Hindi Newsधर्म न्यूज़Kalashtami Vrat December 2025: Date Puja Vidhi Shubh Muhurat and Significance
Kalashtami Vrat 2025 : कालाष्टमी व्रत आज, नोट कर लें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त

Kalashtami Vrat 2025 : कालाष्टमी व्रत आज, नोट कर लें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त

संक्षेप:

हिंदू धर्म में मासिक कालाष्टमी व्रत का बहुत अधिक महत्व होता है। हर माह में कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर मासिक कालाष्टमी का पावन पर्व मनाया जाता है। यह तिथि भगवान भैरवनाथ को समर्पित होती है। इस दिन विधि- विधान से भगवान भैरवनाथ की पूजा-अर्चना की जाती है।

Dec 11, 2025 08:47 am ISTYogesh Joshi लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
share Share
Follow Us on

हिंदू धर्म में मासिक कालाष्टमी व्रत का बहुत अधिक महत्व होता है। हर माह में कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर मासिक कालाष्टमी का पावन पर्व मनाया जाता है। यह तिथि भगवान भैरवनाथ को समर्पित होती है। इस दिन विधि- विधान से भगवान भैरवनाथ की पूजा-अर्चना की जाती है। कालाष्टमी को भैरवाष्टमी के नाम से भी जाना जाता है। पौषमाह में कालाष्टमी का पर्व आज यानी 11 दिसंबर को पड़ रहा है। भक्तजन इस दिन भैरव बाबा को प्रसन्न करने के लिए व्रत भी रखते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार कालाष्टमी व्रत रखने से हर प्रकार की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यह इस वर्ष की अंतिम कालाष्टमी है। भगवान कालभैरव भगवान शिव का उग्र और रौद्र रूप ही हैं। मान्यता है कि शिवजी के प्रचंड क्रोध से इनकी उत्पत्ति हुई और काशी में इन्हें कोतवाल कहा जाता है। भैरव उपासना से कालसर्प दोष, पितृ दोष, ग्रह बाधा और शत्रु भय दूर होते हैं।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

मुहूर्त-

पौष, कृष्ण अष्टमी प्रारम्भ - 01:57 पी एम, दिसम्बर 11

पौष, कृष्ण अष्टमी समाप्त - 02:56 पी एम, दिसम्बर 12

ब्रह्म मुहूर्त 05:15 ए एम से 06:09 ए एम

अभिजित मुहूर्त 11:54 ए एम से 12:35 पी एम

विजय मुहूर्त 01:58 पी एम से 02:39 पी एम

गोधूलि मुहूर्त 05:22 पी एम से 05:50 पी एम

अमृत काल 09:12 पी एम से 10:53 पी एम

निशिता मुहूर्त 11:47 पी एम से 12:42 ए एम, दिसम्बर 12

ये भी पढ़ें:सूर्य गोचर इन राशियों के लिए रहेगा शुभ, बनेंगे बिगड़े काम

पूजा- विधि...

इस पावन दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत्त हो जाएं।

अगर संभव हो तो इस दिन व्रत रखें।

घर के मंदिर में दीपक प्रज्वलित करें।

इस दिन भगवान भैरव जी के साथ भी भगवान शंकर की भी विधि-विधान से पूजा- अर्चना करें।

भगवान शंकर के साथ माता पार्वती और गणेश भगवान की पूजा-अर्चना भी करें।

आरती करें और भगवान को भोग भी लगाएं। इस बात का ध्यान रखें भगवान को सिर्फ सात्विक चीजों का भोग लगाया जाता है।

भैरव जी को प्रसन्न करने के लिए करें ये उपाय- भैरव बाबा को भोग में काले चने, जौ या कुट्टू के आटे से बनी रोटी या पकवान, गुड़, नारियल, सूजी का हलवा, बूंदी या बर्फी, सूखे मेवे और लाल फल अर्पित करना शुभ माना जाता है। सरसों के तेल का दीपक भैरव जी का विशेष प्रिय होता है, इसलिए भोग के साथ तेल का दीप अवश्य जलाया जाता है। भोग हमेशा सात्त्विक रूप से बनाया जाए और बिना लहसुन-प्याज का हो। अंत में “ॐ कालभैरवाय नमः” मंत्र का जप कर भोग समर्पित किया जाता है, जिससे भैरव बाबा जल्दी प्रसन्न होते हैं।

Yogesh Joshi

लेखक के बारे में

Yogesh Joshi
योगेश जोशी हिंदुस्तान डिजिटल में सीनियर कंटेंट प्रड्यूसर हैं। उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के मेहला गांव के रहने वाले हैं। पिछले छह सालों से पत्रकरिता कर रहे हैं। एनआरएआई स्कूल ऑफ मास कम्युनिकेश से जर्नलिज्म में स्नातक किया और उसके बाद 'अमर उजाला डिजिटल' से अपने करियर की शुरुआत की, जहां धर्म और अध्यात्म सेक्शन में काम किया।लाइव हिंदुस्तान में ज्योतिष और धर्म- अध्यात्म से जुड़ी हुई खबरें कवर करते हैं। पिछले तीन सालों से हिंदुस्तान डिजिटल में कार्यरत हैं। अध्यात्म के साथ ही प्रकृति में गहरी रुचि है जिस कारण भारत के विभिन्न मंदिरों का भ्रमण करते रहते हैं। और पढ़ें
जानें धर्म न्यूज़ ,Choti Diwali Wishes , Rashifal, Panchang , Numerology से जुडी खबरें हिंदी में हिंदुस्तान पर| हिंदू कैलेंडर से जानें शुभ तिथियां और बनाएं हर दिन को खास!