ज्योतिष शास्त्र: केतु की महादशा में इन 3 ग्रहों की अंतर्दशा दिलाती है जबरदस्त लाभ, चमक जाती है इंसान की किस्मत

Navaneet Rathaur लाइव हिन्दुस्तान
share

केतु की महादशा में कुछ विशेष ग्रहों की अंतर्दशा जबरदस्त लाभ देती है। इन शुभ ग्रहों की अच्छी स्थिति में व्यक्ति की किस्मत रातों-रात चमक सकती है, अचानक धन-समृद्धि, सम्मान और सफलता मिल सकती है। जानिए केतु महादशा में इन अंतर्दशाओं के फायदे और सही समय पर क्या उपाय करें।

ज्योतिष शास्त्र: केतु की महादशा में इन 3 ग्रहों की अंतर्दशा दिलाती है जबरदस्त लाभ, चमक जाती है इंसान की किस्मत

केतु को ज्योतिष में छाया ग्रह कहा जाता है। इसकी महादशा सामान्य तौर पर 7 साल तक चलती है। कई लोग केतु की महादशा का नाम सुनकर डर जाते हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि यदि इस दौरान कुंडली में शुभ ग्रहों की स्थिति मजबूत हो, तो व्यक्ति का भाग्य पूरी तरह बदल सकता है। केतु की महादशा में कुछ विशेष अंतर्दशाएं ऐसी हैं, जो व्यक्ति को अपार सफलता, धन और सम्मान दिला सकती हैं। इनमें सूर्य, चंद्रमा और बृहस्पति की अंतर्दशा सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। आइए जानते हैं कि इन तीनों ग्रहों की अंतर्दशा केतु की महादशा में व्यक्ति को क्या-क्या लाभ दे सकती है।

केतु की महादशा में सूर्य की अंतर्दशा

केतु की महादशा में सूर्य की अंतर्दशा लगभग 4 महीने की होती है, लेकिन इसका प्रभाव बहुत तीव्र और शक्तिशाली होता है। यदि कुंडली में सूर्य मजबूत स्थिति में है, तो इस दौरान सरकारी नौकरी, प्रशासनिक पद या उच्च पदों पर सफलता मिलने की प्रबल संभावना होती है। व्यक्ति को शारीरिक सुख, अच्छा भोजन और मान-सम्मान प्राप्त होता है। इस अंतर्दशा में तीर्थ यात्रा या विदेश यात्रा के योग भी बन सकते हैं। सूर्य की कृपा से रुके हुए काम आसानी से पूरे होते हैं और समाज में प्रतिष्ठा बढ़ती है।

केतु की महादशा में चंद्रमा की अंतर्दशा

चंद्रमा की अंतर्दशा केतु की महादशा में 7 महीने तक चलती है। चंद्रमा मन का कारक है, इसलिए यह व्यक्ति की मानसिक स्थिति पर गहरा प्रभाव डालता है। यदि चंद्रमा शुभ स्थिति में हो, तो इस दौरान अचानक बड़ा आर्थिक लाभ हो सकता है। व्यापार में अभूतपूर्व प्रगति होती है और उच्च अधिकारियों का सहयोग मिलता है। संतान सुख, विशेष रूप से पुत्री से संबंधित खुशखबरी भी आ सकती है। इस अंतर्दशा में व्यक्ति का जीवन समृद्ध और सुखमय हो जाता है।

केतु की महादशा में बृहस्पति की अंतर्दशा

ज्योतिष शास्त्र में केतु और बृहस्पति का मेल अत्यंत शुभ माना जाता है। बृहस्पति की अंतर्दशा केतु की महादशा में लगभग 11 महीने और 6 दिन तक चलती है। इस दौरान व्यक्ति आध्यात्मिक रूप से उन्नति करता है। विद्यार्थियों को ज्ञान और शिक्षा के क्षेत्र में विशेष सफलता मिलती है। समाज में सम्मान और प्रसिद्धि बढ़ती है। नई संपत्ति या भूमि खरीदने के योग बनते हैं। कृषि या रियल एस्टेट से जुड़े लोगों को अच्छा लाभ होता है। परिवार में संतान सुख या शुभ समाचार मिल सकता है। इस अंतर्दशा में व्यक्ति राजसी सुख और धन-संपत्ति का भरपूर आनंद लेता है।

केतु महादशा में इन अंतर्दशाओं का प्रभाव

केतु की महादशा में सूर्य, चंद्रमा और बृहस्पति की अंतर्दशाएं यदि शुभ हों, तो व्यक्ति का जीवन पूरी तरह बदल सकता है। इन तीनों ग्रहों की कृपा से न सिर्फ आर्थिक उन्नति होती है, बल्कि मानसिक शांति, सामाजिक सम्मान और आध्यात्मिक विकास भी मिलता है। केतु इन अंतर्दशाओं के माध्यम से व्यक्ति को पुरानी कर्मों से मुक्ति दिलाता है और नई ऊंचाइयों तक ले जाता है।

केतु की महादशा में इन शुभ अंतर्दशाओं का लाभ उठाने के लिए नियमित हनुमान चालीसा का पाठ, केतु बीज मंत्र जाप और दान-पुण्य करना चाहिए। यदि कुंडली में केतु पीड़ित हो, तो ज्योतिषी की सलाह से उपाय अवश्य करवाएं।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Navaneet Rathaur

लेखक के बारे में

Navaneet Rathaur

संक्षिप्त विवरण

नवनीत राठौर नए युग के डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें इस क्षेत्र में करीब 7 साल का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन के हिस्सा हैं। यहां वह अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष से जुड़ी खबरें लिखते हैं।


विस्तृत बायो परिचय और अनुभव

डिजिटल मीडिया में अपनी अलग पहचान बना रहे नवनीत राठौर धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा में पाठकों के लिए परोसते हैं। वो अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और करीब 5 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान नवनीत ने वेबस्टोरी, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

नवनीत ने शारदा विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा से जनसंचार एवं पत्रकारिता में स्नातक और शुभारती विश्वविद्यालय से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।


नवनीत राठौर ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत जनतंत्र न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने सूर्या समाचार और अमर उजाला जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद नवनीत लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। पाठकों को सरल, विश्वसनीय और प्रेरणादायक जानकारी प्रदान करना ही नवनीत राठौर का मुख्य उद्देश्य है।


विशेषज्ञता (Areas of Expertise)

अंक ज्योतिष
हस्तरेखा विज्ञान
वास्तु शास्त्र
वैदिक ज्योतिष

और पढ़ें
जानें लेटेस्ट Dharm News, Aaj ka Rashifal और सटीक Panchang की जानकारी। अपनी डेली पूजा के लिए यहाँ पढ़ें Shiv Chalisa, Hanuman Chalisa और Bajrang Baanहिंदू कैलेंडर 2026 की शुभ तिथियों के साथ अपने हर दिन को खास बनाएं!