Kamika ekadashi: कामिका एकादशी पर शिववास योग, श्रीहरि और ‌‌शिवजी की पूजा दोनों फलदायी

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Kamika ekadashi 2026 date: इस बार कामिका एकादशी पर शिववास योग है, इस दिन श्रीहरि और शिवशंकर जी की पूजा विशेष फलदायी मानी जाएगी।

Lord Vishnu kamika Ekadashi
Lord Vishnu kamika Ekadashi

इस बार कामिका एकादशी के दिन भगवान शिव और भगवान विष्णु दोनों की पूजा का विशेष फल आपको मिलने वाला है। इस साल कामिका एकादशी पर ग्रहों का भी दुर्लभ संयोग तो है ही साथ ही शिव वास भी है। शिव वास का अर्थ है शिवजी का निवास स्थान इस दिन है, इसलिए इस जो भी भगवान शिव के लिए पूजा की जाएगी, वो उसका उत्तम फल आपको मिलेगा। शिववास योग को ज्योतिष से देक जाता है कि भगवान शिव का वास इस समय कहां है। कहा जाता है कि सावन में शिव रात्रि पर और किसी ज्योतिर्लिंग में कभी भी रुद्राभिषेक कर सकते हैं। इसके लिए शिव वास देखना नहीं चाहिए। फिर भी इस दिन शिववास होने से भगवान शिव की रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय मंत्र जाप कभी भी किए जा सकते हैं।

कब है एकादशी और कब किया जाएगा पारण

इस साल कामिका एकादशी की तिथि 8 अगस्त 2026 को सुबह 10 बजकर 29 मिनट से लगेगी, लेकिन इस दिन व्रत नहीं रखा जाएगा, जिस दिन दशमी युक्त एकादशी होती है, व्रत उस दिन नहीं किया जाता है। अगले दिन 9 अगस्त को द्वादशी युक्त एकादशी है तो इस दिन व्रत किया जाएगा। 9 अगस्त 2026 को सुबह 7 बजकर 34 मिनट पर एकादशी तिथि समाप्त होगी। एकादशी व्रत का पारण 10 अगस्त 2026 को किया जाएगा और शुभ समय सुबह 6 बजकर 36 मिनट से सुबह 9 बजकर 32 मिनट तक रहेगा।

कामिका एकादशी व्रत में क्या करें?

मान्यता है कि इस व्रत से भगवान विष्णु बहुत जल्दी प्रसन्न होते हैं। इस बार कामिका एकादशी व्रत इसलिए भीखास हैं क्योंकि इस बार मिथुन राशि में इस दिन मंगल और चंद्र के होने से महालक्ष्मी राजयोग बनेगा, जो कई राशियों के लिए धन और वैभव लेकर आएगा।

इस दिन भगवान विष्णु जी की पूजा करें और उनके सामने गाय के दूध से बने घी का दीपक जलाना चाहिए। उनका भगवान विष्णु का दक्षिणावर्ती शंख से अभिषेक करें। अभिषेक के लिए दूध में केसर मिलाएं और इस दूध को शंख में भरकर भगवान को चढ़ाएं। धूप-दीप जलाकर आरती करें। इस दिन भगवान विष्णु के साथ मां लक्ष्नी की पूजा भी बहुत खास माना जाती है।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Anuradha Pandey

लेखक के बारे में

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शार्ट बायो

अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।


परिचय और अनुभव

अनुराधा पांडे पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी चेहरा हैं, जिन्हें मीडिया में 16 वर्षों का व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और संस्थान के एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन की इंचार्ज हैं। अनुराधा पिछले 10 सालों से लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में लिख रही हैं। डिजिटल पत्रकारिता के दौर में उन्होंने धर्म जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपनी लेखनी से करोड़ों पाठकों का भरोसा जीता है। उनके पास खबरों को न केवल प्रस्तुत करने, बल्कि सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और विश्लेषणात्मक कंटेंट देने का लंबा अनुभव है। वह शिव महापुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और कई अन्य शास्त्रों के जटिल तथ्यों को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं।


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