Hindi Newsधर्म न्यूज़Kharmas Ends, But Auspicious Work Still on Hold: Check Complete Marriage Muhurat List for 2026
खरमास खत्म लेकिन मांगलिक कार्यों के लिए करना होगा इंतजार, देखें 2026 के विवाह मुहूर्त की पूरी लिस्ट

खरमास खत्म लेकिन मांगलिक कार्यों के लिए करना होगा इंतजार, देखें 2026 के विवाह मुहूर्त की पूरी लिस्ट

संक्षेप:

हिंदू पंचांग के अनुसार खरमास समाप्त हो गया है, लेकिन इसके बावजूद अभी शादी-विवाह और अन्य मांगलिक कार्यों के लिए थोड़ा इंतजार करना होगा। दरअसल, खरमास खत्म होने के बाद भी कुछ समय तक शुभ योग और विवाह मुहूर्त नहीं बन रहे हैं, जिस वजह से लोग शादी की तारीख तय नहीं कर पा रहे हैं।

Jan 14, 2026 03:51 pm ISTYogesh Joshi लाइव हिन्दुस्तान
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हिंदू पंचांग के अनुसार खरमास समाप्त हो गया है, लेकिन इसके बावजूद अभी शादी-विवाह और अन्य मांगलिक कार्यों के लिए थोड़ा इंतजार करना होगा। दरअसल, खरमास खत्म होने के बाद भी कुछ समय तक शुभ योग और विवाह मुहूर्त नहीं बन रहे हैं, जिस वजह से लोग शादी की तारीख तय नहीं कर पा रहे हैं। खरमास के दौरान सूर्य धनु राशि में रहता है, इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं। सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के बाद खरमास तो समाप्त हो जाता है, लेकिन इसके बाद भी ग्रहों की स्थिति और तिथियों के कारण विवाह मुहूर्त सीमित रहते हैं।

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क्यों करना होगा मांगलिक कार्यों के लिए इंतजार

ज्योतिष के अनुसार शादी जैसे मांगलिक कार्य तभी किए जाते हैं, जब पंचांग में शुभ तिथि, वार और योग बनते हों। आमतौर पर मकर संक्रांति के दिन सूर्य देव उत्तरायण होते हैं और इसी के साथ खरमास खत्म माना जाता है। उत्तरायण को देवताओं का दिन कहा जाता है, इसलिए इस समय को शुभ माना जाता है। लेकिन इस बार स्थिति थोड़ी अलग है। इस साल 14 जनवरी 2026 को मकर संक्रांति तो है, लेकिन इसके बाद भी शादी-विवाह और दूसरे मांगलिक काम शुरू नहीं हो पाएंगे। इसकी वजह है शुक्र ग्रह का अस्त होना। ज्योतिष के अनुसार, शुक्र ग्रह 11 दिसंबर 2025 को अस्त हो गए थे। शुक्र को प्रेम, विवाह, दांपत्य सुख और वैवाहिक जीवन का कारक ग्रह माना जाता है। जब शुक्र अस्त रहते हैं, तब विवाह जैसे संस्कार शुभ फल नहीं देते। इसी कारण सूर्य के उत्तरायण होने के बावजूद मांगलिक कार्यों पर रोक बनी रहेगी।

विवाह मुहूर्त कब से शुरू होंगे?

शुक्र ग्रह करीब 53 दिन तक अस्त रहते हैं और 1 फरवरी 2026 को उदय होंगे। धार्मिक मान्यता के अनुसार, किसी भी ग्रह के उदय के तीन दिन बाद उसके शुभ प्रभाव पूरी तरह माने जाते हैं। ऐसे में 4 फरवरी 2026 से विवाह और अन्य शुभ कार्यों की शुरुआत मानी जाएगी।

2026 के विवाह शुभ मुहूर्त-

5 फरवरी

6 फरवरी

8 फरवरी

10 फरवरी

12 फरवरी

14 फरवरी

19 फरवरी

20 फरवरी

21 फरवरी

24 फरवरी

25 फरवरी

26 फरवरी

मार्च 2026 के विवाह शुभ मुहूर्त

2 मार्च

3 मार्च

4 मार्च

7 मार्च

8 मार्च

9 मार्च

11 मार्च

12 मार्च

अप्रैल 2026 के विवाह शुभ मुहूर्त

15 अप्रैल

20 अप्रैल

21 अप्रैल

25 अप्रैल

26 अप्रैल

27 अप्रैल

28 अप्रैल

29 अप्रैल

मई 2026 के विवाह शुभ मुहूर्त

1 मई

3 मई

5 मई

6 मई

7 मई

8 मई

13 मई

14 मई

जून 2026 के विवाह शुभ मुहूर्त

21 जून

22 जून

23 जून

24 जून

25 जून

26 जून

27 जून

29 जून

जुलाई 2026 के विवाह शुभ मुहूर्त

1 जुलाई

6 जुलाई

7 जुलाई

11 जुलाई

12 जुलाई

अगस्त, सितंबर और अक्टूबर 2026- इन तीन महीनों में विवाह के लिए कोई शुभ मुहूर्त नहीं है।

