
कुंभ राशि पर 2026 में भी शनि की साढ़ेसाती का क्या रहेगा प्रभाव, जानें शनि को प्रसन्न करने के उपाय
Kumbh Rashi Shani ki SadeSati: शनि मीन राशि में हैं। शनि की साढ़ेसाती लंबी ग्रह दशा है, जिसका प्रभाव लगभग 7.5 साल तक रहता है। बारहवें, पहले और फिर दूसरे भाव में शनि के गोचर करने पर साढ़ेसाती का प्रभाव रहता है।
Kumbh Rashi Shani ki SadeSati: शनि का ग्रह सबसे स्लो ग्रहों में जाना जाता है। शनि की चाल का प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ता है। हर साल शनि राशि परिवर्तन नहीं करते हैं। शनि एक ही राशि में लगभग ढाई सालों तक बैठे रहते हैं। शनि की साढ़ेसाती लंबी ग्रह दशा है, जिसका प्रभाव लगभग 7.5 साल तक रहता है। बारहवें, पहले और फिर दूसरे भाव में शनि के गोचर करने पर साढ़ेसाती का प्रभाव रहता है। यह समय मानसिक अशांति और मुश्किल समय लेकर आता है। इस समय शनि मीन राशि में विराजमान हैं, जिससे शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव वर्तमान समय पर मेष राशि पर शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण चल रहा है, मीन राशि वालों पर दूसरा और कुंभ राशि वालों पर आखिरी चरण चल रहा है।
क्या कुंभ राशि पर 2026 में भी शनि की साढ़ेसाती का रहेगा प्रभाव?
कुंभ राशि के स्वामी शनि हैं। शनि के मीन राशि में गोचर करने से कुंभ राशि पर इस समय साढ़ेसाती का आखिरी चरण चल रहा है। जब तक शनि मीन राशि में विराजमान रहेंगे तब तक कुंभ राशि वालों पर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव रहेगा। ऐस में साल 2026 में भी कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव रहने वाला है। साल 2027 में 3 जून को मेष राशि में शनि का गोचर होगा। शनि के मेष गोचर से कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव खत्म हो सकता है।
शनि को प्रसन्न करने के उपाय
शनि की साढ़ेसाती के दौरान कुछ उपाय करने से शनि देव के बुरे प्रभाव से कुछ राहत मिल सकती है। आइए जानते हैं-
- शिव जी की पूजा करें।
- शनिवार के दिन पीपल के पेड़ और शमी के पेड़ की पूजा करनी चाहिए।
- संध्या के समय सरसों के तेल में काला तिल मिलाकर पीपल और शमी के पेड़ के समक्ष दीपक जलाएं।
- हनुमान जी की विधिवत पूजा करें।
- शनिवार को पीपल के पेड़ और शमी के पेड़ में जल चढ़ाएं।
- रोजाना हनुमान चालीसा, शनि चालीसा और शिव चालीसा का पाठ करें।
- शनि देव का मंत्र ॐ शं शनैश्चराय नमः का जाप करें।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।





