Kamada Ekadashi Vrat Paran 2026: कामदा एकादशी व्रत का पारण कब तक कर सकते हैं? जानें सही समय और विधि
कामदा एकादशी व्रत पारण 2026: 29 मार्च 2026 को रखे गए कामदा एकादशी व्रत का पारण 30 मार्च 2026 को सुबह 06:14 से 07:09 बजे तक करें। अगर इस समय नहीं कर पाए, तो जानिए सही पारण समय, मुहूर्त, पूजा विधि और नियम।

कामदा एकादशी व्रत चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को रखा जाता है। यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है और पापों से मुक्ति तथा मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। व्रत रखने के साथ-साथ इसका पारण (व्रत खोलना) भी उतना ही जरूरी है। बिना सही समय और विधि से पारण किए व्रत का पूर्ण फल नहीं मिलता। कामदा एकादशी व्रत का पारण 30 मार्च 2026, सोमवार को किया जाएगा।
कामदा एकादशी व्रत पारण का सही समय
कामदा एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि में सूर्योदय के बाद करना चाहिए। पारण का 30 मार्च 2026, सोमवार को सुबह 06:14 बजे से 07:09 बजे तक। यह समय सबसे उत्तम है। यदि किसी कारणवश आप इस समय में पारण नहीं कर पाते हैं, तो मध्याह्न तक द्वादशी तिथि रहने पर पारण किया जा सकता है। लेकिन सुबह का समय सबसे शुभ और फलदायी होता है। पारण द्वादशी तिथि समाप्त होने से पहले अवश्य पूरा कर लें। एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि में करना अनिवार्य होता है। यदि समय पर पारण नहीं कर पाएं, तो द्वादशी तिथि समाप्त होने से पहले जल या तुलसी दल ग्रहण कर व्रत खोलें। यदि यह भी ना हो पाए, तो विष्णुजी से क्षमा याचना करें और इसके बाद सात्विक भोजन से पारण करें।
कामदा एकादशी पारण की विधि
पारण की विधि सरल लेकिन नियमपूर्वक करनी चाहिए:
- सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- सबसे पहले सूर्य देव को जल अर्घ्य दें।
- भगवान विष्णु की पूजा करें, उन्हें पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, चीनी) का भोग लगाएं और तुलसी दल अर्पित करें।
- ब्राह्मण या जरूरतमंदों को दान-दक्षिणा दें।
- पारण से पहले तुलसी का एक पत्ता मुंह में रखें।
- फिर सात्विक भोजन (चावल सहित) ग्रहण करें।
पारण के महत्वपूर्ण नियम
पारण हमेशा द्वादशी तिथि में ही करना चाहिए। पारण से पहले विष्णु पूजा अनिवार्य है। तुलसी दल के बिना पारण नहीं करना चाहिए। पारण के दिन तामसिक भोजन (लहसुन, प्याज, मांस) से पूरी तरह बचें। दान-पुण्य अवश्य करें, इससे व्रत का फल कई गुना बढ़ जाता है।
कामदा एकादशी व्रत पारण के फायदे
सही समय और विधि से पारण करने से पापों से मुक्ति मिलती है, मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है। व्रत के पारण में नियमों का ध्यान रखने से मानसिक शांति और सुख-समृद्धि आती है।
कामदा एकादशी 2026 का व्रत रखने वाले भक्त 30 मार्च सुबह 06:14 से 07:09 बजे के बीच पारण अवश्य करें। यदि इस समय में संभव ना हो तो द्वादशी तिथि समाप्त होने से पहले पारण कर लें। श्रद्धा और नियमों का पालन करने से व्रत का पूरा फल प्राप्त होता है।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
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