
Labh Panchami : लाभ पंचमी आज, जानें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और उपाय
हिंदू धर्म में लाभ पंचमी का बहुत अधिक महत्व होता है। यह त्योहार मुख्य रूप से गुजरात में बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इसे सौभाग्य लाभ पंचमी भी कहा जाता है। दीपावली का आखिरी दिन लाभ पंचमी के रूप में मनाया जाता है। यह दिन शुभ लाभ और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।
हिंदू धर्म में लाभ पंचमी का बहुत अधिक महत्व होता है। यह त्योहार मुख्य रूप से गुजरात में बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इसे सौभाग्य लाभ पंचमी भी कहा जाता है। दीपावली का आखिरी दिन लाभ पंचमी के रूप में मनाया जाता है। यह दिन शुभ लाभ और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। ऐसा विश्वास है कि साल का यह दिन सबसे भाग्यशाली और फलदायी दिन होता है। इस साल लाभ पंचमी 26 अक्टूबर 2025 (रविवार) को है। यह तिथि कार्तिक महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी को पड़ रही है।

लाभ पंचमी 2025: तिथि और मुहूर्त
पंचमी तिथि शुरू: 26 अक्टूबर 2025, सुबह 3:48 बजे
पंचमी तिथि समाप्त: 27 अक्टूबर 2025, सुबह 6:04 बजे
प्रातःकाल पूजा मुहूर्त: सुबह 6:29 बजे से 10:13 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:42 बजे से दोपहर 12:27 बजे तक
लाभ पंचमी का महत्व
गुजरात में लाभ पंचमी का बहुत धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। इस दिन लोग भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की पूजा करते हैं ताकि जीवन में धन, सौभाग्य और तरक्की आए।व्यवसाय से जुड़े लोगों के लिए यह दिन खास माना जाता है, क्योंकि इसे नए काम या व्यापार शुरू करने के लिए सबसे शुभ दिन माना गया है। दीपावली के बाद आने वाली पंचमी तिथि को नया साल शुरू करने का भी शुभ संकेत माना जाता है। यानी लाभ पंचमी को नए साल का पहला कार्य दिवस भी कहा जाता है।
लाभ पंचमी पूजा विधि
इस दिन लोग अपने घर और दफ्तर में लक्ष्मी-गणेश की स्थापना करते हैं और सुंदर तरीके से सजाते हैं।
भगवान गणेश की पूजा बाधाएं दूर करने के लिए और माता लक्ष्मी की पूजा धन व सौभाग्य प्राप्त करने के लिए की जाती है।
इस दिन लोग नए बही-खाता लाते हैं और सबसे पहले उसके पहले पेज पर ‘श्री’, ‘स्वस्तिक’ और ‘ॐ’ लिखते हैं।
लोग अपने दोस्तों और परिवारवालों को बुलाकर घर पर पूजा और उत्सव मनाते हैं।
कुछ जगहों पर मां सरस्वती की भी पूजा की जाती है- ज्ञान और बुद्धि की प्राप्ति के लिए।
कई लोग इस दिन दान-पुण्य करते हैं-गरीबों को खाना, कपड़े, मिठाई और पैसे देते हैं।
आज का दिन बहुत खास है, क्योंकि लाभ पंचमी पर एक नहीं बल्कि तीन शुभ योग बन रहे हैं — रवि योग, शोभन योग और सर्वार्थ सिद्धि योग। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाई जाने वाली लाभ पंचमी को सौभाग्य पंचमी और ज्ञान पंचमी भी कहा जाता है।
आज के दिन सूर्य तुला राशि में हैं और चंद्रमा सुबह 10 बजकर 46 मिनट तक वृश्चिक राशि में रहेगा। इसके बाद धनु राशि में प्रवेश करेगा। इस खास संयोग में की गई पूजा और शुभ कार्य बेहद फलदायी माने जाते हैं।
लाभ पंचमी का महत्व
लाभ पंचमी को दीपावली के पांचवे दिन मनाया जाता है। यह दिन धन, सौभाग्य और तरक्की का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन जो भी व्यक्ति शुभ कार्य या पूजा करता है, उसके जीवन में आर्थिक प्रगति और स्थिरता आती है। यह दिन खासकर व्यापार से जुड़े लोगों के लिए बेहद शुभ होता है। ऐसा कहा जाता है कि जो व्यक्ति इस दिन नए कार्य, सौदा या व्यवसाय की शुरुआत करता है, उसे पूरे साल लाभ ही लाभ मिलता है।
क्या करें
इस दिन चांदी या पीतल का कछुआ खरीदकर घर लाना धन और स्थायित्व का संकेत माना जाता है।
व्यापारी वर्ग अपनी नई डायरी में शुभ-लाभ लिखकर कारोबार शुरू करने से पहले मां लक्ष्मी को खीर का भोग लगाते हैं और सात कन्याओं को भोजन करवाते हैं। ऐसा करने से माना जाता है कि कारोबार में आने वाली रुकावटें दूर होती हैं और मां लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
पूजा स्थल या तिजोरी में हल्दी की गांठ और फूल रखने से घर में बरकत बनी रहती है और आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।





