ज्येष्ठ अमावस्या कब है? नोट कर लें सही डेट, स्नान, दान और पितृ तर्पण का समय और उपाय

Yogesh Joshi लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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ज्येष्ठ अमावस्या इस साल 16 मई 2026, शनिवार को पड़ रही है। हिंदू धर्म में इस अमावस्या का खास महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन स्नान, दान और पितरों के लिए तर्पण करने से विशेष पुण्य मिलता है। ज्येष्ठ अमावस्या के साथ शनि जयंती भी मनाई जाती है।

ज्येष्ठ अमावस्या कब है? नोट कर लें सही डेट, स्नान, दान और पितृ तर्पण का समय और उपाय

ज्येष्ठ अमावस्या इस साल 16 मई 2026, शनिवार को पड़ रही है। हिंदू धर्म में इस अमावस्या का खास महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन स्नान, दान और पितरों के लिए तर्पण करने से विशेष पुण्य मिलता है। ज्येष्ठ अमावस्या के साथ शनि जयंती भी मनाई जाती है।

16 मई को अमावस्या

पंचांग के अनुसार अमावस्या तिथि 16 मई की सुबह शुरू होगी और अगले दिन तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर 16 मई को ही ज्येष्ठ अमावस्या मनाई जाएगी। इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करने और भगवान सूर्य को जल अर्पित करने की परंपरा है। कई लोग इस दिन गंगा या किसी पवित्र नदी में स्नान भी करते हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से जीवन की परेशानियां कम होती हैं और पितरों का आशीर्वाद मिलता है।

पितरों के तर्पण और पिंडदान का खास महत्व

ज्येष्ठ अमावस्या पर पितरों के लिए तर्पण और पिंडदान का भी खास महत्व बताया गया है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन पितरों को जल अर्पित करने से उनकी आत्मा को शांति मिलती है। जिन लोगों की कुंडली में पितृ दोष माना जाता है, वे भी इस दिन पूजा-पाठ और दान करते हैं। कई लोग गरीबों को भोजन, कपड़े और जरूरत का सामान दान करते हैं। तिल, काला कपड़ा, सरसों का तेल और अनाज का दान शुभ माना जाता है।

स्नान, दान और पितृ तर्पण का समय

16 मई को सुबह से ही स्नान- दान कियाजा सकता है। पितृ तर्पण के लिए दोपहर का समय उपयुक्त माना जाता है।

शनिदेव की पूजा का विशेष महत्व

इस दिन शनि देव की पूजा का भी विशेष महत्व रहता है। क्योंकि इस बार अमावस्या शनिवार को पड़ रही है, इसलिए इसे शनि अमावस्या भी कहा जाएगा। मान्यता है कि इस दिन शनि मंदिर में जाकर तेल चढ़ाने और पूजा करने से शनि दोष से राहत मिल सकती है। कई लोग पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाते हैं और शनि मंत्रों का जाप भी करते हैं।

विवाहित महिलाओं के लिए खास दिन

विवाहित महिलाओं के लिए भी यह दिन खास माना जाता है। इस दौरान वट सावित्री व्रत भी रखा जाता है। महिलाएं वट वृक्ष की पूजा करती हैं और परिवार की सुख-समृद्धि और पति की लंबी उम्र की कामना करती हैं। मंदिरों में इस दिन सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिलती है।

उपाय

ज्योतिष के जानकारों के अनुसार इस दिन जरूरतमंद लोगों की मदद करना शुभ माना जाता है। कहा जाता है कि अमावस्या के दिन किए गए दान और पूजा का फल जल्दी मिलता है। वहीं इस दिन नकारात्मक सोच और विवाद से दूर रहने की सलाह भी दी जाती है।

कुल मिलाकर ज्येष्ठ अमावस्या धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। स्नान, दान, तर्पण और पूजा-पाठ के जरिए लोग इस दिन पुण्य कमाने और जीवन में सुख-शांति की कामना करते हैं।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Yogesh Joshi

लेखक के बारे में

Yogesh Joshi

योगेश जोशी डिजिटल पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। ज्योतिष और धार्मिक विषयों पर उनका लेखन पाठक-केंद्रित और व्यावहारिक दृष्टिकोण के लिए जाना जाता है। राशिफल, ग्रह-गोचर, दशा-महादशा, अंकज्योतिष, सामुद्रिक शास्त्र, वास्तु, फेंगशुई और पूजा-विधि जैसे विषय उनके काम का प्रमुख हिस्सा हैं।


परिचय और अनुभव


योगेश जोशी ने डिजिटल मीडिया में काम करते हुए खबर और कंटेंट के बदलते स्वरूप को नजदीक से समझा है। पत्रकारिता में 8 वर्षों के अनुभव के साथ वह फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर की भूमिका निभा रहे हैं।


न्यूज़ और फीचर कंटेंट से शुरू हुआ उनका सफर आज ज्योतिष और धार्मिक विषयों तक पहुंच चुका है, जहां वह पारंपरिक ज्ञान को मौजूदा समय और डिजिटल पाठक की जरूरतों के हिसाब से प्रस्तुत करते हैं। उनका फोकस हमेशा इस बात पर रहता है कि कंटेंट जानकारी दे, उलझाए नहीं।


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करियर की शुरुआत और प्रोफेशनल सफर


योगेश ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अमर उजाला के डिजिटल प्लेटफॉर्म से की। यहां उन्होंने डिजिटल न्यूज़, कंटेंट राइटिंग और एडिटिंग पर काम करते हुए मजबूत आधार तैयार किया। इसके बाद डिजिटल मीडिया में लगातार काम करते हुए उन्होंने एस्ट्रोलॉजी और धार्मिक विषयों से जुड़े कंटेंट में विशेषज्ञता विकसित की।
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काम के अलावा योगेश को सामाजिक विषयों पर पढ़ना, लिखना और भारतीय परंपराओं को समझना पसंद है। उनका मानना है कि एक पत्रकार के लिए सीखना और खुद को अपडेट रखना सबसे जरूरी है।


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