28 अगस्त का चंद्र ग्रहण इन 5 राशियों के लिए रहेगा खास, कुंभ-सिंह समेत इन राशियों को रहना होगा सावधान

लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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Lunar Eclipse 2026: 28 अगस्त 2026 को साल का आखिरी चंद्र ग्रहण लगेगा। ज्योतिषीय गणना के अनुसार ग्रहण के समय चंद्रमा कुंभ राशि और शतभिषा नक्षत्र में रहेगा, जिसके स्वामी राहु हैं। इसी वजह से इस ग्रहण को ज्योतिष की नजर से खास माना जा रहा है।

chandra grahan 2026
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28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन साल का आखिरी चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। खगोलीय रूप से यह गहरा आंशिक चंद्र ग्रहण होगा, लेकिन ज्योतिष के नजरिए से इसकी चर्चा इसलिए ज्यादा है क्योंकि ग्रहण के समय चंद्रमा कुंभ राशि और शतभिषा नक्षत्र में रहेगा। शतभिषा नक्षत्र के स्वामी राहु हैं। ऐसे में चंद्रमा, कुंभ राशि और राहु का संबंध इस ग्रहण को ज्योतिषीय रूप से खास बना रहा है। ज्योतिष में चंद्रमा को मन, भावनाओं, सोच और मानसिक स्थिति का कारक माना जाता है। वहीं राहु को भ्रम, अचानक बदलाव, असमंजस और अप्रत्याशित घटनाओं से जोड़कर देखा जाता है। ऐसे में शतभिषा में लगने वाले इस ग्रहण को लेकर कुछ राशियों को भावनाओं में बहकर फैसला लेने से बचने की सलाह दी जा रही है।

कुंभ राशि में ही क्यों खास है ग्रहण?

28 अगस्त को चंद्र ग्रहण के समय चंद्रमा कुंभ राशि में करीब 10 डिग्री के आसपास रहेगा और शतभिषा नक्षत्र में होगा। सूर्य इसके सामने सिंह राशि में रहेगा। यही पूर्णिमा के दौरान बनने वाला ग्रहण का खगोलीय आधार है। ज्योतिषीय गणना में शतभिषा का स्वामी राहु माना जाता है, इसलिए ग्रहण के साथ राहु का संबंध भी चर्चा में है। कुंभ राशि को विचार, समाज, नेटवर्क, तकनीक और बड़े समूहों से जोड़कर देखा जाता है। इसलिए ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार इस ग्रहण का असर केवल व्यक्तिगत स्तर पर ही नहीं, बल्कि सामूहिक सोच और सामाजिक गतिविधियों से जुड़े मामलों में भी देखा जा सकता है।

किन 5 राशियों पर ज्यादा असर?

1. कुंभ राशि

ग्रहण आपकी ही राशि में होने से इसका प्रभाव सबसे सीधे तौर पर देखा जा सकता है। मन में चल रही किसी बात को लेकर बेचैनी बढ़ सकती है। पुराने मुद्दे फिर सामने आ सकते हैं। नौकरी या कारोबार से जुड़ा कोई फैसला जल्दबाजी में लेने से बचें। रिश्तों में भी सामने वाले की बात पूरी सुने बिना प्रतिक्रिया न दें।

2. सिंह राशि

कुंभ के सामने सिंह राशि आती है और ग्रहण के समय सूर्य सिंह में रहेगा। ऐसे में सिंह राशि वालों के लिए रिश्तों और साझेदारी से जुड़े मामलों में धैर्य जरूरी रहेगा। पति-पत्नी, पार्टनर या कारोबारी सहयोगी के साथ किसी छोटी बात को बड़ा बनाने से बचना बेहतर होगा।

3. मकर राशि

मकर राशि वालों के लिए पैसों से जुड़े फैसले महत्वपूर्ण रहेंगे। अचानक खर्च या ऐसी खरीदारी सामने आ सकती है जिसकी अभी जरूरत न हो। उधार देने या बिना पूरी जानकारी के निवेश करने से बचें। बातचीत में भी अपनी बात सोच-समझकर रखें।

