निर्जला एकादशी पर खाटू श्याम मंदिर में दो दिन का मेला, 24 घंटे होंगे बाबा के दर्शन

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Khatu Shyam mandir Rajasthan: खाटू श्याम मंदिर में दो दिन का निर्जला एकादशी मेला लगा है। जहां बाबा को खास तौर पर सजाया जाएगा। लाखों की संख्या में भक्त यहां पहुंचते हैं।

khatu shyam baba

हारे का सहारा कहे जाने वाले सीकर के विश्व प्रसिद्ध खाटूश्यामजी मंदिर में आज निर्जला एकादशी पर 2 दिवसीय मेला शुरू हो गया है। मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ है, इसके लेकर सुरक्षा के भी खास प्रबंध किए गए हैं।खाटू श्याम का मेला दो दिन का होता है। इस दौरान रींग्स में किसी व्हीकल को एंट्री नहीं दी जाती है। इस दिन खाटू नरेश का खास श्रृंगार किया जाता है। वैसे तो एकादशी के दिन बाबा के लिए भक्तों की लाखों की लाइनें लगी रहती हैं, लेकिन निर्जला एकादशी के दिन खास व्यवस्था की जाती है। आपको बता दें कि ऐसा कहा जाता है कि 995 साल पहले ग्यारस के दिन बाबा का शीस श्यामकुंड में मिला था, इसके बाद मंदिर की स्थापना देवशयनी एकादशी के दिन कराई गईष श्याम कुंड के पास पीपल का एक पेड़ आज भी है।

24 घंटे होंगे बाबा के दर्शन

निर्जला एकादशी से दो दिन मेले के दौरान बाबा खाटू वाले के दर्शन 24 घंटे होंगे। बाबा को सजाने के लिए फूल और ड्राई फ्रूट्स बाहर से मंगवाए गए हैं। इस दौरान लाखों की भीड़ बाबा के दर्शन को मंदिर में आती है। एकादशी के दिन व्रत रखकर लोग द्वादशी पर व्रत का पारण कर बाबा के दर्शन के बाद ही जाते हैं।

लक्खी मेले की तरह किए गए हैं इंतजाम

निर्जला एकादशी के दिन लगने वाले में बाबा के दर्शन और सु्रक्षा के इंतजाम फाल्गुन में लगने वाले लक्खी मेले की तरह किए गए हैं। जो रंगभरी एकादशी के दिन लगता है। उस दौरान भी लाखों की संख्या में भक्त आते हैं।

कौन हैं बाबा खाटू श्याम

बाबा खाटू श्याम को श्री कृष्ण ने वरदान दिया था कि तम्हें कलयुग में मेरे नाम से जाना जाएगा और तुम हारे का सहारा कहलाओगे। खाटू श्याम का नाम बर्बरीक था और वो भीम के पौत्र और घटोतकच्छ के बेटे थे। उन्हें उनकी मां ने कहा था कि महाभारत के युद्ध में तुम हारने वाले का साथ देना और श्री कृष्ण ने उनसे उनका शीश दान में मांग लिया था। क्या आपको पता है कि खाटू श्याम बाबा दुनिया के सर्वश्रेष्ठ धनुर्धर हैं उनसे बड़े सिर्फ श्रीराम ही माने गए हैं। खाटूश्याम जी का जन्मोत्सव हर साल कार्तिक शुक्ल पक्ष की देवउठनी एकादशी को बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है।

Anuradha Pandey

लेखक के बारे में

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शार्ट बायो

अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।


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अनुराधा पांडे पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी चेहरा हैं, जिन्हें मीडिया में 16 वर्षों का व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और संस्थान के एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन की इंचार्ज हैं। अनुराधा पिछले 10 सालों से लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में लिख रही हैं। डिजिटल पत्रकारिता के दौर में उन्होंने धर्म जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपनी लेखनी से करोड़ों पाठकों का भरोसा जीता है। उनके पास खबरों को न केवल प्रस्तुत करने, बल्कि सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और विश्लेषणात्मक कंटेंट देने का लंबा अनुभव है। वह शिव महापुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और कई अन्य शास्त्रों के जटिल तथ्यों को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं।


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