Kamada Ekadashi Paran: 9 अप्रैल को इस समय करें कामदा एकादशी व्रत का पारण, जानें कैसे किया जाता है पारण

Anuradha Pandey लाइव हिन्दुस्तान
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  • कामदा एकादशी का व्रत हर साल चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी के दिन होता है। इस साल यह व्रत 8 अप्रैल को रखा जाएगा।

Kamada Ekadashi Paran: 9 अप्रैल को इस समय करें कामदा एकादशी व्रत का पारण, जानें कैसे किया जाता है पारण

कामदा एकादशी का व्रत हर साल चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी के दिन होता है। इस साल यह व्रत 8 अप्रैल को रखा जाएगा। क्योंकि एक दिन पहले एकादशी रात में शुरू हो रही है। इस व्रत में सुबह सबसे पहले स्नान करके व्रत का संकल्प लेते हैं। इसके बाद इस साल चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि पर रवि का संयोग बन रहा है। इस साल एकादशी योग सुबह 06 बजकर 03 मिनट से लेकर सुबह 07 बजकर 55 मिनट तक रहेगा। इस योग में लक्ष्मी नारायण जी की पूजा करने से लाभ मिलता है और व्रती की सभी मनोकामनाएं पूरी होती है। कामदा एकादशी पर इस बार सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है। यह संयोग बहुत खास माना जाता है। सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 06 बजकर 03 मिनट से लेकर सुबह 07 बजकर 55 मिनट तक है। इस योग में किया गया कार्य सफल होता है।

एकादशी तिथि
इस साल कामदा एकादशी उदया तिथि के अनुसार 8 अप्रैल को रखी जाएगी। इस साल कामदा एकादशी का व्रत 8 अप्रैल को रखा जाएगा। 8 अप्रैल को 9 बजकर 12 मिनट तक एकादशी तिथि है। इसके बाद 9 अप्रैल को एकादशी व्रत का पारण किया जाएगा। पारण करने के लिए समय सुबह 6 बजकर सुबह 8 बजकर 34 मिनट तक हो जाना चाहिए।

एकादशी व्रत का पारण कैसे करें
एकादसी का व्रत रखने के बाद अगले दिन द्वादशी पर सुबह व्रत का पारण किया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की मूर्ति का अभिषेक पंचामृत से कराया जाता है। इसके बाद ही व्रत का पारण करना चाहिए। एक तरफ जहां एकादशी व्रत पर चावल नहीं खाए जाते हैं, लेकिन पारण करते समय द्वादशी पर चावल से ही व्रत खोला जाता है। पारण करने के बाद मंदिर में या किसी गरीब को भोजन की थाली दें। इस दिन तामसिक भोजन करने से बचना चाहिए।

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शार्ट बायो

अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।


परिचय और अनुभव

अनुराधा पांडे पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी चेहरा हैं, जिन्हें मीडिया में 16 वर्षों का व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और संस्थान के एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन की इंचार्ज हैं। अनुराधा पिछले 10 सालों से लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में लिख रही हैं। डिजिटल पत्रकारिता के दौर में उन्होंने धर्म जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपनी लेखनी से करोड़ों पाठकों का भरोसा जीता है। उनके पास खबरों को न केवल प्रस्तुत करने, बल्कि सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और विश्लेषणात्मक कंटेंट देने का लंबा अनुभव है। वह शिव महापुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और कई अन्य शास्त्रों के जटिल तथ्यों को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं।


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अनुराधा ने अपने करियर की शुरुआत साल 2010 में आज समाज अखबार से की। इसके बाद उन्होंने 'आज तक' (Aaj Tak) में एजुकेशन सेक्शन में तीन साल तक अपनी सेवाएं दीं। साल 2015 से वह लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ी हैं और एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का नेतृत्व कर रही हैं। उनका गहरा अनुभव उन्हें जटिल विषयों पर सरल और प्रभावी ढंग से लिखने में सक्षम बनाता है। उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है। इसके साथ ही दिल्ली विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन, सीसीएसयू से एम.कॉम और कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन एवं मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है।


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