Kharmas 2026: 14 या 15 मार्च कब शुरू हो रहा है खरमास? वर्जित हो जाएंगे ये 5 काम, करना होगा 30 दिन इंतजार

Mar 10, 2026 05:59 pm ISTNavaneet Rathaur लाइव हिन्दुस्तान
share

साल 2026 में पहला खरमास मार्च महीने में शुरू हो रहा है। आइए जानते हैं इसकी सटीक तिथि, अवधि और इस दौरान क्या-क्या वर्जित है।

Kharmas 2026: 14 या 15 मार्च कब शुरू हो रहा है खरमास? वर्जित हो जाएंगे ये 5 काम, करना होगा 30 दिन इंतजार

हिंदू पंचांग में खरमास (सूर्य संक्रांति के दौरान लगने वाला अशुभ काल) को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दौरान कोई भी शुभ कार्य (मांगलिक काम) वर्जित रहता है। खरमास में नए काम शुरू करने, विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, जनेऊ आदि संस्कार करने से बचना चाहिए। ऐसा करने से कार्यों में बाधाएं आती हैं और परिणाम अच्छे नहीं मिलते। साल 2026 में पहला खरमास मार्च महीने में शुरू हो रहा है। आइए जानते हैं इसकी सटीक तिथि, अवधि और इस दौरान क्या-क्या वर्जित है।

खरमास 2026 की सही शुरुआत

हिंदू ज्योतिष गणना के अनुसार, खरमास सूर्य के मीन राशि में प्रवेश के साथ शुरू होता है। 14 मार्च 2026 रात में सूर्य मीन राशि में प्रवेश करेंगे। इसलिए खरमास की शुरुआत 15 मार्च 2026 से होगी। साल 2026 का पहला खरमास लगभग 30 दिन चलेगा।

खरमास कब तक रहेगा?

खरमास की समाप्ति तब होती है, जब सूर्य मेष राशि में प्रवेश करता है। 14 अप्रैल 2026 को सूर्य मेष राशि में प्रवेश करेंगे। इसलिए खरमास 15 मार्च से 14 अप्रैल 2026 तक रहेगा।

यह अवधि लगभग 30 दिन की होती है। इस दौरान कोई भी शुभ मुहूर्त नहीं निकलता, इसलिए सभी मांगलिक कार्य स्थगित कर दिए जाते हैं।

खरमास में वर्जित 5 प्रमुख काम

खरमास में ये कार्य बिल्कुल नहीं करने चाहिए, क्योंकि इनसे कार्यों में रुकावट, आर्थिक हानि या पारिवारिक क्लेश की संभावना बढ़ जाती है:

  1. नए काम की शुरुआत - नया व्यवसाय, दुकान, प्रोजेक्ट या नई नौकरी शुरू ना करें।
  2. गृह प्रवेश - नए घर में प्रवेश या गृह पूजा खरमास बीतने के बाद ही करें।
  3. विवाह और सगाई - शादी, सगाई, एंगेजमेंट या नए रिश्ते की शुरुआत ना करें।
  4. शुभ संस्कार - मुंडन, जनेऊ, नामकरण, अन्नप्राशन जैसे संस्कार स्थगित रखें।
  5. बड़ी खरीदारी - नई संपत्ति, वाहन, मशीनरी या महंगी चीजों की खरीदारी ना करें।

इन कार्यों को खरमास में करने से परिणाम अच्छे नहीं मिलते और बाधाएं आती हैं।

खरमास के दौरान क्या करें? शुभ कार्य

खरमास में शुभ कार्य वर्जित हैं, लेकिन कुछ कार्य इस दौरान भी किए जा सकते हैं और ये विशेष लाभ देते हैं:

  • रोजाना सूर्य को जल अर्घ्य दें।
  • विष्णु सहस्रनाम, राम रक्षा स्तोत्र या हनुमान चालीसा का पाठ करें।
  • दान-पुण्य, तीर्थ यात्रा, व्रत और जप-तप करें।
  • घर में साफ-सफाई रखें और नकारात्मक विचारों से दूर रहें।
  • पुराने कर्ज चुकाने या लंबित काम निपटाने का अच्छा समय है।

ये कार्य खरमास के नकारात्मक प्रभाव को कम करते हैं और सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखते हैं।

खरमास का धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व

खरमास सूर्य के राशि परिवर्तन के समय लगता है। ज्योतिष में इस दौरान ग्रहों की स्थिति अस्थिर रहती है, इसलिए शुभ कार्यों में बाधा आती है। शास्त्रों में इसे अशुभ काल माना गया है। खरमास में शुभ कार्य करने से कार्य में रुकावट, आर्थिक हानि या पारिवारिक क्लेश की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए 15 मार्च से 14 अप्रैल 2026 तक सभी मांगलिक कार्य स्थगित रखें। इस दौरान धैर्य, भक्ति और सकारात्मक कार्यों पर ध्यान दें। खरमास समाप्त होते ही नए कार्यों की शुरुआत करने से शुभ फल मिलते हैं।

खरमास का समय धैर्य और आत्म-चिंतन का होता है। इन 30 दिनों में नियमों का पालन करें तो आगे का समय आपके लिए बहुत शुभ रहेगा।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Navaneet Rathaur

लेखक के बारे में

Navaneet Rathaur

संक्षिप्त विवरण

नवनीत राठौर नए युग के डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें इस क्षेत्र में करीब 7 साल का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन के हिस्सा हैं। यहां वह अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष से जुड़ी खबरें लिखते हैं।


विस्तृत बायो परिचय और अनुभव

डिजिटल मीडिया में अपनी अलग पहचान बना रहे नवनीत राठौर धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा में पाठकों के लिए परोसते हैं। वो अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और करीब 5 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान नवनीत ने वेबस्टोरी, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

नवनीत ने शारदा विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा से जनसंचार एवं पत्रकारिता में स्नातक और शुभारती विश्वविद्यालय से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।


नवनीत राठौर ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत जनतंत्र न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने सूर्या समाचार और अमर उजाला जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद नवनीत लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। पाठकों को सरल, विश्वसनीय और प्रेरणादायक जानकारी प्रदान करना ही नवनीत राठौर का मुख्य उद्देश्य है।


विशेषज्ञता (Areas of Expertise)

अंक ज्योतिष
हस्तरेखा विज्ञान
वास्तु शास्त्र
वैदिक ज्योतिष

और पढ़ें
जानें लेटेस्ट Dharm News, Aaj ka Rashifal और सटीक Panchang की जानकारी। अपनी डेली पूजा के लिए यहाँ पढ़ें Shiv Chalisa, Hanuman Chalisa और Bajrang Baanहिंदू कैलेंडर 2026 की शुभ तिथियों के साथ अपने हर दिन को खास बनाएं!