Khatu Shyam Mandir: खाटू धाम में शृंगार और संध्या आरती का बदला समय, बाबा के दर्शन के लिए देखें नई टाइमिंग
खाटू श्याम मंदिर में शृंगार और संध्या आरती का समय बदला गया है। अब शृंगार आरती सुबह 7:15 बजे और संध्या आरती शाम 7:15 बजे होगी। खाटू धाम दर्शन के लिए नई आरती टाइमिंग जानें और अपनी सुविधा अनुसार बाबा श्याम के दर्शन करें।

सीकर के प्रसिद्ध खाटू श्याम जी मंदिर में बाबा श्याम की शृंगार और संध्या आरती के समय में बदलाव कर दिया गया है। मंदिर कमेटी ने चैत्र शुक्ल पक्ष से वैशाख कृष्ण पक्ष में प्रवेश के कारण यह परिवर्तन किया है। अब भक्तों को नई समय-सारणी के अनुसार दर्शन करने होंगे। यह बदलाव गर्मी के मौसम को ध्यान में रखकर किया गया है, ताकि भक्तों को सुविधा रहे।
आरती के नए समय की घोषणा
मंदिर प्रशासन के अनुसार, पहले सुबह की शृंगार आरती 7:30 बजे होती थी, अब वह सुबह 7:15 बजे होगी। इसी प्रकार शाम की संध्या आरती पहले 7:00 बजे होती थी, अब वह शाम 7:15 बजे होगी। यह बदलाव आज से लागू हो गया है। मंदिर कमेटी ने भक्तों से अपील की है कि वे नई टाइमिंग के अनुसार ही मंदिर आएं ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो।
खाटू श्याम जी मंदिर में 24 घंटे की आरती व्यवस्था
खाटू धाम में पूरे 24 घंटे में पांच आरतियां होती हैं। इनमें सबसे पहले सुबह मंगला आरती होती है, जिसके साथ मंदिर के पट खुलते हैं। उसके बाद श्रृंगार आरती, भोग आरती, संध्या आरती और अंत में शयन आरती होती है।
नई समय-सारणी इस प्रकार है:
मंगला आरती: सुबह 4:30 बजे (गर्मियों में)
शृंगार आरती: सुबह 7:15 बजे
भोग आरती: दोपहर 12:30 बजे (यह समय साल भर एक समान रहता है)
संध्या आरती: शाम 7:15 बजे
शयन आरती: रात में 10 बजे
सर्दियों में मंगला आरती 5:30 बजे होती है, जबकि गर्मियों में इसे 4:30 बजे कर दिया जाता है। इसी मौसमी बदलाव के कारण शृंगार और संध्या आरती का समय भी समायोजित किया गया है।
आरती के समय में बदलाव का कारण
खाटू श्याम जी मंदिर परंपरा के अनुसार, समय-समय पर आरती के समय में बदलाव किया जाता है। इस बार चैत्र शुक्ल पक्ष से वैशाख कृष्ण पक्ष लगने और बढ़ती गर्मी के कारण दो मुख्य आरतियों का समय बदला गया है। गर्मी में सुबह जल्दी और शाम को थोड़ा देर से आरती करने से भक्तों को अधिक सुविधा मिलती है। मंदिर कमेटी ने भक्तों की सुविधा को ध्यान में रखकर यह निर्णय लिया है।
बाबा श्याम की आरती का महत्व
खाटू श्याम जी को हारे का सहारा और भगवान श्रीकृष्ण का अवतार माना जाता है। महाभारत काल में भीम के पौत्र बर्बरीक ने कृष्ण को शीशदान देकर वरदान प्राप्त किया था कि कलियुग में वे श्याम नाम से पूजे जाएंगे और हारे हुए भक्तों का सहारा बनेंगे।
शृंगार आरती के समय बाबा श्याम का विशेष शृंगार किया जाता है, जबकि संध्या आरती के बाद मंदिर में भीड़ कम हो जाती है। भोग आरती में उन्हें विशेष पकवानों का भोग लगाया जाता है। ये आरतियां भक्तों के लिए अत्यंत भावुक और पवित्र क्षण होते हैं।
भक्तों के लिए सलाह और मंदिर की जानकारी
मंदिर कमेटी ने भक्तों से अनुरोध किया है कि वे अपनी सुविधा अनुसार नई समय सारणी देखकर ही खाटू धाम आएं। भक्तों को सलाह दी जाती है कि गर्मी के मौसम में सुबह जल्दी या शाम को आरती के समय दर्शन करें। मंदिर में व्यवस्था अच्छी है, लेकिन भीड़ को देखते हुए थोड़ा समय पहले पहुंचना बेहतर रहता है। बाबा श्याम अपने भक्तों की हर मनोकामना पूरी करते हैं और उन्हें हारे का सहारा बनकर आशीर्वाद देते हैं।
नई आरती टाइमिंग के साथ अब भक्त बाबा श्याम के दर्शन और आरती का अधिक आनंद ले सकेंगे। खाटू धाम आने वाले सभी श्रद्धालुओं से अनुरोध है कि वे मंदिर की नई व्यवस्था का सम्मान करें और शांति से दर्शन करें।
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