Hindi Newsधर्म न्यूज़Kartik Purnima 2025: Date Time Puja Vidhi Shubh Muhurat and Snan-Daan ka Samay
कार्तिक पूर्णिमा कल, जानें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त, स्नान दान का समय

कार्तिक पूर्णिमा कल, जानें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त, स्नान दान का समय

संक्षेप:

हिंदू धर्म में कार्तिक पूर्णिमा का बहुत अधिक महत्व होता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान करने वालों पर भगवान की विशेष कृपा बरसती है। यही वह तिथि है जब देव दिवाली भी मनाई जाती है। कहा जाता है कि इस रात देवलोक से देवी-देवता काशी के घाटों पर आते हैं और दीप प्रज्वलित करते हैं।

Tue, 4 Nov 2025 11:52 AMYogesh Joshi लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
share Share
Follow Us on

Kartik Purnima : हिंदू धर्म में कार्तिक पूर्णिमा का बहुत अधिक महत्व होता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान करने वालों पर भगवान की विशेष कृपा बरसती है। यही वह तिथि है जब देव दिवाली भी मनाई जाती है। कहा जाता है कि इस रात देवलोक से देवी-देवता काशी के घाटों पर आते हैं और दीप प्रज्वलित करते हैं, इसलिए इसे देवताओं की दिवाली भी कहा जाता है। भगवान शिव और भगवान विष्णु दोनों की पूजा इस दिन शुभ मानी जाती है। साथ ही माना जाता है कि कार्तिक पूर्णिमा देवउठनी एकादशी के बाद आने वाली सबसे शुभ तिथि है, इसलिए इस दिन का स्नान–दान और पूजन अत्यंत फलदायी माना जाता है। इस वर्ष कार्तिक पूर्णिमा बुधवार, 5 नवंबर 2025 को मनाई जाएगी।

LiveHindustan को अपना पसंदीदा Google न्यूज़ सोर्स बनाएं – यहां क्लिक करें।

तिथि और शुभ मुहूर्त-

पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 4 नवंबर 2025, रात 10:36 बजे से है।

पूर्णिमा तिथि समाप्ति 5 नवंबर 2025 को शाम 6:48 बजे होगी।

प्रदोष काल मुहूर्त- 5 नवंबर 2025, शाम 5:15 बजे से शाम 7:50 बजे तक है।

स्नान-दान का समय- 5 नवंबर को सुबह से लेकर शाम तक स्नान-दान का शुभ मुहूर्त है। इस दिन गंगास्नान और दान करना शुभ माना गया है। स्नान के बाद जरूरतमंदों को दान देना धर्म अनुसार श्रेष्ठ कार्य माना जाता है।

पूजा के शुभ मुहूर्त

सुबह का पूजन मुहूर्त: 7:58 ए एम- 9:20 ए एम

शाम/प्रदोष काल पूजन: 5:15 पी एम-7:05 पी एम

यही समय दीपदान और विशेष पूजा-अर्चना के लिए अनुकूल माना गया है।

कार्तिक पूर्णिमा पूजा विधि

ब्रह्ममुहूर्त में उठकर गंगा स्नान करें (संभव न हो तो पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान)।

घर में गंगाजल छिड़ककर स्थान शुद्ध करें।

भगवान गणेश की पूजा कर शिव-पार्वती और विष्णु-लक्ष्मी का पूजन करें।

घर में दीपक जलाएं- मुख्य दरवाजे, तुलसी के पास, पूजास्थान में और जल स्रोत के पास।

श्री सत्यनारायण भगवान की कथा सुनें या पाठ कराएं।

उपवास रखकर व्रत का संकल्प लें और दिनभर भक्ति में समय बिताएं।

शाम को दीपदान करें और आरती करें।

दिवाली की तरह आज के दिन भी घर-आंगन को दीपों से सजाना बहुत शुभ माना जाता है।

इन चीजों का करें दान-

परंपरा के अनुसार इस दिन श्रद्धा से दान करने का विशेष महत्व है। विशेष रूप से- वस्त्र, अन्न, तिल, चावल,घी का दान करना पुण्यकारी माना गया है।

ये भी पढ़ें:देव दीपावली पर दुर्लभ संयोग, इन राशियों को होगा लाभ, धन-लाभ के प्रबल योग

कार्तिक पूर्णिमा का महत्व

शास्त्रों के अनुसार कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान, दान और पूजा से पाप नष्ट होते हैं और मोक्ष का लाभ मिलता है। कहा जाता है कि इस दिन सूर्योदय से पहले स्नान करने का फल कई जन्मों के पुण्य के बराबर होता है। श्रद्धा और भक्ति के साथ किया गया दीपदान जीवन से अंधकार दूर करता है और सुख–समृद्धि लाता है।

Yogesh Joshi

लेखक के बारे में

Yogesh Joshi
योगेश जोशी हिंदुस्तान डिजिटल में सीनियर कंटेंट प्रड्यूसर हैं। उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के मेहला गांव के रहने वाले हैं। पिछले छह सालों से पत्रकरिता कर रहे हैं। एनआरएआई स्कूल ऑफ मास कम्युनिकेश से जर्नलिज्म में स्नातक किया और उसके बाद 'अमर उजाला डिजिटल' से अपने करियर की शुरुआत की, जहां धर्म और अध्यात्म सेक्शन में काम किया।लाइव हिंदुस्तान में ज्योतिष और धर्म- अध्यात्म से जुड़ी हुई खबरें कवर करते हैं। पिछले तीन सालों से हिंदुस्तान डिजिटल में कार्यरत हैं। अध्यात्म के साथ ही प्रकृति में गहरी रुचि है जिस कारण भारत के विभिन्न मंदिरों का भ्रमण करते रहते हैं। और पढ़ें
जानें धर्म न्यूज़ ,Choti Diwali Wishes , Rashifal, Panchang , Numerology से जुडी खबरें हिंदी में हिंदुस्तान पर| हिंदू कैलेंडर से जानें शुभ तिथियां और बनाएं हर दिन को खास!