Kajari Teej Puja Samagri: कजरी तीज पूजा के लिए क्या-क्या चाहिए? देखें पूरी लिस्ट

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कजरी तीज 2026 की पूजा के लिए चाहिए शिव-पार्वती की मूर्ति, कलश और माता पार्वती की सोलह शृंगार सामग्री। देखिए कजरी तीज पूजन सामग्री की पूरी लिस्ट और नियम।

Kajari Teej puja samagri
कजरी तीज पूजा सामग्री लिस्ट

कजरी तीज सुहागिन महिलाओं का विशेष व्रत माना जाता है। इस दिन महिलाएं सुखी वैवाहिक जीवन और पति की लंबी आयु की कामना से शिव-पार्वती की पूजा करती हैं। सामग्री पहले से जुटा ली जाए तो पूजा बीच में नहीं रुकती और मन भी शांत रहता है। छोटी-छोटी चीजें छूट जाएं, तो व्रत अधूरा लगता है, इसलिए लिस्ट एक बार देखकर सब तैयार रखें।

कजरी तीज का व्रत कब रखें?

भाद्रपद कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि 30 अगस्त, रविवार को सुबह 9 बजकर 38 मिनट से शुरू होकर 31 अगस्त, सोमवार को सुबह 8 बजकर 52 मिनट तक रहेगी। उदया तिथि के अनुसार, व्रत 31 अगस्त को रखा जाएगा। तिथि का समय शहर के अनुसार थोड़ा बदल सकता है, इसलिए अपने स्थानीय पंचांग से भी मिला लें। सही दिन तय हो जाए तो सामग्री उसी हिसाब से इकट्ठा करना आसान रहता है।

पूजा की तैयारी के लिए सामग्री

सबसे पहले भगवान शिव और माता पार्वती की मिट्टी की प्रतिमा रखें। इन्हें स्थापित करने के लिए चौकी और पीला कपड़ा चाहिए। इसके साथ ही कलश, केले के पत्ते और कच्चा सूत भी साथ रखें। पूजा में घी, रुई की बत्ती, दीपक, कपूर, धूप और अगरबत्ती की जरूरत पड़ेगी। इसके साथ ही नारियल, सुपारी, अक्षत, दूर्वा, गुलाल और चंदन भी साथ रखें

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पंचामृत, फल और भोग

पूजा में पंचामृत का विशेष स्थान है। इसे दही, मिश्री, शहद, गाय का दूध, घी और गंगाजल मिलाकर तैयार करें। मौसम के फल, मिठाई और घर में बने सात्विक भोग भी रखें। सामग्री इतनी रखें कि परिवार के लिए प्रसाद भी निकल आए। भोग लगाने का भाव सम्मान का होता है, इसलिए जल्दबाजी में अधपका या बासी प्रसाद ना चढ़ाएं।

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माता पार्वती के सोलह शृंगार

कजरी तीज पर माता को सोलह शृंगार अर्पित करने की परंपरा है। ऐसे में बिंदी, सिंदूर, चूड़ियां, महावर, साड़ी जैसी वस्तुएं पहले से रख लें। ये सामग्री सुहाग का प्रतीक मानी जाती है। नई और साफ वस्तुएं चुनें। घर में जो उपलब्ध हो, श्रद्धा से अर्पित करना ही मुख्य है। शृंगार चढ़ाने के बाद माता की आरती करें।

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व्रत के जरूरी नियम

व्रत रखने वाली महिलाएं वाणी और व्यवहार में संयम रखें। गुस्सा और कठोर वचन से बचें। मन में किसी के प्रति बुरा भाव ना रखें। इस दिन झाड़ू लगाने या उसे छूने से परहेज करने की परंपरा है। काले, नीले, सफेद और भूरे कपड़े ना पहनें। बाल या नाखून ना काटें और बाल धोने से भी कई घरों में परहेज रहता है। झूला झूलने की प्रथा हो, तो झूलें। ब्रह्मचर्य का पालन करें। व्रत खोलने से पहले शिव-पार्वती की पूजा पूरी करें, दान-दक्षिणा दें , पति और सास-ससुर का आशीर्वाद लें।

31 अगस्त को कजरी तीज का व्रत रखने वाली महिलाएं यह सामग्री पहले नोट कर लें। पूरी लिस्ट से सामाग्री जुटाना आसान हो जाता है।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Navaneet Rathaur

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नवनीत राठौर नए युग के डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें इस क्षेत्र में करीब 7 साल का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन के हिस्सा हैं। यहां वह अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष से जुड़ी खबरें लिखते हैं।


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डिजिटल मीडिया में अपनी अलग पहचान बना रहे नवनीत राठौर धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा में पाठकों के लिए परोसते हैं। वो अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और करीब 5 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान नवनीत ने वेबस्टोरी, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।


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नवनीत ने शारदा विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा से जनसंचार एवं पत्रकारिता में स्नातक और शुभारती विश्वविद्यालय से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।


नवनीत राठौर ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत जनतंत्र न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने सूर्या समाचार और अमर उजाला जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद नवनीत लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। पाठकों को सरल, विश्वसनीय और प्रेरणादायक जानकारी प्रदान करना ही नवनीत राठौर का मुख्य उद्देश्य है।


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