Vastu Tips: घर के वास्तु दोष दूर करेगा कलावा, इन जगहों पर बांधने से बढ़ेगी सुख-समृद्धि

Jan 27, 2026 03:19 pm ISTNavaneet Rathaur लाइव हिन्दुस्तान
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पूजा में हाथ में बांधने के अलावा कलावा घर के विभिन्न स्थानों पर बांधने से वास्तु दोष दूर होते हैं, नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव कम होता है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ता है। इससे परिवार में सुख-शांति, धन-समृद्धि और स्वास्थ्य में सुधार आता है।

Vastu Tips: घर के वास्तु दोष दूर करेगा कलावा, इन जगहों पर बांधने से बढ़ेगी सुख-समृद्धि

वास्तु शास्त्र में कलावा यानी मौली को बहुत शुभ और ऊर्जावान माना जाता है। यह लाल-सफेद या पीले-सफेद धागा भगवान गणेश, हनुमान जी और लक्ष्मी माता की कृपा का प्रतीक है। पूजा में हाथ में बांधने के अलावा कलावा घर के विभिन्न स्थानों पर बांधने से वास्तु दोष दूर होते हैं, नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव कम होता है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ता है। इससे परिवार में सुख-शांति, धन-समृद्धि और स्वास्थ्य में सुधार आता है। कई वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, कलावा बांधना एक सरल लेकिन प्रभावी उपाय है, जो घर की वास्तु कमियों को संतुलित करता है। आइए जानते हैं घर में किन-किन जगहों पर कलावा बांधना चाहिए और इसके नियम क्या हैं।

कलावा का महत्व और वास्तु में भूमिका

कलावा को वास्तु शास्त्र में रक्षा कवच माना जाता है। यह नकारात्मक ऊर्जा, बुरी नजर और वास्तु दोषों से घर की रक्षा करता है। लाल धागा शक्ति और ऊर्जा का प्रतीक है, जबकि सफेद धागा शुद्धता और शांति का। जब इसे घर के महत्वपूर्ण स्थानों पर बांधा जाता है, तो यह घर की ऊर्जा को संतुलित करता है। वास्तु के अनुसार, घर में जहां ऊर्जा का प्रवाह रुकता है या नकारात्मकता जमा होती है, वहां कलावा बांधने से सकारात्मक बदलाव आते हैं। इससे धन हानि रुकती है, पारिवारिक कलह कम होती है और जीवन में खुशहाली बढ़ती है।

मुख्य द्वार पर कलावा बांधने के फायदे

घर का मुख्य द्वार ऊर्जा का मुख्य प्रवेश द्वार होता है। अगर यहां वास्तु दोष हो, तो नकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश कर जाती है। मुख्य द्वार के किसी कोने, कुंडी, चौखट या दरवाजे के हैंडल में कलावा बांधें। इससे बुरी नजर, तंत्र-मंत्र और नकारात्मक शक्तियों का प्रवेश रुकता है। घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ता है और परिवार के सदस्यों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। विशेष रूप से मुख्य द्वार उत्तर-पूर्व या दक्षिण दिशा में है, तो कलावा बांधना अत्यंत लाभकारी होता है।

रसोई घर में कलावा का उपयोग

रसोई घर को वैदिक वास्तु में धन-समृद्धि और स्वास्थ्य का केंद्र माना जाता है। यहां वास्तु दोष होने से स्वास्थ्य खराब होता है और आर्थिक तंगी आती है। रसोई में गैस चूल्हे के पास, चिमनी में, अलमारी के हैंडल या किसी कोने में कलावा बांधें। इससे अन्न की बरकत बनी रहती है, भोजन में स्वाद बढ़ता है और घर में पैसों की कमी दूर होती है। अगर रसोई दक्षिण-पूर्व दिशा में नहीं है, तो कलावा बांधने से वास्तु दोष का प्रभाव कम होता है।

पानी की टंकी और नल के पास कलावा बांधना

वास्तु में पानी का रिसाव या टपकना धन हानि का प्रतीक माना जाता है। अगर घर में ओवरहेड टंकी, नल या वॉटर पाइप से पानी टपकता रहता है, तो फिजूलखर्ची बढ़ती है। टंकी के पास, नल के हैंडल या पाइप के जोड़ पर कलावा बांध दें। इससे पानी की बर्बादी रुकती है, धन की बचत होती है और आर्थिक स्थिति मजबूत बनती है। वास्तु विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि अगर उत्तर-पूर्व दिशा में पानी का दोष हो, तो इस उपाय को नियमित रूप से करें।

तिजोरी, अलमारी और वाहन पर कलावा बांधने के लाभ

तिजोरी या लॉकर धन का प्रतीक है। तिजोरी के हैंडल, कुंजी या अंदर के कोने में कलावा बांधें। इससे धन वृद्धि होती है, चोरी-डकैती का खतरा कम होता है और वित्तीय स्थिरता आती है। इसी तरह अलमारी, कपड़ों की अलमारी या वाहन (कार, बाइक) के हैंडल, आईने या की-चेन में कलावा बांधना शुभ है। वाहन पर कलावा बांधने से दुर्घटना का खतरा कम होता है और यात्राएं सुरक्षित रहती हैं।

कलावा बांधने के नियम और सावधानियां

कलावा बांधने से पहले स्थान की अच्छी सफाई करें। कलावा हमेशा नया और साफ होना चाहिए। बांधते समय मन में सकारात्मक भावना रखें, नकारात्मक विचार न आने दें। सबसे अच्छा दिन मंगलवार या गुरुवार है। यदि पुराना कलावा खराब हो गया हो, तो उसे खोलकर नया बांधें। पुराने कलावा को किसी पेड़ की जड़ में या नदी में विसर्जित करें। कलावा बांधते समय 'ॐ गं गणपतये नमः' या 'ॐ हं हनुमते नमः' मंत्र का जप करें। इन नियमों का पालन करने से उपाय का फल शीघ्र मिलता है।

कलावा बांधना एक सरल, सस्ता और प्रभावी वास्तु उपाय है। नियमित रूप से इन स्थानों पर कलावा बांधकर घर को सकारात्मक ऊर्जा से भरें और सुख-समृद्धि को आमंत्रित करें।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Navaneet Rathaur

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नवनीत राठौर नए युग के डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें इस क्षेत्र में करीब 7 साल का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन के हिस्सा हैं। यहां वह अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष से जुड़ी खबरें लिखते हैं।


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नवनीत ने शारदा विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा से जनसंचार एवं पत्रकारिता में स्नातक और शुभारती विश्वविद्यालय से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।


नवनीत राठौर ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत जनतंत्र न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने सूर्या समाचार और अमर उजाला जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद नवनीत लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। पाठकों को सरल, विश्वसनीय और प्रेरणादायक जानकारी प्रदान करना ही नवनीत राठौर का मुख्य उद्देश्य है।


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