4. वृषभ राशि

करियर के मोर्चे पर दबाव महसूस हो सकता है। काम की जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं या किसी पुराने काम का जवाब देना पड़ सकता है। ऑफिस में वरिष्ठ लोगों के साथ बहस से बचें। इस समय अपनी मेहनत पर ध्यान देना ज्यादा फायदेमंद रहेगा।

5. मीन राशि

मीन राशि वालों को खर्च और मानसिक तनाव के मामले में सावधान रहने की सलाह दी जाती है। अचानक कोई खर्च सामने आ सकता है। नींद और आराम को नजरअंदाज न करें। भावनात्मक स्थिति में लिया गया बड़ा फैसला बाद में परेशानी दे सकता है।

भारत में नहीं दिखेगा ग्रहण

इस पूरे घटनाक्रम की एक अहम बात यह है कि 28 अगस्त का चंद्र ग्रहण भारत से दिखाई नहीं देगा। ग्रहण का अधिकतम चरण भारतीय समय के अनुसार सुबह करीब 9:43 बजे रहेगा, जबकि उस समय भारत में चंद्रमा क्षितिज के नीचे होगा। वैज्ञानिक स्रोतों के अनुसार भारत समेत चीन और जापान में भी यह ग्रहण दिखाई नहीं देगा।

क्या सूतक का असर होगा?

चूंकि ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भारत में सूतक को लेकर अलग-अलग पंचांगों में स्थिति बताई गई है। कई पंचांग परंपराएं अदृश्य ग्रहण के लिए सूतक नहीं मानतीं। इसलिए रक्षाबंधन के पर्व पर पूजा और राखी बांधने को लेकर स्थानीय पंचांग की मान्यता को प्राथमिकता देना बेहतर रहेगा।

क्या राहु के कारण ग्रहण ज्यादा प्रभावी माना जा रहा है?

ज्योतिष में राहु को छाया ग्रह कहा जाता है। चंद्रमा के साथ राहु का संबंध ग्रहण की अवधारणा में भी महत्वपूर्ण माना जाता है। इस बार ज्योतिषीय गणना में चंद्रमा शतभिषा नक्षत्र में रहेगा और इस नक्षत्र के स्वामी राहु हैं। इसी वजह से ज्योतिष में इस ग्रहण को राहु से जोड़कर देखा जा रहा है।इसलिए 28 अगस्त का चंद्र ग्रहण केवल रक्षाबंधन के साथ पड़ने वाली खगोलीय घटना नहीं है। ज्योतिष में कुंभ राशि, शतभिषा नक्षत्र और राहु के संबंध के कारण इसे खास माना जा रहा है। खासकर कुंभ, सिंह, मकर, वृषभ और मीन राशि वालों को इस दौरान जल्दबाजी से बचने और महत्वपूर्ण फैसले सोच-समझकर लेने की सलाह दी जा रही है।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Yogesh Joshi

लेखक के बारे में

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योगेश जोशी डिजिटल पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। ज्योतिष और धार्मिक विषयों पर उनका लेखन पाठक-केंद्रित और व्यावहारिक दृष्टिकोण के लिए जाना जाता है। राशिफल, ग्रह-गोचर, दशा-महादशा, अंकज्योतिष, सामुद्रिक शास्त्र, वास्तु, फेंगशुई और पूजा-विधि जैसे विषय उनके काम का प्रमुख हिस्सा हैं।


परिचय और अनुभव


योगेश जोशी ने डिजिटल मीडिया में काम करते हुए खबर और कंटेंट के बदलते स्वरूप को नजदीक से समझा है। पत्रकारिता में 8 वर्षों के अनुभव के साथ वह फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर की भूमिका निभा रहे हैं।


न्यूज़ और फीचर कंटेंट से शुरू हुआ उनका सफर आज ज्योतिष और धार्मिक विषयों तक पहुंच चुका है, जहां वह पारंपरिक ज्ञान को मौजूदा समय और डिजिटल पाठक की जरूरतों के हिसाब से प्रस्तुत करते हैं। उनका फोकस हमेशा इस बात पर रहता है कि कंटेंट जानकारी दे, उलझाए नहीं।


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