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Lohri 2025: 13 या फिर 14 जनवरी, कब है लोहड़ी? नई-नवेली दुल्हन ना करें ये 2 गलती

Lohri 2025: 13 या फिर 14 जनवरी, कब है लोहड़ी? नई-नवेली दुल्हन ना करें ये 2 गलती

संक्षेप:

हर बार की तरह इस बार भी लोगों को कन्फ्यूजन है कि आखिर लोहड़ी 13 को है या फिर 14 को? नीचे जानें इस बार लोहड़ी कब मनाई जा रही है। साथ ही जानें कि जो नई-नवेली दुल्हनें हैं उन्हें कौन सी गलती नहीं करनी चाहिए।

Jan 08, 2026 05:32 pm ISTGarima Singh लाइव हिन्दुस्तान
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Lohri 2026: हर साल लोहड़ी का त्योहार मकर संक्रांति से एक दिन पहले यानी 13 जनवरी को मनाया जाता है। इसे मुख्य रूप से लोग पंजाब और हरियाणा में बड़े उत्साह के साथ मनाते हैं। हालांकि अब पूरे देश में लोग इसे खुशी और उल्लास के साथ सेलिब्रेट किया जाता है। इस खास मौके पर परिवार के सभी सदस्य अग्नि के चारों ओर इकट्ठा होकर पॉपकॉर्न, रेवड़ी और मूंगफली को उसमें अर्पित करते हैं। साथ ही गाने-बजाने का आनंद भी लिया जाता है। माना जाता है कि ये त्योहार सर्दी के अंत और नई फसल के आने का प्रतीक होता है। इस खास मौके पर लोग अपनों के साथ मिलकर सरसों के साग और मक्के की रोटी का भी आनंद लेते हैं। खैर हर बार की तरह लोग इस बार भी कन्फ्यूज है कि आखिर लोहड़ी किस तारीख को है? नीचे जानें इसके बारे में और साथ ही जानें इस बार के शुभ मुहूर्त के बारे में...

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कब है लोहड़ी?

लोहड़ी को लेकर हर बार लोगों के मन में एक कन्फ्यूजन जरूर होता है कि ये आखिर 13 को होगी या फिर 14 को? इस बार भी सेम सिचुएशन ही है। बता दें कि 2026 में लोहड़ी 13 जनवरी को ही मनाई जाएगी। इस बार 13 जनवरी को दिन में 3:18 बजे तक भद्रा रहने वाली है। इसके अगले दिन ही सूर्य का उत्तरायण होता है। इसी दिन सूर्य ग्रह मकर राशि में गोचर करेंगे और ऐसे में कई लोग अपनी जिंदगी में बदलाव जरूर देखेंगे। इसी दिन मकर संक्रांति होती है। बात करें लोहड़ी की तो इस मौके पर नई-नवेली दुल्हन अपनों के साथ मिलकर इस त्योहार को मनाती है। घर के सभी सदस्य एक साथ समय बिताते हैं।

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नई-नवेली दुल्हनें ना करें ये गलतियां

नव-विवाहित जोड़ों के लिए लोहड़ी का पर्व बेहद ही खास होता है। इस खास मौके पर नव विवाहित जोड़े मिलकर पूजा करते हैं। ऐसे में नई-नवेली दुल्हनों को इस दौरान खास ख्याल रखना चाहिए। नियम के अनुसार नई दुल्हनों को इस त्योहार पर काले रंग के कपड़े नहीं पहनने चाहिए। पूजा के दौरान घर के सभी बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद जरूर लेना चाहिए।

डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)

Garima Singh

लेखक के बारे में

Garima Singh

शॉर्ट बायो


गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।


परिचय और अनुभव

गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। वह पिछले 8 महीनों से लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।


करियर

गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।


एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच

गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।


व्यक्तिगत रुचियां

काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।


विशेषज्ञता

वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई, डेली और वीकली राशिफल

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