Hindi Newsधर्म न्यूज़Kaal Bhairav Jayanti 2025: Date, Time, Puja Vidhi and Shubh Muhurat
कब है काल भैरव जयंती? नोट कर लें डेट, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

कब है काल भैरव जयंती? नोट कर लें डेट, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

संक्षेप: हर साल मार्गशीर्ष मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को भगवान शिव के रौद्र स्वरूप काल भैरव की जयंती मनाई जाती है। यह दिन भैरव भक्तों के लिए बेहद खास होता है क्योंकि इसी दिन भगवान शिव ने काल भैरव रूप में अवतार लेकर अधर्म और अहंकार का नाश किया था।

Sun, 9 Nov 2025 10:49 PMYogesh Joshi लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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हर साल मार्गशीर्ष मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को भगवान शिव के रौद्र स्वरूप काल भैरव की जयंती मनाई जाती है। यह दिन भैरव भक्तों के लिए बेहद खास होता है क्योंकि इसी दिन भगवान शिव ने काल भैरव रूप में अवतार लेकर अधर्म और अहंकार का नाश किया था।इसे भैरव अष्टमी, कालाष्टमी या काल भैरव जयंती के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन काल भैरव मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, भैरव चालीसा और रात्रि जागरण का आयोजन किया जाता है। भगवान काल भैरव की पूजा से भय, रोग, अकाल मृत्यु और नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं। जो व्यक्ति ईमानदारी से उनकी आराधना करता है, उसे जीवन में साहस, आत्मबल और सफलता प्राप्त होती है। काल भैरव को काशी का कोतवाल भी कहा जाता है। भैरव जी की पूजा से राहु-केतु और शनि जैसे ग्रह दोष शांत होते हैं। भक्त इस दिन सरसों के तेल का दीपक जलाकर, काली दाल और काले तिल का भोग लगाते हैं।

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कब है काल भैरव जयंती 2025- वैदिक पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष मास की कृष्ण अष्टमी तिथि की शुरुआत 11 नवंबर 2025, मंगलवार की रात 11 बजकर 8 मिनट पर होगी और इसका समापन 12 नवंबर 2025, बुधवार की रात 10 बजकर 58 मिनट पर होगा। उदयातिथि के अनुसार काल भैरव जयंती इस वर्ष 12 नवंबर 2025 (बुधवार) को मनाई जाएगी।

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शुभ मुहूर्त-

ब्रह्म मुहूर्त 04:56 ए एम से 05:49 ए एम

प्रातः सन्ध्या 05:22 ए एम से 06:41 ए एम

अभिजित मुहूर्त कोई नहीं

विजय मुहूर्त 01:53 पी एम से 02:36 पी एम

गोधूलि मुहूर्त 05:29 पी एम से 05:55 पी एम

सायाह्न सन्ध्या 05:29 पी एम से 06:48 पी एम

अमृत काल 04:58 पी एम से 06:35 पी एम

निशिता मुहूर्त 11:39 पी एम से 12:32 ए एम, नवम्बर 13

पूजा विधि:

मंदिर या घर के पूजा स्थल पर भगवान काल भैरव की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।

दीपक में सरसों का तेल डालकर प्रज्वलित करें।

भैरव चालीसा या “ॐ भैरवाय नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें।

भैरव जी को काले तिल, उड़द दाल, तेल और नारियल का भोग अर्पित करें।

रात्रि के समय जागरण कर भैरव जी के मंत्रों का जप कर सकते हैं।

काल भैरव मंत्र-ॐ भैरवाय नमः

इस मंत्र का जाप करने से भय, नकारात्मकता और जीवन की बाधाएँ समाप्त होती हैं।

Yogesh Joshi

लेखक के बारे में

Yogesh Joshi
योगेश जोशी हिंदुस्तान डिजिटल में सीनियर कंटेंट प्रड्यूसर हैं। उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के मेहला गांव के रहने वाले हैं। पिछले छह सालों से पत्रकरिता कर रहे हैं। एनआरएआई स्कूल ऑफ मास कम्युनिकेश से जर्नलिज्म में स्नातक किया और उसके बाद 'अमर उजाला डिजिटल' से अपने करियर की शुरुआत की, जहां धर्म और अध्यात्म सेक्शन में काम किया।लाइव हिंदुस्तान में ज्योतिष और धर्म- अध्यात्म से जुड़ी हुई खबरें कवर करते हैं। पिछले तीन सालों से हिंदुस्तान डिजिटल में कार्यरत हैं। अध्यात्म के साथ ही प्रकृति में गहरी रुचि है जिस कारण भारत के विभिन्न मंदिरों का भ्रमण करते रहते हैं। और पढ़ें
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