कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती कब खत्म होगी? जानें पूरी टाइमलाइन और असर

Mar 29, 2026 06:00 pm ISTYogesh Joshi लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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कुंभ राशि वालों के लिए शनि की साढ़ेसाती का समय अब धीरे-धीरे खत्म होने की तरफ बढ़ रहा है। पिछले कुछ साल इस राशि के लोगों के लिए आसान नहीं रहे। काम में रुकावट आई, कई काम समय पर पूरे नहीं हुए। मेहनत के बावजूद नतीजे देर से मिले।

कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती कब खत्म होगी? जानें पूरी टाइमलाइन और असर

कुंभ राशि वालों के लिए शनि की साढ़ेसाती का समय अब धीरे-धीरे खत्म होने की तरफ बढ़ रहा है। पिछले कुछ साल इस राशि के लोगों के लिए आसान नहीं रहे। काम में रुकावट आई, कई काम समय पर पूरे नहीं हुए। मेहनत के बावजूद नतीजे देर से मिले। ऐसे में कई लोगों को मानसिक दबाव भी झेलना पड़ा। अब स्थिति पहले जैसी नहीं है। इस समय साढ़ेसाती का आखिरी हिस्सा चल रहा है। इसे उतरता चरण कहा जाता है। इस दौरान हालात थोड़े संभलने लगते हैं। काम बनने लगते हैं, लेकिन रफ्तार अभी भी धीमी रहती है। फर्क इतना है कि अब चीजें पूरी तरह रुकती नहीं हैं।

अभी क्या चल रहा है?

फिलहाल कुंभ राशि पर साढ़ेसाती का अंतिम चरण है। पहले के मुकाबले दबाव कम हुआ है, लेकिन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ।

इस समय-

  • काम पूरे हो रहे हैं, लेकिन समय लग रहा है।
  • जो काम पहले अटके हुए थे, उनमें अब धीरे-धीरे आगे बढ़त दिख रही है।
  • मेहनत का असर दिखने लगा है, बस थोड़ा धैर्य रखना पड़ रहा है।

राहत कब मिलेगी?- ज्योतिष के अनुसार, 3 जून 2027 के बाद कुंभ राशि वालों को राहत मिलनी शुरू हो जाएगी।इस दिन शनि मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करेंगे। इसके बाद काम में तेजी आने लगेगी। मानसिक दबाव कम होगा और फैसले लेना आसान लगेगा।

पूरी राहत कब तक?

  • 2027 के बाद हालात धीरे-धीरे सुधरेंगे।
  • 2028 की शुरुआत तक स्थिति काफी हद तक सामान्य हो जाएगी।
  • जो दबाव लंबे समय से चल रहा था, वह खत्म होने लगेगा।

आखिरी चरण में क्या असर दिखता है?

  • इस समय को थोड़ा बेहतर माना जाता है।
  • मेहनत का फल मिलने लगता है।
  • रुके हुए काम पूरे होते हैं।
  • करियर में स्थिरता आती है।
  • पैसों की स्थिति भी धीरे-धीरे संभलने लगती है।
  • मन पहले के मुकाबले हल्का महसूस होता है।

क्या ध्यान रखना चाहिए?

  • जल्दबाजी से बचें।
  • जो काम चल रहा है, उसे सही तरीके से पूरा करें।
  • पैसों के मामले में रिस्क लेने से बचें।
  • धैर्य बनाए रखना जरूरी है।

क्या करें?

  • शनिवार को हनुमान जी की पूजा कर सकते हैं।
  • हनुमान चालीसा पढ़ना अच्छा माना जाता है।
  • “ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का जाप किया जाता है।
  • जरूरतमंद लोगों को भोजन या कपड़ा देना भी सही माना जाता है।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य है और सटीक है। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Yogesh Joshi

लेखक के बारे में

Yogesh Joshi

योगेश जोशी डिजिटल पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। ज्योतिष और धार्मिक विषयों पर उनका लेखन पाठक-केंद्रित और व्यावहारिक दृष्टिकोण के लिए जाना जाता है। राशिफल, ग्रह-गोचर, दशा-महादशा, अंकज्योतिष, सामुद्रिक शास्त्र, वास्तु, फेंगशुई और पूजा-विधि जैसे विषय उनके काम का प्रमुख हिस्सा हैं।


परिचय और अनुभव


योगेश जोशी ने डिजिटल मीडिया में काम करते हुए खबर और कंटेंट के बदलते स्वरूप को नजदीक से समझा है। पत्रकारिता में 8 वर्षों के अनुभव के साथ वह फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर की भूमिका निभा रहे हैं।


न्यूज़ और फीचर कंटेंट से शुरू हुआ उनका सफर आज ज्योतिष और धार्मिक विषयों तक पहुंच चुका है, जहां वह पारंपरिक ज्ञान को मौजूदा समय और डिजिटल पाठक की जरूरतों के हिसाब से प्रस्तुत करते हैं। उनका फोकस हमेशा इस बात पर रहता है कि कंटेंट जानकारी दे, उलझाए नहीं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि


योगेश जोशी ने मास कम्युनिकेशन में स्नातक की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की इस पढ़ाई ने उन्हें तथ्यों के साथ जिम्मेदारी और संतुलन बनाए रखने की समझ दी, जो उनके लेखन में साफ झलकती है।


करियर की शुरुआत और प्रोफेशनल सफर


योगेश ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अमर उजाला के डिजिटल प्लेटफॉर्म से की। यहां उन्होंने डिजिटल न्यूज़, कंटेंट राइटिंग और एडिटिंग पर काम करते हुए मजबूत आधार तैयार किया। इसके बाद डिजिटल मीडिया में लगातार काम करते हुए उन्होंने एस्ट्रोलॉजी और धार्मिक विषयों से जुड़े कंटेंट में विशेषज्ञता विकसित की।
पाठक किस भाषा में बात समझता है और किस तरह की जानकारी उसके लिए उपयोगी होती है—यह समझ उनके प्रोफेशनल सफर की सबसे बड़ी ताकत रही है।

एस्ट्रोलॉजी लेखन और उद्देश्य


योगेश के लिए ज्योतिष केवल भविष्य बताने का जरिया नहीं है। वह इसे आत्मचिंतन और सही फैसलों में मदद करने वाले एक मार्गदर्शक के रूप में देखते हैं। इसी सोच के साथ वह राशिफल और अन्य ज्योतिषीय विषयों को संतुलित, व्यावहारिक और भरोसेमंद तरीके से प्रस्तुत करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों को डराना नहीं, बल्कि जानकारी के जरिए उन्हें सोचने और समझने की दिशा देना है।


व्यक्तिगत रुचियां


काम के अलावा योगेश को सामाजिक विषयों पर पढ़ना, लिखना और भारतीय परंपराओं को समझना पसंद है। उनका मानना है कि एक पत्रकार के लिए सीखना और खुद को अपडेट रखना सबसे जरूरी है।


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