
Karwa Chauth Sargi: करवा चौथ की सरगी में क्या-क्या होता है? जानें सरगी खाने का सही समय क्या है?
संक्षेप: Karwa Chauth Sargi Timimg: मान्यता है कि करवा चौथ व्रत करने से पति की आयु लंबी होती है और सुखद वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद प्राप्त होता है। करवा चौथ व्रत में सरगी का भी खास महत्व है। जानें करवा चौथ सरगी में क्या-क्या होता है और इसे खाने का शुभ मुहूर्त।
Karwa Chauth Sargi: करवा चौथ व्रत का सुहागिन स्त्रियां पूरे वर्ष बेसब्री से इंतजार करती हैं। यह त्योहार कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। करवा चौथ का व्रत कठिन व्रतों में से एक है। इस व्रत को महिलाएं पूरे दिन निर्जला रखती हैं और शाम को चंद्र दर्शन के बाद व्रत का पारण करती हैं। इस व्रत की शुरुआत सुबह सरगी से होती है। करवा चौथ व्रत में सरगी का खास महत्व है। जानें करवा चौथ व्रत की सरगी में क्या होती है और इसमें क्या-क्या शामिल करते हैं और इसे किस समय खाना चाहिए।
सरगी क्या होती है: करवा चौथ सरगी, निर्जला व्रत शुरू करने से पहले सास द्वारा बहू को दी जाने वाली एक रस्म है। सरगी में खाने-पीने की चीजें जैसे फल, सूखे मेवे व मिठाई आदि और इसके अलावा 16 श्रृंगार का सामान भी होता है। सरगी सास के प्यार व आशीर्वाद का प्रतीक मानी जाती है, जिसे सूर्योदय से पूर्व खाकर व्रत आरंभ किया जाता है। ध्यान रखें कि सरगी में तेल व मसालेदार चीजों को शामिल करने से करना चाहिए।
सरगी में क्या-क्या होता है: करवा चौथ की सरगी में फलों को शामिल करना चाहिए। इसके अलावा सूखे मेवे, हलवा, दूध व दही से बनी चीजों को भी शामिल किया जा सकता है। सरगी में साड़ी, मेहंदी, बिछिया, बिंदी और शगुन के तौर पर कुछ अन्य श्रृंगार सामग्री को शामिल किया जाता है।
करवा चौथ पर सरगी खाने का शुभ मुहूर्त: हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, सरगी को सूर्योदय से दो घंटे पूर्व खाया जाता है। इस साल करवा चौथ 10 अक्टूबर 2025 को है। इस दिन सूर्योदय सुबह 06 बजकर 19 मिनट पर होगा। इस दिन सरगी को सुबह स्नान आदि करके सुबह 04 बजकर 19 मिनट तक खा सकते हैं।
करवा चौथ के दिन चांद निकलने का समय: करवा चौथ के दिन रात 08 बजकर 13 मिनट पर चंद्र दर्शन होंगे। हालांकि अलग-अलग स्थानों पर चांद दिखने का समय भिन्न हो सकता है।





