खग्रास स्थिति की समाप्ति सुदूर पूर्वी भारत के कुछ स्थानों से दिखाई देगी तथा देश के बाकी सभी स्थानों में खण्ड चंद्र ग्रहण का मोक्ष ही दिखाई देगा। काशी सहित सम्पूर्ण भारत में यह ग्रस्तोदित खण्डग्रास चन्द्रग्रहण दिखाई देगा। ग्रहण का स्पर्श भारतीय समय सायं 05.58 पर एवं मोक्ष 06.48 बजे होगा।
ग्रहण काल में शयन न करें। भोजन न करें व प्रसन्न चित्त रहते हुए अपने आराध्य देव से गर्भ शिशु के लिए कल्याण की कामना करें। ग्रहण काल में किया हुआ जप, तप व सिद्धप्रद होता है। ग्रहण के पूर्व व ग्रहण के बाद भी स्नान करना चाहिए। भोजन आदि सामग्री में सूतक के पूर्व ही कुश का टुकड़ा डाल देना चाहिए।
भारत में कब दिखेगा चंद्रग्रहण
किस शहर में कितने बजे दिखेगा चंद्र ग्रहण?
अगर प्रमुख शहरों की बात करें तो-
दिल्ली में ग्रहण शाम 6:26 से 6:46 बजे तक दिखेगा
प्रयागराज में 6:08 से 6:46 बजे तक
वाराणसी में 6:04 से 6:46 बजे तक
कानपुर में 6:14 से 6:46 बजे तक
पटना और रांची में यह 5:55 से 6:46 बजे तक रहेगा
कोलकाता में 5:43 से 6:46 बजे तक दिखाई देगा
इसके अलावा भुवनेश्वर में शाम 05:54 से लेकर शाम 06:46 तक
चेन्नई में शाम 06:21 से लेकर शाम 06:46 तक
हैदराबाद में शाम 06:26 से लेकर शाम 06:46 तक और
बेंगलुरु में शाम 06:32 से लेकर शाम 06:46 तक दिखेगा
पूर्वोत्तर भारत के कुछ शहरों जैसे शिलांग, ईटानगर और गुवाहाटी में चंद्रमा पूर्ण रूप से ढका रहेगा. यहां दोपहर 2:14 बजे से शाम 7:53 बजे तक ग्रहण का प्रभाव रहेगा और पूर्णता की अवधि लगभग 3 घंटे 27 मिनट तक मानी गई है।
लेखक के बारे में
Anuradha Pandeyशार्ट बायो
अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।
परिचय और अनुभव
अनुराधा पांडे पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी चेहरा हैं, जिन्हें मीडिया में 16 वर्षों का व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और संस्थान के एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन की इंचार्ज हैं। अनुराधा पिछले 10 सालों से लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में लिख रही हैं। डिजिटल पत्रकारिता के दौर में उन्होंने धर्म जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपनी लेखनी से करोड़ों पाठकों का भरोसा जीता है। उनके पास खबरों को न केवल प्रस्तुत करने, बल्कि सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और विश्लेषणात्मक कंटेंट देने का लंबा अनुभव है। वह शिव महापुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और कई अन्य शास्त्रों के जटिल तथ्यों को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं।
शैक्षणिक योग्यता और पेशेवर सफर
अनुराधा ने अपने करियर की शुरुआत साल 2010 में आज समाज अखबार से की। इसके बाद उन्होंने 'आज तक' (Aaj Tak) में एजुकेशन सेक्शन में तीन साल तक अपनी सेवाएं दीं। साल 2015 से वह लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ी हैं और एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का नेतृत्व कर रही हैं। उनका गहरा अनुभव उन्हें जटिल विषयों पर सरल और प्रभावी ढंग से लिखने में सक्षम बनाता है। उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है। इसके साथ ही दिल्ली विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन, सीसीएसयू से एम.कॉम और कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन एवं मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है।
विजन
अनुराधा का उद्देश्य एस्ट्रोलॉजी (धर्म) के माध्यम से राशियों पर ग्रहों के प्रभाव, कुंडली, ग्रहों की स्थिति, नक्षत्र, भाव और दशा-विश्लेषण को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना है। ग्रहों का व्यक्ति के जीवन के विभिन्न पहलुओं पर क्या असर पड़ता है, इन जटिल ज्योतिषीय अवधारणाओं को आम पाठकों के लिए सुलभ बनाना उनकी प्राथमिकता है। इसके साथ ही टीम का कुशल मार्गदर्शन और कंटेंट की क्वालिटी सुनिश्चित करना भी उनके विजन का अहम हिस्सा है।
विशेषज्ञता के प्रमुख क्षेत्र
कुंडली एवं ग्रह-दशा के माध्यम से राशियों पर ग्रहों का प्रभाव, नक्षत्रों का आम लोगों की जिंदगी पर असर और इससे जुड़ी एक्सपर्ट से वेरिफाइड सलाह पाठकों तक पहुंचाना उनका प्रमुख कार्य क्षेत्र है। वे धार्मिक और समसामयिक विषयों पर गहराई से अध्ययन कर तथ्यपरक जानकारी प्रस्तुत करती हैं। उनका अनुभव सैद्धांतिक के साथ-साथ व्यावहारिक और निरंतर शोध पर आधारित है। जन्म कुंडली विश्लेषण, ग्रह-नक्षत्रों की चाल और वैदिक ज्योतिष पर उनकी गहरी पकड़ उनके लेखों को विश्वसनीय बनाती है। खबरों की दुनिया से इतर, अनुराधा जी को किताबें पढ़ना पसंद है, जो उनके शोधपरक लेखन को और समृद्ध बनाता है।
विशेषज्ञता
कुंडली एवं ग्रह-दशा
ग्रह नक्षत्रों का लोगों पर असर
धर्म एवं भारतीय परंपराएं
व्रत-त्योहारों का महत्व
ग्रहों की स्थिति और राशियां



