
कब है दिवाली, धनतेरस, नोट कर लें सही डेट, खरीदारी व दिवाली पूजा का शुभ मुहूर्त
संक्षेप: Kab hai Diwali 2025 Dhanteras: हर साल कार्तिक अमावस्या को दीपावली की पूजा स्थिर लग्न में करने का विधान है। धनतेरस खरीदारी का दिन माना जाता है। इस दिन भगवान धन्वंतरि, लक्ष्मी और कुबेर जी की पूजा की जाती है।
Kab hai Diwali 2025: इस साल की दिवाली 20 अक्टूबर को मनाई जाएगी। हर साल कार्तिक अमावस्या को दीपावली की पूजा स्थिर लग्न में करने का विधान है। इस दिन अमावस्या तिथि दोपहर में 2 बजकर 32 मिनट से प्रारंभ होगी, जो 21 अक्टूबर को शाम 4 बजकर 26 मिनट तक रहेगी। 20 अक्टूबर को दिन के 2:19 बजे से सभी राशि वाले लोग ग्रहों की अनुकूलता और सुख समृद्धि के लिए भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की पूजा करेंगे। दीपावली पूजन का महत्व काली रात्रि और स्थिर लग्न में विशेष माना जाता है।

कब है धनतेरस, छोटी दिवाली, भैया दूज, नोट कर लें सही डेट
हिंदू पंचांग के अनुसार, कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 18 अक्टूबर को दोपहर 1:20 बजे से हो रही है। इसका समापन 19 अक्टूबर को दिन में 01:54 बजे तक होगा। ऐसे में धनतेरस 18 को, व नरक चतुर्दशी यानि छोटी दिवाली 19 को मनाई जाएगी। इस प्रकार धनतेरस की खरीदारी 18 अक्टूबर शनिवार को दोपहर बाद से की जाएगी। धनवंतरी जयंती 19 अक्टूबर को मनाई जाएगी। इसी दिन शाम को चतुर्दशी तिथि होने के कारण छोटी दीपावली अर्थात यम का दीपक जलेगा।
20 अक्टूबर को दिवाली पूजन व 22 अक्टूबर को महिलाएं गोधन बनाकर पूजा करेंगी। 23 अक्टूबर को भैया दूज और गोधन कूटने का मुहूर्त रहेगा।
धनतेरस व दिवाली पूजा का शुभ मुहूर्त
इस साल धनतेरस पर खरीदारी करने का शुभ समय- 18 अक्टूबर को दिन में 1:20 बजे से 19 अक्टूबर को दिन के 01:54 बजे तक रहेगा।
दिवाली पूजा के शुभ मुहूर्त- वृष लग्न: शाम 7:10 बजे से 9:10 बजे तक,
सिंह लग्न: रात्रि 1:38 बजे से 3:52 बजे तक
क्या- क्या खरीदें: धनतेरस खरीदारी का दिन माना जाता है। धनतेरस के दिन भगवान धन्वंतरि, लक्ष्मी और कुबेर जी की पूजा की जाती है। इस दिन सोने चांदी सहित घरेलू उपयोग की चीजों को खरीदना शुभ होता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन भूमि, भवन, वाहन सहित अन्य चीजों को खरीदने से घर में सुख-समृद्धि आती है। मिट्टी के दीये, श्रीयंत्र, सोने-चांदी के आभूषण, बर्तन, झाड़ू, नमक आदि खरीदना शुभ माना जाता है।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियां धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं।





