एक ही दिन में केतु का शुक्र पर डबल असर, किन राशियों के लिए लाभ के योग
केतु और शुक्र की युति: शुक्र सिंह राशि में जा रहे हैं जहां केतु पहले से बैठें हैं, लेकिन यही नहीं केतु की शुक्र के साथ डबल युति बनने जा रही है। आइए जानें इससे राशियों पर क्या असर होगा।

शुक्र सिंह राशि में जा रहे हैं, केतु का यहां ही नहीं , एक और जगह केतु की डबल युति बन रही है, केतु के कारण शुक्र डबल तरीके से प्रभावित होगा। शुक्र पर केतु की डबल छाया का आपकी राशि पर क्या असर होगा और आपको इससे क्या लाभ होगा। इसके लिए आप यहां पढ़ें, इसके अलावा आप शुक्र और केतु जब मिलते हैं तो क्या होता है, इसको भी आप जान सकते हैं। यहां आप राशियों पर केतु के डबल इफेक्ट का असर भी पढ़ेंगें।
शुक्र और केतु की युति बनने पर क्या होता है ?
सिंह राशि में केतु पहले से बैठें हैं, जहां शुक्र जा रहे हैं। वहीं केतु के नक्षत्र में भी शुक्र का गोचर हो रहा है। एक तरफ आपकी कई इच्छाएं जागती हैं, वहीं आप किसी से अलग भी होते हैं। शुक्र आपकी लाइफ में प्यार, रिलेशनशिप, ब्यूटी, खुशी, क्रिएटिविटी, कंफर्ट, केतु, पिछले साल के कर्मा आदि का कारक बै। जब ये दोनों एनर्जी एक साथ मिलती हैं, क्रिएटिंग और इंटरनल पुश से दोनों में अफेक्शन होता है। इमोशनली दोनों मिलते हैं। केतु प्यार में ब्लर सीमाओं पर असर डालते हैं। इसी समय केतु आपकी अंतर्दशा को बढ़ाता है। आपकी छिपी हुई मोटिवेशन को बढ़ाता है।
शुक्र केतु के मघा नक्षत्र में जा रहे हैं?
शुक्र केतु के मघा नक्षत्र में जा रहे हैं, इससे कईराशियों के लिए अच्छे योग बनेंगे। मजे की बात है कि ये दोनों परिवर्तन एक ही दिन में हो रहे हैं। इससे आपके लिए कई तरह के लाभ के योग बन रहे हैं। इस तरह केतु के साथ सूर्य की राशि में और केतु के मघा नक्षत्र में जाने से किन राशियों पर क्या असर होगा। यहां जानें
किन राशियों पर होगा असर?
केतु के साथ शक्र की युति का कई राशियों पर अच्छा असर होगा। तुला राशि के लिए इस गोचर से आपके लिए अच्छे योग बनेंगे। आपको बिजनेस में भी लाभ होगा। आपका पुराना पैसा इस समय मिल सकता है। आप नौकरी में बदलाव के बारे में सोच सकते हैं। सिंह राशि के लोगों को प्रमोशन और नौकरी में लाभ हो सकता है, लेकिन आपको थोड़ा फैसला लेने से पहले सोचना होगा। मिथुन राशि के लिए भी केतु के इस गोचर से लाभ होगा। आपके विदेश यात्राओं के योग बन रहे हैं। आपके लिए चीजें पहले से अच्छी हैं।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
लेखक के बारे में
Anuradha Pandeyशार्ट बायो
अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।
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अनुराधा पांडे पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी चेहरा हैं, जिन्हें मीडिया में 16 वर्षों का व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और संस्थान के एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन की इंचार्ज हैं। अनुराधा पिछले 10 सालों से लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में लिख रही हैं। डिजिटल पत्रकारिता के दौर में उन्होंने धर्म जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपनी लेखनी से करोड़ों पाठकों का भरोसा जीता है। उनके पास खबरों को न केवल प्रस्तुत करने, बल्कि सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और विश्लेषणात्मक कंटेंट देने का लंबा अनुभव है। वह शिव महापुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और कई अन्य शास्त्रों के जटिल तथ्यों को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं।
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