Mahavir Jayanti 2026: कब है महावीर जयंती? पढ़ें जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर के 5 प्रमुख सिद्धांत

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Kab hai mahavir jayanti 2026: हर साल चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर मनाई जाती है। महावीर स्वामी को जैन धर्म का 24वां और अंतिम तीर्थंकर माना जाता है। उनका जन्म ईसा पूर्व 599 वर्ष माना जाता है।

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महावीर जयंती जैन धर्म का एक महत्वपूर्ण त्योहार है। बेहद धूमधाम और पारंपरिक तरीके से मनाया जाने वाला यह हर साल चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर मनाई जाती है। भगवान महावीर का जन्म राजा सिद्धार्थ और रानी त्रिशला के घर हुआ था। उनका जन्म 599 ईसा पूर्व में बिहार के कुंडलग्राम में हुआ, हालांकि दिगंबर जैन मानते हैं कि उनका जन्म 615 ईसा पूर्व में हुआ। बचपन में उनका नाम वर्धमान रखा गया। महावीर जयंती के दिन भगवान महावीर की मूर्ति के साथ जूलूस निकाला जाता है और धार्मिक गीत गाए जाते हैं। इस वर्ष भगवान महावीर की 2624वीं जयंती मनाई जाएगी। साल 2026 में महावीर जयंती 31 मार्च को मनाई जाएगी।

महावीर जयंती 2026 तिथि और समय

त्रयोदशी तिथि की शुरुआत– 30 मार्च 2026, सुबह 07:09 बजे

त्रयोदशी तिथि की समाप्ति– 31 मार्च 2026, सुबह 06:55 बजे

महावीर जयंती 2026 का महत्व

महावीर जयंती जैन समुदाय के लिए सबसे महत्वपूर्ण पर्वों में से एक है। इस दिन भगवान महावीर की जयंती को बेहद हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। वे जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर थे। इन्हों ने धर्म और सत्य के मार्ग का प्रचार किया। महावीर स्वामी ने 30 वर्ष की आयु में सबकुछ छोड़कर आध्यात्मिक मार्ग अपना लिया था। भगवान महावीर ने जीवन जीने के लिए कई महत्वपूर्ण सिद्धांत बताए, जिनमें ये 5 प्रमुख हैं। इन सिद्धांतों का उन्होंने खूब प्रचार-प्रसार किया है।

भगवान महावीर के सिद्धांत

1. अहिंसा- किसी भी जीव को मन, वचन और कर्म से कष्ट न पहुंचाना।

2. सत्य- हमेशा सच बोलना और झूठ से दूर रहना।

3. अस्तेय - जो वस्तु आपको स्वेच्छा से न दी गई हो, उसे कभी न लेना।

4. ब्रह्मचर्य (शुद्धता)- अपनी इंद्रियों और इच्छाओं पर नियंत्रण रखना।

5. गैर-भौतिक चीजों से दूरी- भौतिक वस्तुओं और सांसारिक मोह-माया से दूरी बनाकर रखना।

स्वामी महावीर के विचार

- जैसे धागे में पिरोई हुई सुई सुरक्षित रहती है, उसी तरह स्व-अध्ययन में लगा व्यक्ति कभी भटकता नहीं है।

- जो ज्ञान सत्य को समझने में सहायक हो, मन को स्थिर करे और आत्मा को शुद्ध बनाए, वही सच्चा ज्ञान कहलाता है।

- हर जीव के प्रति करुणा रखें, क्योंकि घृणा अंततः विनाश का कारण बनती है।

- मनुष्य अपने ही दोषों के कारण दुखी होता है और उन्हें सुधारकर ही सुख प्राप्त कर सकता है।

- आत्मा अकेली ही इस संसार में आती है और अकेली ही चली जाती है, न कोई उसका सच्चा साथी होता है और न मित्र।

30 साल में भ्रमण पर निकलें

भगवान महावीर जैन धर्म की नैतिक आधारशिला माने जाते हैं। कहा जाता है कि स्वामी महावीर ने 30 साल उम्र में भ्रमण करना शुरू किया और वो 42 साल की उम्र तक भ्रमण करते रहे। महावीर ने अपने अनुयायियों को असत्य और लालच और सांसरिक वस्तुओं का मोह छोड़ने, हर प्रकार की हत्याएं और हिंसा बंद करने का संदेश दिया था।

महावीर जयंती पर क्या किया जाता है?

महावीर जयंती के अवसर पर विशेष धार्मिक गतिविधियां की जाती हैं। इस दिन सुबह जैन मंदिरों में भगवान महावीर की प्रतिमा का जल, दूध, केसर और चंदन से अभिषेक किया जाता है, जिसके बाद आरती, पूजा और मंगल पाठ किया जाता है। कई स्थानों पर भगवान महावीर की प्रतिमा को सजे-धजे रथ में विराजमान कर भव्य शोभायात्राएं निकाली जाती हैं, जिनमें भजन-कीर्तन और आकर्षक धार्मिक झांकियां शामिल होती हैं। श्रद्धालु इस दिन उपवास या व्रत रखते हैं और भगवान महावीर के ध्यान व भक्ति में समय बिताते हैं। इसके साथ ही लोग दान-पुण्य भी करते हैं, जैसे जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और धन देना। साथ ही जीवों के प्रति करुणा दिखाते हुए पक्षियों को दाना और पशुओं को चारा खिलाया जाता है।

डिस्क्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Dheeraj Pal

लेखक के बारे में

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संक्षिप्त विवरण: धीरज पाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में 7 साल का अनुभव है। लाइव हिन्दुस्तान में काम करते हुए इन्हें 4 साल हो गए हैं। धीरज एजुकेशन रिपोर्टर के तौर पर काम कर चुके हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने राजनीति समाचार, एजुकेशन बीट के लिए ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। हिंदुस्तान लाइव में यूपी बोर्ड से लेकर उन्होंने लोकसभा चुनाव कवर करने साथ-साथ खेल जैसे बीट पर काम किया। अब इनका एकमात्र उद्देश्य करियर और एजुकेशन से जुड़ी रुचिगत, सरल, प्रमाणिक और पाठक-हितैषी रूप में प्रस्तुत करना है।

व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।

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