Kark Sankranti:आज कर्क संक्रांति में किन राशियों को लाभ देंगे सूर्यदेव, कर्क संक्रांति में क्या दान करें

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Surya gochar kark rashi: कर्क संक्रांति क्या है और इसमें क्या करना चाहिए औरइससे राशियों पर क्या असर होता है। सब कुछ जानने के लिए पढ़ें-

सूर्य गोचर कर्क संक्रांति

आज कर्क संक्रांति है। जिस प्रकार सूर्य की मकर संक्रांति होती है, उसी प्रकार कर्क संक्रांति भी होती है। इस दिन स्नान, दान का उत्तम फल मिलता है। दरअसल मकर संक्रांति पर सूर्य उत्तरायण में होते हैं, वहीं आज कर्क संक्रांति में दक्षिणायन भगवान होते हैं। इस दिन सूर्य मिथुन राशि से निकलकर चंद्रमा की कर्क राशि में जाते हैं। इसका राशियों पर भी असर होता है। यहां हम आपको सूर्य की कर्क संक्रांति का राशियों पर असर तो बताएंगे ही साथ ही सूर्य की किस प्रकार पूजा करने से क्या लाभ मिलता है, यह भी बताएंगे। आइए जानते हैं कर्क संक्रांति आपको किस प्रकार लाभ देगा और किन राशियों के लिए सतर्क रहने की सलाह है।

कर्क संक्रांति से किन राशियों को क्या लाभ?

पंडित नरेंद्र उपाध्याय की मानें तो सूर्य के कर्क राशि में प्रवेश करने से कई राशियों के लिए अच्छे अवसर आएंगे। इनमें कन्या, मिथुन, वृषभ, कर्क और मकर राशि को लाभ होगा। इस राशि के लिए आत्मविश्वास से लेकर सरकारी नौकरी तक में अच्छे योग बनेंगे। आपको पिता की संपत्ति का लाभ भी मिल सकता है। इसलिए सूर्य की उपासना करें। इन राशियों के लिए धन लाभ के मौके भी मिल सकते हैं क्योंकि आपके फैसले सही साबित होंगे। कुल मिलाकर आपके लिए सूर्य का गोचर बहुत खास है, जो आपको लाभ देगा।

कर्क संक्रांति से किन राशियों के लिए दिक्कतें?

पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, सूर्य के कर्क राशि में प्रवेश करने से मेष, कुंभ और सिंह राशि के लिए समय थोड़ा अच्छा नहीं होगाष इस राशि के लोगों के लिए काफी मामलों में फंसने की आशंका रहेगी। मन में उतार चढ़ावआएंगे। आप अच्छे से फैसला नहीं ले पाएंगे। आपके लिए चीजें थोड़ी कठिन लग सकती हैं। पिता के साथ असहमति भी होगी और आपके फैसले भी आपका साथ नहीं देगें।

कर्क संक्रांति में क्या करें

उत्तरायण अथवा दक्षिणायनमें सूर्यदेवका विशेषरूपसे पूजन करके मनुष्य सब पापोंसे मुक्त हो जाता है। इस दिन पितरों का श्राद्ध भी कियाजाता है। इसलिए इस दिन स्नान और दान करना उत्तम है। अगर किसी पवित्र नदी में ना जा पाएं तो घर में काले तिल डालकर नहां लें। इस जिन छत्र, ध्वजा, , पताका और चंवर आदि वस्तुं सूर्यदेव को अर्पित करनी चाहिए। इस दिन अन्न और वस्त्र का दान किया जाता है।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Anuradha Pandey

लेखक के बारे में

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शार्ट बायो

अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।


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अनुराधा पांडे पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी चेहरा हैं, जिन्हें मीडिया में 16 वर्षों का व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और संस्थान के एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन की इंचार्ज हैं। अनुराधा पिछले 10 सालों से लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में लिख रही हैं। डिजिटल पत्रकारिता के दौर में उन्होंने धर्म जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपनी लेखनी से करोड़ों पाठकों का भरोसा जीता है। उनके पास खबरों को न केवल प्रस्तुत करने, बल्कि सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और विश्लेषणात्मक कंटेंट देने का लंबा अनुभव है। वह शिव महापुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और कई अन्य शास्त्रों के जटिल तथ्यों को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं।


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अनुराधा ने अपने करियर की शुरुआत साल 2010 में आज समाज अखबार से की। इसके बाद उन्होंने 'आज तक' (Aaj Tak) में एजुकेशन सेक्शन में तीन साल तक अपनी सेवाएं दीं। साल 2015 से वह लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ी हैं और एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का नेतृत्व कर रही हैं। उनका गहरा अनुभव उन्हें जटिल विषयों पर सरल और प्रभावी ढंग से लिखने में सक्षम बनाता है। उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है। इसके साथ ही दिल्ली विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन, सीसीएसयू से एम.कॉम और कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन एवं मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है।


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