
कल से लगेगा खरमास, जानें शुभ कार्य फिर कब से होंगे शुरू
मंगलवार से खरमास की शुरुआत हो जाएगी। इसके साथ ही सभी मांगलिक कार्य बंद हो जाएंगे। हालांकि सात दिसंबर से ही इस वर्ष का शादी-विवाह का मुहूर्त समाप्त हो गया।अब 14 जनवरी मकर संक्रांति के साथ ही मांगलिक कार्य की शुरुआत होगी।
मंगलवार से खरमास की शुरुआत हो जाएगी। इसके साथ ही सभी मांगलिक कार्य बंद हो जाएंगे। हालांकि सात दिसंबर से ही इस वर्ष का शादी-विवाह का मुहूर्त समाप्त हो गया।अब 14 जनवरी मकर संक्रांति के साथ ही मांगलिक कार्य की शुरुआत होगी। हिन्दू पंचांग के अनुसार खरमास में कोई भी मांगलिक कार्य नहीं होते हैं। खरमास में शादी-विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश, उपनयन संस्कार समेत तमाम मांगलिक कार्य पूर्णत: बंद हो जाते हैं।
खरमास में क्या करें
पंचांग के अनुसार 16 दिसंबर को मंगलवार की सुबह 4.18 तक सूर्य वृश्चिक राशि में रहेंगे। इसके बाद धनु राशि में प्रवेश हो जाएगा। साथ ही खरमास की शुरुआत हो जाएगी। यह खरमास सूर्य देव के धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करने के बाद ही खत्म होता है। खड़ेश्वरी मंदिर के पुजारी राकेश पांडे बताते हैं कि खरमास के दौरान कोई मांगलिक कार्य नहीं होते हैं और न ही किसी शुभ कार्य या व्यापार की शुरुआत की जाती है। खरमास के दौरान भगवान सूर्यदेव की आराधना को सर्वोत्तम बताया गया है। खरमास में जप, तप व दान आदि कर मनुष्य अपने जीवन के सभी प्रकार के कष्ट को खत्म कर सकता है। इस दौरान पवित्र नदियों में स्नान का भी विशेष महत्व होता है। खरमास में जरूरतमंदों को किए गए दान से सौभाग्य में वृद्धि होती
14 जनवरी को मकर संक्रांति के साथ खत्म होगा खरमास
पुजारी राकेश पांडे बताते हैं कि नए वर्ष-2026 में 14 जनवरी-2026 दिन बुधवार को सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करेंगे। मकर संक्रांति दोपहर 03.05 बजे होगा। साथ ही सभी मांगलिक कार्य एक बार फिर से प्रारंभ हो जाएंगे। हलांकी पंचाग के अनुसार भले ही 14 को खरमास समाप्त हो जाएगा, लेकिन शादी- विवाह के मुहूर्त पूरे जनवरी नहीं है।
चार फरवरी से शुरू होगा वैवाहिक लग्न
शुक्र ग्रह तीन फरवरी 2026 तक अस्त रहेगा, इसलिए वैवाहिक लग्न जनवरी के बाद ही शुरू होंगे। पंचांग के अनुसार नौ दिसंबर 2025 को शुक्र का अस्त हो गया, जो कि तीन फरवरी तक रहेगा। नए साल में चार फरवरी से लग्न शुरू होंगे। बीच में 23 जनवरी को सरस्वती पूजा है। इस तिथि को अबूझ मुहूर्त कहा जाता है। इस दिन गृह प्रवेश समेत समस्त मांगलिक कार्य किए जा सकते हैं।





