जन्माष्टमी के उपाय: आज रात 12 बजे करें ये 4 चमत्कारी उपाय, जमकर बरसेगा धन
Krishna Janmashtami ko kya upay karen 2026 : क्या आप जानते हैं, ठीक शुभ मुहूर्त के समय कुछ चमत्कारी उपाय आपकी किस्मत पलट सकते हैं? धार्मिक मान्यता है कि जन्माष्टमी पर कुछ उपाय करने से धन-संपदा में वृद्धि होती है।

Krishna Janmashtami ko kya upay karen: पूरा विश्व इस समय कान्हा के रंग में रंगा हुआ है। आज श्री कृष्ण का 5253 वां बर्थ डे मनाया जा रहा है। श्री कृष्ण जन्माष्टमी के दिन मध्यरात्रि में प्रभु का जन्म हुआ था। इसलिए रात के समय भगवान श्री कृष्ण का जन्म किया जाता है और विधि- विधान के साथ भगवान की पूजा होती है। क्या आप जानते हैं, ठीक पूजा के शुभ मुहूर्त के समय कुछ चमत्कारी उपाय आपकी किस्मत पलट सकते हैं? जी हां, धार्मिक मान्यता है कि कृष्ण जन्माष्टमी के दिन मध्यरात्रि में कुछ उपाय करने से धन- संपदा में वृद्धि तो होती है बल्कि मन मांगी मनोकामना भी पूरी हो सकती है। आइए जानते हैं श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर आज रात कब और कौन से उपाय करने चाहिए।
हिंदू पंचांग के अनुसार, आज श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर मध्यरात्रि का क्षण रात में 12 बजकर 05 मिनट रहेगा। ऐसे में उपाय करने के लिए रात 12 बजे से 12:28 तक मुहूर्त अति उत्तम रहेगा।
चांदी के सिक्के का उपाय
आज जन्माष्टमी के रात में भगवान श्री कृष्ण की पूजा करते समय चांदी का सिक्का भगवान के समक्ष रख दें। फिर अगले दिन इस सिक्के को तिजोरी या धन के स्थान पर रखें। इससे पैसों से जुड़ी हर तरह की दिक्कत से राहत पा सकते हैं।
केसर के दूध से करें अभिषेक
अगर आप कर्ज से परेशान हैं तो ये उपाय आपके लिए बेहद लाभकारी साबित हो सकता है। आज मध्यरात्रि में दूध में थोड़ा का केसर मिलकर लड्डू गोपाल का अभिषेक करें। अभिषेक करते समय मन में अपनी मनोकामना कहें। इससे कर्ज से मुक्ति मिलने और करियर में आ रही बाधाएं दूर हो सकती हैं।
11 बार करें मंत्र जाप
शस्त्रों के मुताबिक मंत्रों का जाप करना बेहद शक्तिशाली माना गया है। ऐसे में आज मध्यरात्रि में भगवान कृष्ण के जन्म के समय 11 बार मंत्र जाप करें और अपनी मनोकामना कहें। आप ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः और ॐ क्लीं कृष्णाय नमः मंत्र का जाप कर सकते हैं। ऐसे करने से आपकी मनोकामना पूरी हो सकती है।
संतान की कामना के लिए आज जन्माष्टमी पर विधिवत भगवान के बाल स्वरूप लड्डू गोपाल का पंचामृत से अभिषेक करें और उनका शृंगार करें। भगवान को पालने में बिठाकर 11 या 21 बार झूला झुलाएं। मन में संतान की कामना कर मनोकामना मांगे और प्रभु की संतान की तरह सेवा करें।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।


