क्या राहु की महादशा में शादी करनी चाहिए?
rahu mahadasha Vivah:राहु की महादशी में शादी करनी चाहिए या नहीं, इसको लेकर अधिकतर लोगों के मन में सवाल रहता है। ऐसे में अगर आप भी ऐसा कुछ जानना चाहते हैं तो आप सवाल पूछ सकते हैं।

Rahu mahadasha Vivah:राहु की महादशी में शादी करनी चाहिए या नहीं, इसको लेकर अधिकतर लोगों के मन में सवाल रहता है। ऐसे में अगर आप भी ऐसा कुछ जानना चाहते हैं तो आप सवाल पूछ सकते हैं। दरअसल राहु की महादशा 18 साल तक रहती है, ऐसे में इस महादशा में राहु आपकी बुद्धि यानी दिमाग पर सवार रहता है। इस दशा में जो रिश्ते बनते हैं वो अधिक समय तक टिकते नहीं है। इसलिएकहा जाता है कि राहु की महादशा में विवाह नहीं करना चाहिए। लेकिन अगर किसी की विवाह की उम्र है तो क्या ऐसा संभव है कि राहु की महादशा में विवाह किया जा सकता है। इसको लेकर ही हम आपकी शंकाओं का समाधान करेंगे। बाकी यहां हम सामान्य ही जानकारी दे रहे हैं, हर व्यक्ति के बारे में सही जानकारी सकी कुंडली को देखकर ही बताई जा सकती है, इसलिए इसे हर किसी के लिए सही नहीं माना जा सकता है।
राहु की महादशा में कन्या कब विवाह करें
राहू की, राहू की महादशा 18 वर्ष की होती है। तो राहू की महादशा में जब राहू की अंतर्दशा मतलब राहू की महादशा जब शुरू होती है तो जस्ट उसके बाद अंतर्दशा भी राहू की होती है, वो विवाह के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता है और उसमें नहीं करना चाहिए। राहू की महादशा में राहू की अंतर्दशा के बाद राहू गुरु का अंतर्दशा शुरू होता है, मतलब महादशा राहू की ही रहेगी लेकिन गुरु की अंतर्दशा आती है तो उसमें विवाह करने के लिए अच्छा माना जाता है खासकर कन्याओं के लिए।
राहु की महादशा में पुरुष कब विवाह करें
राहू की महादशा में जब शुक्र की अंतर्दशा आती है तो ये पुरुषों के लिए अच्छा माना जाता है। और राहू की महादशा में अगर सप्तमेश की अंतर्दशा आए तो अ वो उस व्यक्ति के जो व्यक्ति विवाह की बात करता है उसके लिए ये अच्छा माना जाता है। तो इसको तीन चरण में हम बांटते हैं कि राहू की महादशा में एक सा समय नहीं होता है। दूसरा, राहू की महादशा में गुरु की अंतर्दशा में विवाह किया जा सकता है। राहू की अंतर्दशा राहू की महादशा में शुक्र की अंतर्दशा में विवाह होती है और राहू की महादशा में सप्तमेश की अंतर्दशा में भी विवाह होती है।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
लेखक के बारे में
Anuradha Pandeyशार्ट बायो
अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।
परिचय और अनुभव
अनुराधा पांडे पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी चेहरा हैं, जिन्हें मीडिया में 16 वर्षों का व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और संस्थान के एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन की इंचार्ज हैं। अनुराधा पिछले 10 सालों से लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में लिख रही हैं। डिजिटल पत्रकारिता के दौर में उन्होंने धर्म जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपनी लेखनी से करोड़ों पाठकों का भरोसा जीता है। उनके पास खबरों को न केवल प्रस्तुत करने, बल्कि सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और विश्लेषणात्मक कंटेंट देने का लंबा अनुभव है। वह शिव महापुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और कई अन्य शास्त्रों के जटिल तथ्यों को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं।
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