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Janmashtami 2025:काशी पंचांग के अनुसार 16 को जन्माष्टमी, जानें जन्माष्टमी व्रत कैसे करें, क्या खा सकते हैं

Janmashtami 2025:काशी पंचांग के अनुसार 16 को जन्माष्टमी, जानें जन्माष्टमी व्रत कैसे करें, क्या खा सकते हैं

संक्षेप:

Krishna Janmashtami kab hai:काशी के पंचांग के अनुसार 16 अगस्त को कृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाएगी। इस दिन अष्टमी उदय काल में मिल रही है, जो रात तक है। इस व्रत में क्या खाना चाहिए और इस व्रत की विधि क्या है यहां जानें

Aug 12, 2025 10:53 am ISTAnuradha Pandey लाइव हिन्दुस्तान
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काशी के पंचांग के अनुसार 16 अगस्त को कृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाएगी। इस दिन अष्टमी उदय काल में मिल रही है, जो रात तक रह रही है। इसलिए 16 अगस्त को जन्माष्टमी मनाना उत्तम रहेगा। भगवान कृष्ण का जन्म भाद्रपद मास की अष्टमी को हुआ था, इसलिए अष्टमी तिथि की रात्रि में 16 अगस्त को ही मिल रही है। इस साल भी वैसा ही संयोग मिल रहा है। बस रोहिणी नक्षत्र अगले दिन लगेगा ।

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कृष्ण जन्माष्टमी कैसे करें पूजा
जन्माष्टमी पर ठाकुरजी का दूध, दही, घी, शहद, इत्र और गंगा जल से स्नान कराएं। इसके बाद ठाकुरजी को पीले वस्त्र पहनाए , उनके आभूषण पहनाएं। माखन मिश्री का भोग लगाएं और बांसुरी उनके हाथ में रखें। इसके बाद उन्हें झूला झुलाएं। इससे आपके जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

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जन्माष्टमी के व्रत में क्या खा सकते हैं
जन्माष्टमी व्रत में सुबह अष्टमी तिथि से शुरू हो जाता है। इस व्रत में सुबह स्नान करके भगवान कृष्ण की पूजा करें और हाथ में जल लेकर संकल्प करें कि आप आप आज जन्माष्टमी का व्रत रख रहे हैं। इस दिन व्रत में अन्न का सेवन नहीं करना चाहिए। जन्माष्टमी के व्रत में पूरे दिन व्रत रखना है। अगले दिन नवमी तिथि पर कान्हा जी के जन्म के बाद ही व्रत खोल सकते हैं। इस दिन फल, दूध ले सकते हैं। सिंघाड़े का आटा या आलू खा सकते हैं। भगवान कृष्ण की भक्ति में मन लगाएं। इस दिन निर्जला रहने का नियम नहीं है। नवमी तिथि पर भगवान का जन्म कराने के बाद ही व्रत का पारण कर सकते हैं। इस साल रोहिणी नक्षत्र अगले दिन मिल रहा है, तो कुछ लोग इस दिन व्रत का पारण करेंगे। इस दिन व्रत का पारण करने के लिए फलाहारी या उपवास का खाना बनाएं तो साफ सफाई का ध्यान रखें। व्रत के लिए अलग भोजन बनाएं। इसमें सेंधा नमक का इस्तेमाल करें। मन को स्थिर रखकर गीता का पाठ करें। श्रीकृष्ण के मंत्रों का जप धीमी आवाज में करना चाहिए।

Anuradha Pandey

लेखक के बारे में

Anuradha Pandey
अनुराधा पांडे लाइव हिन्दुस्तान में एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन लीड कर रही हैं। इन्हें पत्रकारिता जगत में करीब डेढ़ दशक का अनुभव है। ज्योतिष और धर्म-अध्यात्म से जुड़े विषयों पर पिछले 10 सालों से लिख रही हैं। इन्होंने हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा भारतीय जनसंचार संस्थान, दिल्ली और ग्रैजुएशन दिल्ली विश्वविद्यालय से किया है। लाइव हिन्दुस्तान में करियर का लंबा हिस्सा बीता और काम करते-करते 9 साल हो गए हैं। एस्ट्रोलॉजी और करियर से जुड़ी खबरों के अलावा हेल्थ पर लिखने शौक है। इससे पहले तीन साल तक आज तक वेबसाइट में एजुकेशन सेक्शन में भी काम किया है। और पढ़ें
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