Kanwar Yatra: कांवड़ को नीचे रख दिया तो क्या करना चाहिए? पहली बार जाने वाले जान लें 6 नियम
क्या आप पहली बार कांवड़ यात्रा पर जा रहे हैं? जानें कांवड़ को नीचे रख देने पर क्या माना जाता है और इससे जुड़े धार्मिक नियम और मान्यताएं क्या हैं? साथ ही जानें कि यात्रा के दौरान किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

सावन का महीना 30 जुलाई से शुरू हो रहा है। इस दौरान लाखों की संख्या में शिवभक्त कांवड़ यात्रा पर निकलते हैं और भगवान शिव को सच्ची श्रद्धा के साथ जलाभिषेक करते हैं। कांवड़ यात्रा से जुड़े कई अहम नियम हैं जिनमें से एक है कांवड़ को जमीन पर ना रखने की। अगर आप इस साल पहली बार कांवड़ यात्रा पर जाने की सोच रहे हैं तो ऐसे ही जरूरी नियमों को समझ लेना जरूरी है।
पहली बार कांवड़ यात्रा पर जाने वालों के मन में कई तरह के सवाल आते हैं वहीं कांवड़ को गलती से जमीन पर रखने का डर भी कई लोगों को होता है। आपने भी इस बारे में कहीं ना कहीं जरूर सुना होगा। अगर नहीं तो जानिए आखिर इससे जुड़ी धार्मिक मान्यता क्या है और इससे जुड़े जरूरी नियम कौन-कौन से हैं?
कांवड़ को जमीन पर ना रखने की मान्यता
धार्मिक मान्यता के अनुसार गंगाजल भरने के बाद कांवड़ को सीधा जमीन पर ना रखने का नियम है। इसका लोग कड़ाई के साथ पालन करते हैं। दरअसल इसे कांवड़ यात्रा के सबसे अहम नियमों में से एक माना जाता है। कांवड़ यात्रा में शामिल होने वाले सभी श्रद्धालु इस बात का विशेष रूप से ध्यान रखते हैं कि कांवड़ गलती से भी जमीन पर ना रखी जाए। लोग इस नियम को भगवान शिव के प्रति श्रद्धा के प्रतीक के रूप में देखते हैं।
अगर हो जाए गलती तो क्या करें?
अगर गलती से भी कांवड़ आप जमीन पर रख दें या ये गिर जाए तो इसे शुभ नहीं माना जाता है और ना ही शुद्ध। ऐसे में कई बार श्रद्धालु फिर से गंगाजल भरकर अपनी यात्रा की शुरुआत करते हैं। हालांकि अलग-अलग जगहों पर इस परंपरा को लेकर नियम अलग भी हो सकते हैं। ऐसे में कई लोग अपने स्थानीय परंपरा के हिसाब से इस नियम को पूरा करते हैं लेकिन इसका सही नियम यही है कि गंगाजल को फिर से भरकर दोबारा यात्रा शुरू की जाए।
आराम करते वक्त कहां रखें कांवड़?
सावन कांवड़ यात्रा आसान नहीं होती है। ऐसे में लोग बीच में रुककर आराम भी करते हैं। इस दौरान कांवड़ को सीधा जमीन पर ना रखकर स्टैंड पर रखना शुभ और सही तरीका माना जाता है। वहीं श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यात्रा मार्ग पर जगह-जगह ये स्टैंड बनाए जाते हैं। ऐसे में लोगों को कांवड़ को रखने की आसानी हो जाती है। सुविधा ना हो तो लोग अपने साथ जाने वाले लोगों को कांवड़ पकड़ाकर थोड़ी देर के लिए आराम कर लेते हैं।
पहली बार कर रहे हैं कांवड़ा यात्रा तो रखें ध्यान
1. कांवड़ यात्रा की शुरू करने के साथ ही शिवजी के जलाभिषेक तक आप सात्विक भोजन ही करें। इस दौरान मांस-मदिरा या फिर सिगरेट जैसी चीजों से दूर रहना है।
2. हर दिन स्नान करना जरूरी है। साफ कपड़े ही पहनें। पूजा करने से पहले या फिर कांवड़ को छूने से पहले अपनी साफ-सफाई का विशेष रूप से ध्यान रखें।
3. कांवड़ यात्रा के दौरान मन को शांत रखें। किसी से भी झगड़ा ना करें और ना ही खराब शब्दों का इस्तेमाल करें। यात्रा के दौरान किसी का अपमान करना अशुभ माना जाता है।
4. हिंदू धर्म मान्यता के अनुसार कांवड़ यात्रा के दौरान लेदर शूज, बेल्ट या पर्स का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए।
5. यात्रा के दौरान बोल बम या फिर हर हर महादेव के जयकारे लगाते जाएं।
6. कांवड़ यात्रा सिर्फ पैदल चलने तक ही सीमित ना रखें। इस दौरान हर नियम का पालन करें और मन में किसी के प्रति गलत भावना ना रखें। दूसरों का सम्मान करते हुए अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते जाएं।


