June Shubh Muhurat 2026: जून में है नई कार या बाइक खरीदने का प्लान? नोट करें अगले महीने की शुभ तारीखें
Vehicle Purchase Shubh Muhurat 2026: जून 2026 में नई कार, बाइक या फिर स्कूटी खरीदने का प्लान है? तो यहां जानें वाहन खरीदने के लिए अगले महीने की शुभ तारीखों के बारे में।

जून के महीने में कार या बाइक खरीदने के लिए कुल 7 शुभ मुहूर्त हैं। नई कार या बाइक खरीदना हर किसी का सपना होता है। जब अपनी पसंद की गाड़ी घर लाने की बारी आती है तो लोग कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं। हर कोई चाहता है कि नया या शुभ काम सही समय पर हो जाए ताकि घर में सुख-समृद्धि बनी रहें। हिंदू पंचांग के अनुसार इस समय मलमास यानी अधिकमास चल रहा है जिसकी शुरुआत 17 मई से हो चुकी है। मान्यता यही है कि इस दौरान कोई भी मांगलकि काम जैसे शादी, गृह प्रवेश और गाड़ी वगैरह खरीदने से बचना चाहिए। ऐसे में मई महीने में गाड़ी खरीदने का कोई शुभ मुहूर्त अब नहीं बचा है।
जून में 17 से 29 तारीख के बीच 7 ऐसी शुभ तारीखें पड़ रही हैं जो नई कार, बाइक या फिर स्कूटी खरीदने के लिए शुभ मानी जा रही हैं। आइए जानते हैं इन शुभ तारीखों के बारे में और साथ में जानिए कि घर में ही आसान तरीके से नई कार या बाइक की पूजा कैसे की जाए?
जून में वाहन खरीदने के लिए ये हैं 7 शुभ दिन
17 जून 2026- पुनर्वसु नक्षत्र (बुधवार)
19 जून 2026- आश्लेषा नक्षत्र (शुक्रवार)
21 जून 2026 पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र (रविवार)
22 जून 2026 उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र (सोमवार)
24 जून 2026 चित्रा नक्षत्र (बुधवार)
27 जून 2026 अनुराधा नक्षत्र (शनिवार)
29 जून 2026 मूल नक्षत्र (सोमवार)
हिंदू पंचांग के अनुसार इन तारीखों पर नई कार, बाइक या स्कूटी खरीदना शुभ माना जाएगा। अगर आप जून में नई गाड़ी लेने की प्लानिंग कर रहे हैं तो आपके लिए ये 7 दिन शुभ होंगे। अपनी सहूलियत के हिसाब इनमें से किसी भी तारीख का चुनाव किया जा सकता है।
इन दिनों में ना खरीदें गाड़ी
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जिस तरह शुभ मुहूर्त में गाड़ी खरीदना शुभ माना जाता है ठीक उसी तरह कुछ समय ऐसे भी होते हैं जब खरीदारी से बचने की सलाह दी जाती है। अमावस्या, ग्रहण काल और राहुकाल में गाड़ी खरीदने से बचना चाहिए।
घर पर ऐसे करें नई गाड़ी की पूजा
नई गाड़ी खरीदने के बाद उसकी पूजा करना शुभ माना जाता है। आप खुद से भी ये पूजा कर सकते हैं। पूजा की शुरुआत भगवान गणेश को याद करते हुए करें। इसके बाद कार या बाइक पर रोली, अक्षत और फूल अर्पित करें। इसके बाद स्वास्तिक का निशान बनाएं। नारियल फोड़ें और आगे के लिए सुरक्षित यात्रा की कामना करें। आखिर में प्रसाद बांटें। मान्यता है कि पूजा करने से सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और भगवान का आशीर्वाद भी।
डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)
लेखक के बारे में
Garima Singhशॉर्ट बायो:
गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, अंक शास्त्र, रत्न शास्त्र, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।
परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। इस समय वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।
करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।
एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।
व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।
विशेषज्ञता (Areas of Expertise)
वास्तु शास्त्र
अंक शास्त्र
रत्न शास्त्र
फेंगशुई
हस्तरेखा शास्त्र


