कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती कब खत्म होगी और इसके अस्तकाल में क्या असर होता है?
Kumbh rashi shani sadesati: कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है, इसमें भी शनि का अस्तकाल चल रहा है, जो साल 2027 में खत्म होगा। इन 3 चरणों में आप पर क्या असर होता है, यहां पढ़ें

शनि को लेकर अगर आप डर रहे हैं कि शनि आपको परेशान करेंगे तो आपको बता दें कि शनि हर किसी को परेशान नहीं करते हैं। यह बहुत हद तक आपकी कुंडली और आपके कर्मों पर निर्भर करता है। शनि आपकी राशि में कहां बैठे हैं, इससे भी काफी चीजे तय होती हैं, इसके अलावा ग्रहों की अंतर्दशा और महादशा का भी असर होता है। इसलिए शनि को लेकर हमें इतना नहीं डरना चाहिए। कई ऐसे भी लोग होते हैं जो अपने साढ़ेसाती में बहुत धन पाते हैं। उनको इस दौरान अच्छा लाभ मिलता है, इतना जितना कि वो पहले कभी नहीं पाएं हैं। वहीं कुछ लोगों के लिए शनि की दिक्कत देते हैं। शनि की साढ़ेसाती ढ़ाई-ढ़ाई साल के तीन चरणों में होती है। अभी शनि का अस्त काल चल रहा है।
पहले दो चरणों में क्या फील हो सकता है?
शनि के पहले दो चरणों में दूसरा चरण कष्टकारी होता है। पहले आपकी आर्थिक स्थिति पर चोट होती है, मसलन अगर आप नौकरी करते हैं तो नौकरी जाती है। आप अपने आपको साबित करना चाहते हैं, लेकिन फिर मौका नहीं मिलता। पर्सनल लाइफ में आपकी शादी में दिक्कतें शुरू होती हैं।आप दोनों में इमोशनली चीजें दूर होने लगेंगी। इसके बाद हेल्थ को लेकर दिक्कतें शुरू होती हैं, आपको किसी हेल्थ के तौर पर किसी बड़ी बीमारी या फिर किसी परेशानी से झूझना पड़ता है।
तीसरे चरण में क्या फील हो सकता है?
तीसरे चरण में आप किसी लीगल मामले में भी आप फंस सकते हैं। वहीं कुछ लोगों में इतना कुछ सहने के बाद डिप्रेशन हो जाता है, यह हम आपको सिर्फ स्थितियां बता रहे हैं, जिनके ग्रह खराब हैं, उनके साथ ऐसा होता है। लेकिन इसके बाद स्थिति कितनी सही होती है ये आपकी कुंडली पर निर्भरकरता है कि आपकी कुंडली में ग्रह कैसे हैं। साढ़ेसाती को लेकर हर किसी को परेशान होने की जरूरत नहीं होती है। आपके लिए काफी चीजें सही भी हो सकती हैं।
शनि साढ़ेसाती और शनि की महादशा
अगर शनि साढ़ेसाती और शनि की महादशा में आ जाए तो चीजें और भी दिक्कत वाली हो सकती हैं। कुछ लोगों के जीवन में इसका उलट असर भी होता है, उनको शनि की महादशा में लाभ होता है। इसलिए आपकी शनि की महादशा में शनि की कौन से अंतर्दशा है और शनि साढ़ेसाती के दौरान कौन सा ग्रह है उन सभी का ध्यान से विश्लेषण करके ही इस बारे में जानना चाहिए।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
लेखक के बारे में
Anuradha Pandeyशार्ट बायो
अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।
परिचय और अनुभव
अनुराधा पांडे पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी चेहरा हैं, जिन्हें मीडिया में 16 वर्षों का व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और संस्थान के एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन की इंचार्ज हैं। अनुराधा पिछले 10 सालों से लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में लिख रही हैं। डिजिटल पत्रकारिता के दौर में उन्होंने धर्म जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपनी लेखनी से करोड़ों पाठकों का भरोसा जीता है। उनके पास खबरों को न केवल प्रस्तुत करने, बल्कि सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और विश्लेषणात्मक कंटेंट देने का लंबा अनुभव है। वह शिव महापुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और कई अन्य शास्त्रों के जटिल तथ्यों को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं।
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