नवंबर 2026 के विवाह शुभ मुहूर्त

21 नवंबर

24 नवंबर

25 नवंबर

26 नवंबर

दिसंबर 2026 के विवाह शुभ मुहूर्त

2 दिसंबर

3 दिसंबर

4 दिसंबर

5 दिसंबर

6 दिसंबर

अबूझ मुहूर्त क्या होता है- ज्योतिष में कुछ खास दिनों को अबूझ मुहूर्त कहा जाता है। इन दिनों की खास बात यह होती है कि इन पर अलग से मुहूर्त देखने की जरूरत नहीं होती। माना जाता है कि इन तिथियों पर ग्रह-नक्षत्र अपने आप शुभ स्थिति में होते हैं, इसलिए विवाह और अन्य मांगलिक कार्य बिना किसी रुकावट के किए जा सकते हैं। इन्हें सिद्ध मुहूर्त भी कहा जाता है।

2026 के अबूझ विवाह मुहूर्त

बसंत पंचमी: 23 जनवरी 2026

फुलेरा दूज: 19 फरवरी 2026

अक्षय तृतीया: 19 अप्रैल 2026

देवउठनी एकादशी: 30 सितंबर 2026

विजयादशमी (दशहरा): 20 अक्टूबर 2026

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Yogesh Joshi

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संक्षिप्त विवरण


योगेश जोशी डिजिटल पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। ज्योतिष और धार्मिक विषयों पर उनका लेखन पाठक-केंद्रित और व्यावहारिक दृष्टिकोण के लिए जाना जाता है। राशिफल, ग्रह-गोचर, दशा-महादशा, अंकज्योतिष, सामुद्रिक शास्त्र, वास्तु, फेंगशुई और पूजा-विधि जैसे विषय उनके काम का प्रमुख हिस्सा हैं।


विस्तृत बायो


परिचय और अनुभव


योगेश जोशी ने डिजिटल मीडिया में काम करते हुए खबर और कंटेंट के बदलते स्वरूप को नजदीक से समझा है। पत्रकारिता में 8 वर्षों के अनुभव के साथ वह फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर की भूमिका निभा रहे हैं।


न्यूज़ और फीचर कंटेंट से शुरू हुआ उनका सफर आज ज्योतिष और धार्मिक विषयों तक पहुंच चुका है, जहां वह पारंपरिक ज्ञान को मौजूदा समय और डिजिटल पाठक की जरूरतों के हिसाब से प्रस्तुत करते हैं। उनका फोकस हमेशा इस बात पर रहता है कि कंटेंट जानकारी दे, उलझाए नहीं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि


योगेश जोशी ने मास कम्युनिकेशन में स्नातक की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की इस पढ़ाई ने उन्हें तथ्यों के साथ जिम्मेदारी और संतुलन बनाए रखने की समझ दी, जो उनके लेखन में साफ झलकती है।


करियर की शुरुआत और प्रोफेशनल सफर


योगेश ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अमर उजाला के डिजिटल प्लेटफॉर्म से की। यहां उन्होंने डिजिटल न्यूज़, कंटेंट राइटिंग और एडिटिंग पर काम करते हुए मजबूत आधार तैयार किया। इसके बाद डिजिटल मीडिया में लगातार काम करते हुए उन्होंने एस्ट्रोलॉजी और धार्मिक विषयों से जुड़े कंटेंट में विशेषज्ञता विकसित की।
पाठक किस भाषा में बात समझता है और किस तरह की जानकारी उसके लिए उपयोगी होती है—यह समझ उनके प्रोफेशनल सफर की सबसे बड़ी ताकत रही है।

एस्ट्रोलॉजी लेखन और उद्देश्य


योगेश के लिए ज्योतिष केवल भविष्य बताने का जरिया नहीं है। वह इसे आत्मचिंतन और सही फैसलों में मदद करने वाले एक मार्गदर्शक के रूप में देखते हैं। इसी सोच के साथ वह राशिफल और अन्य ज्योतिषीय विषयों को संतुलित, व्यावहारिक और भरोसेमंद तरीके से प्रस्तुत करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों को डराना नहीं, बल्कि जानकारी के जरिए उन्हें सोचने और समझने की दिशा देना है।


व्यक्तिगत रुचियां


काम के अलावा योगेश को सामाजिक विषयों पर पढ़ना, लिखना और भारतीय परंपराओं को समझना पसंद है। उनका मानना है कि एक पत्रकार के लिए सीखना और खुद को अपडेट रखना सबसे जरूरी है।


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ग्रह-गोचर
दशा-महादशा
अंकज्योतिष
सामुद्रिक शास्त्र
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