कैंची धाम स्थापना दिवस: आज से प्रसिद्ध मालपुए का प्रसाद बनना शुरू, जानें क्यों खास है यह प्रसाद?

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Kainchi dham sthapna diwas 2026: कैंची धाम में स्थापना दिवस मेले की तैयारियां जोरों-शोरों से चल रही है। आज 10 जून, बुधवार से बाबा का प्रसिद्ध मालपुए का प्रसाद बनना प्रारंभ हो गया है। मेले में लाखों भक्तों के पहुंचने की संभावना है।

कैंची धाम स्थापना दिवस: आज से प्रसिद्ध मालपुए का प्रसाद बनना शुरू, जानें क्यों खास है यह प्रसाद?

Kainchi dham sthapna diwas 2026: उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित कैंची धाम सिर्फ एक मंदिर नहीं है, यह लाखों भक्तों की श्रद्धा और आस्था का प्रतीक भी माना जाता है। नीम करौली महाराज के दर्शन करने के लिए देश-विदेश से लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं। हर साल 15 जून को कैंची धाम का स्थापना दिवस बहुत धूमधाम से मनाया जाता है। यहां आने वाले भक्त बाबा नीम करौली के दर्शन के साथ प्रसिद्ध मालपुए का प्रसाद प्राप्त करते हैं। कैंची धाम में मालपुए का विशेष महत्व इसलिए है क्योंकि ऐसा कहा जाता है कि यह प्रसाद बाबा नीम करौली महाराज को अतिप्रिय था। आज 10 जून 2026, बुधवार से कैंची धाम में प्रसिद्ध मालपुए का प्रसाद बनना शुरू हो गया है। इसके लिए मथुरा से एक दर्जन कारीगर पहुंच गए हैं। इस प्रसाद को मंदिर के सेवक और स्थानीय ग्रामीण बनाने में भी मदद करते हैं। कैंची धाम के प्रसाद बनाने के कड़े नियम हैं। कहा जाता है कि प्रसाद को बनाने में वही श्रद्धालु भाग ले सकता है, जिसने व्रत रखा हो और धोती कुर्ता धारण कर लगातार उतने समय हनुमान चालीसा का पाठ कर सके।

पारंपरिक है मालपुए बनाने की प्रकिया:

बाबा नीम करौली महाराज का प्रिय प्रसाद मालपुए बनाने की प्रकिया पूरी तरह से पारंपरिक है। इसमें गेहूं का आटा, दूध, गुड़, चीनी और शुद्ध घी का इस्तेमाल किया जाता है। कहते हैं कि प्रसाद बनाने में मंदिर परिसर में शुद्ध घी और गुड़ की महक फैल जाती है, जो वहां के वातावरण को और भक्तिमय बना देती है।

3 लाख से अधिक श्रद्धालुओं को बांटा जाएगा प्रसाद-

कहा जाता है कि जिस जगह पर मालपुआ प्रसाद बनाने का काम किया जाता है, वहां विधि-विधान से भट्टी का पूजन किया जाता है। 15 जून 2026 को बाबा नीम करौली महाराज को भोग लगाने के बाद प्रसाद को करीब 3 लाख से अधिक भक्तों में बांटा जाएगा। मालपुआ का प्रसाद बाबा के आशीर्वाद का प्रतीक माना जाता है।

कैंची धाम क्यों प्रसिद्ध है:

कैंची धाम महान संत नीम करौली बाबा के आश्रम और चमत्कारिक सिद्धपीठ के रूप में दुनिया में जाना जाता है। बाबा नीम करौली महाराज के भक्त उन्हें हनुमान जी का अवतार मानते हैं। बाबा ने यहां साल 1964 में आश्रम की स्थापना की थी। भक्तों का मानना है कि बाबा के दरबार में मांगी गई हर मनोकामना पूरी होती है।

15 जून को लगता है विशाल मेला:

हर साल 15 जून को कैंची धाम में स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में विशाल भंडारे का आयोजन किया जाता है। जिसमें देश-विदेश से लाखों भक्त शामिल होते हैं।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Saumya Tiwari

लेखक के बारे में

Saumya Tiwari

संक्षिप्त विवरण

सौम्या तिवारी लाइव हिन्दुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा हैं और इस संस्थान के साथ करीब 5 वर्षों से अधिक समय से जुड़ी हैं। इन्हें डिजिटल पत्रकारिता में करीब 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। यहां वह ग्रह राशि परिवर्तन, टैरो, वैदिक ज्योतिष, फेंगशुई, अंकराशि, रत्न शास्त्र और व्रत-त्योहार आदि से जुड़ी खबरें लिखती हैं।


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परिचय और अनुभव

सौम्या तिवारी की ग्रह राशि परिवर्तन, व्रत-त्योहार, सामुद्रिक शास्त्र, अंकज्योतिष, वास्तु शास्त्र एवं फेंगशुई, कथा-कहानी जैसे विषयों पर अच्छी पकड़ है। उन्हें ज्योतिष एवं धार्मिक विषयों में करीब 6 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में बतौर डिप्टी कंटेंट प्रोड्यूसर कार्यरत हैं और धर्म व ज्योतिष (एस्ट्रोलॉजी) सेक्शन का हिस्सा हैं।


इसके अलावा उन्होंने मनोरंजन (एंटरटेनमेंट) और राजनीतिक (पॉलिटिक्स) विषयों पर भी विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम किया है। लाइव हिन्दुस्तान में सौम्या की टॉप परफॉर्मेंस रही है, जिसके लिए उन्हें कई बार पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। खाली समय में वह धार्मिक ग्रंथों और पुराणों का अध्ययन करना और पाठकों तक सही जानकारी पहुंचाना पसंद करती हैं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

सौम्या तिवारी ने कानपुर विश्वविद्यालय से स्नातक (बीए) किया है और जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से जनसंचार एवं पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा प्राप्त किया है। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान ही उन्हें हैदराबाद की लोकल न्यूज वेबसाइट इंडिलिक्स से पहली नौकरी का प्रस्ताव मिला।


इसके बाद वह जनसत्ता (द इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप), द क्विंट और जी न्यूज जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों से जुड़ी रहीं। साल 2020 में वह लाइव हिन्दुस्तान के धर्म व ज्योतिष सेक्शन का हिस्सा बनीं।


व्यक्तिगत रुचियां

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले की रहने वाली सौम्या तिवारी को धार्मिक और ज्योतिषीय विषयों की जानकारी जुटाना पसंद है। इसके अलावा उन्हें नई-नई जगहों पर घूमने का भी शौक है।


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