
वृश्चिक संक्रांति से शुरू होगा खरमास, जनवरी में शादी मुहूर्त नहीं, फरवरी से दिसंबर 2026 तक ये विवाह के मुहूर्त
Shubh vivah muhurat of 2026: पंचांग के अनुसार 16 दिसंबर को मंगलवार की सुबह 04.18 तक सूर्य वृश्चिक राशि में रहेंगे। इसके बाद धनु राशि में प्रवेश हो जाएगा। साथ ही खरमास की शुरुआत हो जाएगी। यह खरमास सूर्य देव के धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करने के बाद ही खत्म होता है।
पंचांग के अनुसार 16 दिसंबर को मंगलवार की सुबह 04.18 तक सूर्य वृश्चिक राशि में रहेंगे। इसके बाद धनु राशि में प्रवेश हो जाएगा। साथ ही खरमास की शुरुआत हो जाएगी। यह खरमास सूर्य देव के धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करने के बाद ही खत्म होता है। 2026 में विवाह के लिए कई शुभ मुहूर्त हैं, जो फरवरी, मार्च, अप्रैल, मई, जून, जुलाई, नवंबर और दिसंबर में आते हैं। जनवरी-2026 में खरमास और शुक्र ग्रह के अस्त होने के कारण विवाह मुहूर्त नहीं हैं, लेकिन 23 जनवरी को वसंत पंचमी के दिन विवाह हो सकते हैं, क्योंकि उसे अबूझ मुहूर्त माना जाता है।
शुभ मुहूर्त: छह दिसंबर तक लग्न
साल के अंतिम माह का आगमन हो गया है। दिसंबर महीने में अब महज चार दिन का लग्न ही शेष बचा है। इस साल 2025 में अब महज चार दिन का ही लग्न बचा है। दिसंबर में छह तारीख को अंतिम शुभ मुहूर्त, 10 दिन बाद शुरू होगा खरमास। इसके बाद सभी मांगलिक कार्य बंद हो जाएंगे। दिसंबर महीने की छह तारीख को अंतिम लग्न है। हालांकि अंतिम शुभ मुहूर्त के दस दिनों के बाद 16 दिसंबर से खरमास शुरू होगा। खरमास में शादी-विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश, उपनयन संस्कार समेत तमाम मांगलिक कार्य पूर्णत: बंद हो जाते हैं। 14 जनवरी यानी मकर संक्रांति के दिन खरमास की समाप्ति होगी
खरमास की है धार्मिक महत्ता : खड़ेश्वरी मंदिर के पुजारी राकेश पांडे बताते हैं कि खरमास के दौरान कोई मांगलिक कार्य नहीं होते हैं और न ही किसी शुभ कार्य या व्यापार की शुरुआत की जाती है। खरमास के दौरान भगवान सूर्यदेव की आराधना को सर्वोत्तम बताया गया है। खरमास में जप, तप व दान आदि कर मनुष्य अपने जीवन के सभी प्रकार के कष्ट को खत्म कर सकता है। इस दौरान पवित्र नदियों में स्नान का भी विशेष महत्व होता है। खरमास में जरूरतमंदों को किए गए दान से सौभाग्य में वृद्धि होती है।
14 को मकर संक्रांति के साथ खत्म होगा खरमास: पुजारी राकेश पांडे बताते हैं कि नए वर्ष-2026 में 14 जनवरी-2026 दिन बुधवार को सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करेंगे। मकर संक्रांति दोपहर 03.05 बजे होगा। साथ ही सभी मांगलिक कार्य एक बार फिर से प्रारंभ हो जाएंगे।
नए साल में जनवरी में नहीं है लग्न: नए साल 2026 में भले ही 14 जनवरी को खरमास खत्म हो रहा है, लेकिन मांगलिक कार्यों की शुरुआत नहीं हो सकेगी। दरअसल, खरमास और शुक्र के अस्त होने के कारण शादी-विवाह जैसे शुभ कार्य वर्जित हैं। शुक्र ग्रह तीन फरवरी-2026 तक अस्त रहेगा, इसलिए वैवाहिक लग्न जनवरी के बाद ही शुरू होंगे। पंचांग के अनुसार नौ दिसंबर-2025 को शुक्र का अस्त हो जाएगा जो कि तीन फरवरी तक रहेगा। नए साल में चार फरवरी से लग्न शुरू होंगे।
2026 में विवाह के शुभ मुहूर्त
फरवरी: 5, 6, 8, 10, 12, 14, 19, 20, 21, 24, 25, 26
मार्च: 1, 3, 4, 7, 8, 9, 11, 12
अप्रैल: 15, 20, 21, 25, 26, 27, 28, 29
मई: 1, 3, 5, 6, 7, 8, 13, 14
जून: 21, 22, 23, 24, 25, 26, 27, 29
जुलाई: 1, 6, 7, 11
नवंबर: 21, 24, 25, 26
दिसंबर: 2, 3, 4, 5, 6, 11, और 12
ध्यान दें: कृपया अपनी कुंडली और स्थानीय पंचांग के अनुसार शुभ मुहूर्त की पुष्टि जरूर कर लें, क्योंकि शुभ मुहूर्त की तिथियों में विभिन्न स्रोतों के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है।





