मई में तीन राशियों को मिलेगा भाग्य का साथ, जब शनि अमावस्या से पहले सूर्य बदलेंगे राशि?
मई में तीन राशियों को मिलेगा भाग्य का साथ, जब शनि अमावस्या से पहले सूर्य राशि बदलेंगे। इससे कई राशियों के लिए लाभ के योग बनेंगे, आपको एक साथ कई तरह के लाभ मिलेंगे। आइए जानते हैं और सूर्य और शनि के कारण क्या होता है असर

मई में तीन राशियों को मिलेगा भाग्य का साथ, जब शनि अमावस्या से पहले सूर्य राशि बदलेंगे। इससे कई राशियों के लिए लाभ के योग बनेंगे, आपको एक साथ कई तरह के लाभ मिलेंगे। सूर्य गोचर मेष राशि से वृषभ राशि में होने जा रहा है। सूर्य अपनी उच्च राशि मेष में से वृषभ राशि में जा रहे हैं। सूर्य मेष राशि में 15 मई तक रहेंगे। इसके बाद सूर्य वृषभ राशि में आएंगे। सूर्य को ज्योतिष शास्त्र में नेतृत्व, आत्मविश्वास और पर्सनल डेलव्पमेंट का कारक माना जाता है। आपको बता दें कि सूर्य बलवान होकर कई राशियों के लिए लाभ के कारक बनते हैं। इससे आपको लाभ मिलता है और इससे आपको कॉन्फिडेंस बढ़ने से नौकरी में और सरकारी लाभ मिलने के योग बनते हैं। एस्ट्रोलॉजर सूर्य के गोचर को बहुत खास मानते हैं। आइए जानते हैं और सूर्य और शनि के कारण क्या होता है असर
पढ़ें किन तीन राशियों पर होगा असर?
मीन राशि वालों के लिए यह गोचर अच्छा हो सकता है, मई के बीच से इस राशि के लोगों को भाग्य से काम बनेंगे, शनि की साढ़ेसाती में शनि लाभ देंगे, वहीं सूर्य गोचर भी इस राशि को सही फैसले लेने में मदद करेगा। आपको परिवार से भी सपोर्ट फुल रहेगा।
सिंह राशि
सिंह राशि के लिए भी सूर्य गोचर अच्छा रहेगा, क्योंकि सूर्य इसी राशि के स्वामी है, वहीं शनि की ढैय्या इस राशि में है तो आपके लिए अच्छे योग बन रहे हैं, लक अच्छा है, इसिलए आप अच्छे से लाभ पाएंगे। अचानक पैसा मिल सकता है। आपके लिए जीवनसाथी का सपोर्ट इतना रहेगा, कि आपको कोई मुश्किल बड़ी नहीं लगेगी।
कन्या राशि के लिए शनि लाभ के योग लाएंगे, शनि अमावस्या पर कन्या राशि के लिए लकी योग रहेंगे। वहीं सूर्य का साथ भी इस राशि को मिलेगा। आपके लिए अच्छे योग हैं, जो आपको फ्यूचर में लाभ दिलाएंगे, इसके लिए लंबे समय की प्लानिंग करनी होगी।
इसके साथ ही सूर्य को रोज जल अर्पित करेंगे तो लाभ होगा। आपको समय -समय पर सूर्य और शनि से जुड़े उपाय लाभ देंगे। सूर्य अगर कमजोर हैं तो रविवार के दिन मंदिर में तांबे का छोटा सा बर्तन अर्पित करके आएंगे । इससे आपका सूर्य अच्छा होगा। इसके साथ ही आप तांबे के लौटे में चल लेकर सूर्य को चढ़ाएं, इससे भी सूर्य चमकेंगे।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य है और सटीक है। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
लेखक के बारे में
Anuradha Pandeyशार्ट बायो
अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।
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अनुराधा पांडे पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी चेहरा हैं, जिन्हें मीडिया में 16 वर्षों का व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और संस्थान के एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन की इंचार्ज हैं। अनुराधा पिछले 10 सालों से लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में लिख रही हैं। डिजिटल पत्रकारिता के दौर में उन्होंने धर्म जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपनी लेखनी से करोड़ों पाठकों का भरोसा जीता है। उनके पास खबरों को न केवल प्रस्तुत करने, बल्कि सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और विश्लेषणात्मक कंटेंट देने का लंबा अनुभव है। वह शिव महापुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और कई अन्य शास्त्रों के जटिल तथ्यों को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं।
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