कुंभ राशि के इस जातक को कैसे शनि साढ़ेसाती में हुआ लाभ, साढ़ेसाती कैसे देती है लाभ, ज्योतिष से जानें अष्टावक्र का नियम?

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Shani sadesati :  शनि साढ़ेसाती को लेकर हम सभी परेशान रहते हैं, लेकिन शनि साढ़ेसाती हर बार आपको परेशान करें या हर इंसान को इसमें दिक्कत हो, ऐसा नहीं है। यहां हम जान सकते हैं। कैसे शनि साढ़ेसाती आपको लाभ भी दे सकती है। 

कुंभ राशि के इस जातक को कैसे शनि साढ़ेसाती में हुआ लाभ, साढ़ेसाती कैसे देती है लाभ, ज्योतिष से जानें अष्टावक्र का नियम?

कुंभ लग्न के कमल की कुंडली में शनि की साढ़ेसाती चल रही थी। लेकिन अच्छी बात यह है कि शुक्र की महादशा उनकी कुडंली में चल रही थी, आमतौर पर शुक्र की महादशा 20 सालों के लिए होती है, इसके साथ ही बुद्ध की अंतर्दशा चल रही थी, शनि की साढ़ेसाती को लेकर घबरा रहे थे, लेकिन उनकी साढ़ेसाती में उन्हें गजब का लाभ हो रहा है। वो आसमान पर जा रहे हैं, आर्थिक तौर पर, लवलाइफ में उनकी बड़ी अच्छी स्थिति हो रही है, वो बहुत आगे निकल रहे हैं क्योंकि उनकी महादशा अंतर्दशा दोनों ही बहुत अच्छी है, अभी उन पर उतरती साढ़ेसाती उनकी चल रही है, लेकिन उनपर बहुत कम इसका प्रभाव है क्योंकि उनकी दशा और दशाएं उनकी ठीक हैं, उनके कुंडली में ग्रहों का प्लेसमेंट सही है। ऐसा आपको आपकी कुंडली देखकर पचा चला ।ज्योतिष नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार इसलिए शनि की साढ़ेसाती को लेकर घबराना नहीं चाहिए । आपको बिल्कुल नहीं सोचना चाहिए कि शनि साढ़ेसाती है तो आपका सब खराब हो जाएगा।

साढ़ेसाती के अलावा क्या चीजों की होती है दिक्कत

ज्योतिष नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार शनि का गोचर है, वो साढ़े साती बनाता है। अब जो, जिस कुंडली को देखी जाती है, तो गोचर को ध्यान में जरूर रखा जाता है, लेकिन मुख्य मुख्य जो बात है, वो जातक की कुंडली, जातक की कुंडली में जन्म कुंडली में ग्रहों की स्थिति और दशा क्या चल रही है, महादशा और अंतर्दशा क्या चल रही है, ये महत्वपूर्ण बात होती है। साढ़ेसाती का या जो कुंडली का गोचर जो है ना, जो ग्रहों का गोचर है, वो 10 से 20 परसेंट आपको प्रभावित करता है, बाकी असल चीज आपकी जन्म कुंडली है और उस जन्म कुंडली में जो दशाएं हैं, जो ग्रहों की स्थिति है, आपका परिवेश है, आपके घर का वास्तु है, ये सारी चीजें इफेक्ट करती हैं।

अष्टकवर्ग का नियम क्या है?

ज्योतिष नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार जो भी हम लोग जो गोचर को समझते हैं, तो एक आसान सा तरीका निकालते हैं कि राशि का गोचर निकालते हैं, जैसे चंद्रमा से अन्य ग्रहों का क्या-क्या चल रहा है। उस गोचर को मान करके और सारे राशियों का एक निर्धारित कर देते हैं कि यह ऐसे-ऐसे है। दूसरा एक अष्टकवर्ग का नियम होता है जो ग्रह से ग्रह का गोचर देखा जाता है। आपकी कुंडली में शनि कहां बैठा है और उस शनि से शनि का क्या गोचर चल रहा है, यह भी बहुत महत्वपूर्ण होता है। इसके अलावा लग्न से गोचर देखना भी महत्वपूर्ण होता है। तो किसी भी चीज को, जो साढ़ेसाती या गोचर का जो रूल बताया जा रहा है, उससे बहुत डरने की आवश्यकता नहीं है। तो भय की कोई बात नहीं है। साढ़ेसाती वाले लोग बहुत आगे जाते हुए दिखते हैं। किसी की दशा अगर खराब है और साढ़ेसाती भी चल रही है, तो उसके लिए थोड़े सोचने की बात हो जाती है। एक्सपर्ट ही समझ पाता है और बता पाता है। तो भय की कोई बात नहीं है, साढ़ेसाती को एक साधारण तरीके से ही लेना चाहिए।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Anuradha Pandey

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शार्ट बायो

अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।


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अनुराधा पांडे पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी चेहरा हैं, जिन्हें मीडिया में 16 वर्षों का व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और संस्थान के एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन की इंचार्ज हैं। अनुराधा पिछले 10 सालों से लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में लिख रही हैं। डिजिटल पत्रकारिता के दौर में उन्होंने धर्म जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपनी लेखनी से करोड़ों पाठकों का भरोसा जीता है। उनके पास खबरों को न केवल प्रस्तुत करने, बल्कि सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और विश्लेषणात्मक कंटेंट देने का लंबा अनुभव है। वह शिव महापुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और कई अन्य शास्त्रों के जटिल तथ्यों को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं।


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