खाटू धाम से लेकर मेहंदीपुर बाला जी के कपाट 3 मार्च को रहेंगे बंद, जानिए कारण

Mar 01, 2026 05:21 pm ISTNavaneet Rathaur लाइव हिन्दुस्तान
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राजस्थान के प्रसिद्ध खाटू श्यामजी धाम से लेकर राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कई बड़े मंदिरों में 3 मार्च 2026 को दर्शन पूरी तरह बंद रहेंगे। आइए जानते हैं कारण

खाटू धाम से लेकर मेहंदीपुर बाला जी के कपाट 3 मार्च को रहेंगे बंद, जानिए कारण

3 मार्च 2026 को साल का पहला चंद्र ग्रहण पड़ रहा है। यह ग्रहण होली से ठीक एक दिन पहले है। इस खास संयोग के कारण राजस्थान के प्रसिद्ध खाटू श्यामजी धाम से लेकर राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कई बड़े मंदिरों में दर्शन पूरी तरह बंद रहेंगे। ग्रहण के समय मंदिरों के पट बंद करने की परंपरा प्राचीन है। आइए जानते हैं इस ग्रहण की खास बातें और मंदिर बंद होने के मुख्य कारण।

साल का पहला चंद्र ग्रहण और उसका समय

3 मार्च 2026 को पड़ने वाला यह चंद्र ग्रहण भारत में शाम को सिर्फ 14 से 20 मिनट तक दिखाई देगा। ग्रहण दोपहर 3:20 बजे शुरू होगा, लेकिन उस समय चंद्रमा भारत में उदय नहीं होगा। चंद्रमा शाम करीब 6:26 से 6:32 बजे के बीच उदय होगा और तब से ग्रहण दिखाई देगा। ग्रहण शाम 6:46 से 6:47 बजे तक समाप्त हो जाएगा। इस कारण इसे 'ग्रस्तोदित चंद्रग्रहण' कहा जा रहा है, क्योंकि चंद्रमा उदय होते ही ग्रहण की स्थिति में होगा।

सूतक काल और मंदिर बंद होने का नियम

चंद्र ग्रहण का सूतक काल सुबह से ही शुरू हो जाता है। शास्त्रों के अनुसार, ग्रहण के समय मंदिरों के पट बंद कर दिए जाते हैं। इस दौरान कोई पूजा-पाठ, दर्शन या शुभ कार्य नहीं होता है। खाटू श्यामजी धाम में मंगला आरती के बाद पट बंद हो जाएंगे। मेहंदीपुर बालाजी मंदिर में भी दर्शन पूरी तरह बंद रहेंगे। अन्य कई मंदिरों में भी यही नियम लागू होगा। ग्रहण समाप्त होने और शुद्धि के बाद अगले दिन से दर्शन फिर शुरू होंगे।

चूड़ामणि योग का विशेष महत्व

धर्म विशेषज्ञों के अनुसार, यह ग्रहण सोमवार की संध्या पर पड़ रहा है, जिसे 'चूड़ामणि योग' कहा जाता है। इस योग में दान-पुण्य करने से बहुत अधिक पुण्य मिलता है और आध्यात्मिक लाभ होता है। लेकिन ग्रहण के समय मंदिरों में कोई धार्मिक कार्य नहीं होता। इसीलिए मंदिर बंद रहेंगे और भक्तों से घर पर ही नाम जप, ध्यान या प्रार्थना करने की सलाह दी जा रही है।

ग्रहण के दौरान क्या करें और क्या ना करें

ग्रहण के समय घर में स्नान, नाम जप, ध्यान और सात्विक कार्य करना शुभ माना जाता है। खाना बनाने, नया काम शुरू करने या शुभ कार्य से बचें। ग्रहण खत्म होने के बाद दोबारा स्नान करें और फिर सामान्य दिनचर्या शुरू करें। खाटू श्यामजी और मेहंदीपुर बालाजी जैसे बड़े मंदिरों में पट बंद होने से भक्तों को घर पर ही पूजा करने की सलाह दी जा रही है। ग्रहण के समय मंदिरों में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।

भक्तों के लिए सलाह और तैयारी

भक्तों से अपील की गई है कि वे ग्रहण के समय मंदिरों में ना जाएं। घर पर ही हनुमान चालीसा, विष्णु सहस्रनाम या अन्य मंत्रों का जप करें। ग्रहण के बाद अगले दिन होली (धुलेंडी) मनाने के लिए तैयार रहें। इस संयोग को आध्यात्मिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सकारात्मक सोच और शुभ कार्यों से ग्रहण का कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ता है।

3 मार्च का चंद्र ग्रहण होली से ठीक पहले पड़ रहा है। इस खास मौके पर मंदिर बंद रहेंगे ताकि भक्त सुरक्षित रहें। घर पर नाम जप और शुभ कार्यों से इस दिन का लाभ उठाएं।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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नवनीत राठौर नए युग के डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें इस क्षेत्र में करीब 7 साल का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन के हिस्सा हैं। यहां वह अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष से जुड़ी खबरें लिखते हैं।


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डिजिटल मीडिया में अपनी अलग पहचान बना रहे नवनीत राठौर धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा में पाठकों के लिए परोसते हैं। वो अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और करीब 5 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान नवनीत ने वेबस्टोरी, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।


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नवनीत ने शारदा विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा से जनसंचार एवं पत्रकारिता में स्नातक और शुभारती विश्वविद्यालय से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।


नवनीत राठौर ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत जनतंत्र न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने सूर्या समाचार और अमर उजाला जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद नवनीत लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। पाठकों को सरल, विश्वसनीय और प्रेरणादायक जानकारी प्रदान करना ही नवनीत राठौर का मुख्य उद्देश्य है।


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