
आज करवा चौथ पर सुबह 04:40 बजे से ब्रह्म मुहूर्त, जानें सरगी खाने से लेकर, पूजन व चांद दिखने तक का समय
Karwa Chauth Puja Timing and Chand Dikhne ka samay: करवा चौथ का त्योहार हिंदू धर्म में बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन सुहागिन स्त्रियां अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए निर्जला व्रत करती हैं। जानें करवा चौथ का चांद दिखने के समय से लेकर सभी जरूरी बातें।
Karwa Chauth Puja Best Muhurat, Vidhi and Chand Time 2025: करवा चौथ का त्योहार हिंदू महिलाओं में बहुत लोकप्रिय है। इस दिन सुहागिन स्त्रियां अपने पति की लंबी आयु व सुखद वैवाहिक जीवन की कामना के लिए निर्जला व्रत करती हैं। करवा चौथ का पर्व मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, मध्य प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर और हिमाचल प्रदेश व झारखंड जैसे राज्यों में मुख्य रूप से मनाया जाता है। हर साल कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को करवा चौथ व्रत रखा जाता है। इस साल करवा चौथ व्रत 10 अक्तूबर,शुक्रवार को है। करवा चौथ व्रत में कुछ जगहों पर सूर्योदय से पूर्व सरगी खाने की परंपरा है। करवा चौथ के दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04 बजकर 40 मिनट पर प्रारंभ होगा। ज्योतिष शास्त्र में ब्रह्म मुहूर्त को अत्यंत शुभ व कल्याणकारी माना गया है। जानें करवा चौथ पर सरगी खाने का समय, पूजा विधि, सामग्री व चांद दिखने का समय।

1. चतुर्थी तिथि कब से कब तक: हिंदू पंचांग के अनुसार, चतुर्थी तिथि 09 अक्तूबर को रात 10 बजकर 54 मिनट से शुरू होकर 10 अक्तूबर को शाम 07 बजकर 38 मिनट तक रहेगी।
2. करवा चौथ में किस भगवान की पूजा करते हैं: करवा चौथ व्रत में सुहागिन स्त्रियां भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान कार्तिकेय और गणेश जी के अलावा करवा माता की पूजा करती हैं। शाम को चंद्र दर्शन व अर्घ्य देकर व्रत का पारण करने की परंपरा है।
3. करवा चौथ व्रत का समय 2025: इस बार करवा चौथ व्रत सुबह 06 बजकर 19 मिनट से प्रारंभ होगा और रात 08 बजकर 13 मिनट तक रखा जाएगा। व्रत की कुल अवधि 13 घंटे 54 मिनट की है। हालांकि ध्यान रखें कि करवा चौथ व्रत चांद को अर्घ्य देने के बाद ही पूर्ण होता है। अलग-अलग जगहों पर करवा चौथ का चांद दिखने का समय भिन्न हो सकता है।
4. करवा चौथ पूजा सामग्री लिस्ट: शिव परिवार की तस्वीर व करवा माता की फोटो या चित्र, टोंटीदार करवा व ढक्कन, दीपक, अक्षत (साबुत चावल), कच्चा दूध, शक्कर, फूल, अगरबत्ती, शहद, चंदन, बिंदी, चुनरी, साड़ी, बिछुआ, मेहंदी, सिंदूर, रुई, कपूर, जल का लोटा, गौरी बनाने के लिए पीली मिट्टी, लकड़ी का आसन, भोग के लिए मिठाई, आठ पूरियों की अठावरी, हल्दी व दक्षिणा (दान के लिए) आदि।
5. करवा चौथ पूजा विधि: शाम के समय चंद्रमा निकलने से पहले महिलाएं एक साथ भगवान शिव, माता पार्वती और करवा माता की विधिवत पूजा करती हैं। करवा चौथ की कथा का पाठ करती हैं। इसके बाद व्रती महिलाओं को चंद्र दर्शन का बेसब्री से इंतजार रहता है। चांद के निकलने पर उसे छलनी से देखती हैं और अर्घ्य देती हैं, इसके बाद छलनी से पति का चेहरा कर पानी या मिठाई खाकर व्रत का पारण करती हैं।
6. करवा चौथ सरगी खाने का समय: करवा चौथ के दिन ब्रह्म मुहूर्त 04 बजकर 40 मिनट से 05 बजकर 30 मिनट तक रहेगा। हिंदू धर्म में करवा चौथ की सरगी खाने के लिए ब्रह्म मुहूर्त अत्यंत उत्तम माना गया है।
7. करवा चौथ पूजा मुहूर्त: करवा चौथ पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 05 बजकर 57 मिनट से शाम 07 बजकर 11 मिनट तक रहेगा। पूजा की कुल अवधि 01 घंटा 14 मिनट की है।
8. करवा चौथ का चांद कितने बजे दिखेगा: करवा चौथ का चांद रात 08 बजकर 13 मिनट पर नजर आएगा। हालांकि अलग-अलग शहरों में चांद दिखने का समय अलग हो सकता है।





