
खरमास खत्म लेकिन मांगलिक कार्यों के लिए करना होगा इंतजार, देखें 2026 के विवाह मुहूर्त की पूरी लिस्ट
हिंदू पंचांग के अनुसार खरमास समाप्त हो गया है, लेकिन इसके बावजूद अभी शादी-विवाह और अन्य मांगलिक कार्यों के लिए थोड़ा इंतजार करना होगा। दरअसल, खरमास खत्म होने के बाद भी कुछ समय तक शुभ योग और विवाह मुहूर्त नहीं बन रहे हैं, जिस वजह से लोग शादी की तारीख तय नहीं कर पा रहे हैं।
हिंदू पंचांग के अनुसार खरमास समाप्त हो गया है, लेकिन इसके बावजूद अभी शादी-विवाह और अन्य मांगलिक कार्यों के लिए थोड़ा इंतजार करना होगा। दरअसल, खरमास खत्म होने के बाद भी कुछ समय तक शुभ योग और विवाह मुहूर्त नहीं बन रहे हैं, जिस वजह से लोग शादी की तारीख तय नहीं कर पा रहे हैं। खरमास के दौरान सूर्य धनु राशि में रहता है, इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं। सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के बाद खरमास तो समाप्त हो जाता है, लेकिन इसके बाद भी ग्रहों की स्थिति और तिथियों के कारण विवाह मुहूर्त सीमित रहते हैं।
क्यों करना होगा मांगलिक कार्यों के लिए इंतजार
ज्योतिष के अनुसार शादी जैसे मांगलिक कार्य तभी किए जाते हैं, जब पंचांग में शुभ तिथि, वार और योग बनते हों। आमतौर पर मकर संक्रांति के दिन सूर्य देव उत्तरायण होते हैं और इसी के साथ खरमास खत्म माना जाता है। उत्तरायण को देवताओं का दिन कहा जाता है, इसलिए इस समय को शुभ माना जाता है। लेकिन इस बार स्थिति थोड़ी अलग है। इस साल 14 जनवरी 2026 को मकर संक्रांति तो है, लेकिन इसके बाद भी शादी-विवाह और दूसरे मांगलिक काम शुरू नहीं हो पाएंगे। इसकी वजह है शुक्र ग्रह का अस्त होना। ज्योतिष के अनुसार, शुक्र ग्रह 11 दिसंबर 2025 को अस्त हो गए थे। शुक्र को प्रेम, विवाह, दांपत्य सुख और वैवाहिक जीवन का कारक ग्रह माना जाता है। जब शुक्र अस्त रहते हैं, तब विवाह जैसे संस्कार शुभ फल नहीं देते। इसी कारण सूर्य के उत्तरायण होने के बावजूद मांगलिक कार्यों पर रोक बनी रहेगी।
विवाह मुहूर्त कब से शुरू होंगे?
शुक्र ग्रह करीब 53 दिन तक अस्त रहते हैं और 1 फरवरी 2026 को उदय होंगे। धार्मिक मान्यता के अनुसार, किसी भी ग्रह के उदय के तीन दिन बाद उसके शुभ प्रभाव पूरी तरह माने जाते हैं। ऐसे में 4 फरवरी 2026 से विवाह और अन्य शुभ कार्यों की शुरुआत मानी जाएगी।
2026 के विवाह शुभ मुहूर्त-
5 फरवरी
6 फरवरी
8 फरवरी
10 फरवरी
12 फरवरी
14 फरवरी
19 फरवरी
20 फरवरी
21 फरवरी
24 फरवरी
25 फरवरी
26 फरवरी
मार्च 2026 के विवाह शुभ मुहूर्त
2 मार्च
3 मार्च
4 मार्च
7 मार्च
8 मार्च
9 मार्च
11 मार्च
12 मार्च
अप्रैल 2026 के विवाह शुभ मुहूर्त
15 अप्रैल
20 अप्रैल
21 अप्रैल
25 अप्रैल
26 अप्रैल
27 अप्रैल
28 अप्रैल
29 अप्रैल
मई 2026 के विवाह शुभ मुहूर्त
1 मई
3 मई
5 मई
6 मई
7 मई
8 मई
13 मई
14 मई
जून 2026 के विवाह शुभ मुहूर्त
21 जून
22 जून
23 जून
24 जून
25 जून
26 जून
27 जून
29 जून
जुलाई 2026 के विवाह शुभ मुहूर्त
1 जुलाई
6 जुलाई
7 जुलाई
11 जुलाई
12 जुलाई
अगस्त, सितंबर और अक्टूबर 2026- इन तीन महीनों में विवाह के लिए कोई शुभ मुहूर्त नहीं है।
नवंबर 2026 के विवाह शुभ मुहूर्त
21 नवंबर
24 नवंबर
25 नवंबर
26 नवंबर
दिसंबर 2026 के विवाह शुभ मुहूर्त
2 दिसंबर
3 दिसंबर
4 दिसंबर
5 दिसंबर
6 दिसंबर
अबूझ मुहूर्त क्या होता है- ज्योतिष में कुछ खास दिनों को अबूझ मुहूर्त कहा जाता है। इन दिनों की खास बात यह होती है कि इन पर अलग से मुहूर्त देखने की जरूरत नहीं होती। माना जाता है कि इन तिथियों पर ग्रह-नक्षत्र अपने आप शुभ स्थिति में होते हैं, इसलिए विवाह और अन्य मांगलिक कार्य बिना किसी रुकावट के किए जा सकते हैं। इन्हें सिद्ध मुहूर्त भी कहा जाता है।
2026 के अबूझ विवाह मुहूर्त
बसंत पंचमी: 23 जनवरी 2026
फुलेरा दूज: 19 फरवरी 2026
अक्षय तृतीया: 19 अप्रैल 2026
देवउठनी एकादशी: 30 सितंबर 2026
विजयादशमी (दशहरा): 20 अक्टूबर 2026





