Hanuman Jayanti 2026: कब है हनुमान जयंती? इस दिन करें ये कार्य, बजरंबली पूरी करेंगे मनोकामना

Mar 12, 2026 03:30 pm ISTDheeraj Pal लाइव हिन्दुस्तान
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Hanuman Jayanti 2026: हनुमान जयंती के पर्व का खास महत्व होता है। इसे बेहद धूमधाम से मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक यह पर्व हर साल चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि के दिन मनाई जाती है। इस दिन बजरंगबली की उपासना की जाती है।

Hanuman Jayanti 2026: कब है हनुमान जयंती? इस दिन करें ये कार्य, बजरंबली पूरी करेंगे मनोकामना

हनुमान जयंती के पर्व का खास महत्व होता है। इसे बेहद धूमधाम से मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक यह पर्व हर साल चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि के दिन मनाई जाती है। इस दिन बजरंगबली की उपासना की जाती है। मान्यता है कि बजरंगबली कलियुग में भी अमर हैं। मान्यता है कि हनुमानजी की उपासना करने से व्यक्ति के तो भूत पिशाच का भय नहीं रहता है। साथ ही भक्त इस दिन कई तरह के उपाय करते हैं। चलिए जानते हैं कि इस साल हनुमान जयंती कब है और इस दिन कौन से उपाय करने चाहिए।

कब है हनुमान जयंती 2026
इस बार हनुमान जयंती का पर्व 2 अप्रैल 2026 को मनाई जाएगी। क्योंकि पंचांग के अनुसार, चैत्र पूर्णिमा तिथि 1 अप्रैल 2026, दिन बुधवार को प्रातः 7:06 बजे शुरू होगी, जो 2 अप्रैल 2026, दिन - गुरुवार को प्रातः 7:41 बजे तक रहेगी। ऐसे में उदया तिथि के मुताबिक हनुमान जयंती 2 अप्रैल 2026 को मनाई जाएगी।

हनुमान जयंती का महत्व
भगवान राम के परम भक्त हनुमान जी को संकटमोचन कहा जाता है। वे शक्ति, भक्ति और अटूट विश्वास के प्रतीक हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, उनकी पूजा करने से भय, नकारात्मक ऊर्जा और बुरी शक्तियों का नाश होता है। इस दिन हनुमान चालीसा, बजरंग बाण, और हनुमान अष्टक का पाठ विशेष फलदायी माना जाता है। साथ ही इस दिन भगवान राम और माता सीता की भी आराधना करनी चाहिए, क्योंकि बिना श्रीराम की पूजा के हनुमान जी की पूजा अधूरी मानी जाती है।

हनुमान जयंती पूजा विधि
हनुमान जयंती के दिन हनुमान जी के साथ भगवान राम और माता सीता की पूजा की जाती है। इस दिन सुबह उठकर स्नान कर लाल या पीले रंग के वस्त्र पहने। हनुमान जी की मूर्ति का दूध, दही, शहद, घी और गंगाजल से अभिषेक करें। फिर स्वच्छ जल से शुद्ध करें। इसके बाद हनुमान जी को सिंदूर, लाल रंग के फूल, तुलसी दल, चोला और बूंदी के लड्डू का प्रसाद अर्पित करें। फिर हनुमान चालीसा, बजरंग बाण और हनुमान अष्टक का पाठ करें। इस दिन अखंड रामायण का पाठ भी शुभ माना जाता है। अंत में पूजा में हुई गलतियों के लिए माफी मांगे। कई भक्त जन इस अवसर पर व्रत भी रखते हैं।

हनुमान जयंती पर जरूर करें ये उपाय
- हनुमान जयंती पर हल्दी दान करना बेहद शुभ माना जाता है। इससे आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और सुख-समृद्धि प्राप्त होती है।
- सिंदूर हनुमान जी को अत्यंत प्रिय है। जन्मोत्सव के दिन उन्हें सिंदूर चढ़ाने से वे प्रसन्न होकर मनोकामना पूर्ण करते हैं।
- इस दिन आप "ओम हनुमते नमः” मंत्र का जप करें। इससे बजरंगबली प्रसन्न होते हैं।
- इस दिन हनुमान जी को मीठा पान अर्पित करना बेहद शुभ होता है।

साल में दो बार मनाई जाती है हनुमान जयंती?
हर साल हनुमान जी का जन्मदिन दो बार मनाया जाता है। वाल्मीकि रामायण के अनुसार, एक बार कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को, जिसे हनुमान जन्मोत्सव कहते हैं। दूसरी बार चैत्र महीने की पूर्णिमा को, जिसे हनुमान जयंती कहते हैं। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक पहली जयंती उनके जन्म से जुड़ी हुई है और दूसरी जयंती उन्हें अमरता प्राप्त होने की कथा से जुड़ी हुई है।

डिस्क्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।

धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद वो लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। अब इनका एकमात्र उद्देश्य ज्योतिषीय जानकारी को रुचिगत, सरल, प्रमाणिक रूप में प्रस्तुत करना है।

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