जितिया व्रत की पूजा में आज शाम किन गलतियों से बचना है?

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Jitiya Vrat Puja Mistake: आज कुछ ही घंटे में जितिया व्रत की पूजा शुरू हो जाएगी। जानें कि परंपरा और सही नियम के अनुसार आज व्रत रखने वाली महिलाओं को किन गलतियों को करने से बचने की जरूरत है?

Jitiya vrat me kya nahi karna chahiye avoid these 3 mistake today during Puja and Paran
जितिया व्रत की पूजा में आज शाम किन 3 गलतियों से बचना है?

आज जितिया यानी जीवित्पुत्रिका व्रत है। इस दिन महिलाएं अपने बच्चों की लंबी उम्र, अच्छी हेल्थ और सुख-समृद्धि के लिए व्रत रखती हैं। इस व्रत को कठिन माना जाता है। ये निर्जला उपवास होता है। तो ऐसे में व्रत और पूजा के दौरान कई नियमों को ध्यान में रखना जरूरी है ताकि किसी भी तरह की गलती से बचा जा सके। अगर आपने आज जितिया व्रत रखा है तो जानें आज शाम को प्रदोष काल में होने वाली पूजा में किन गलतियों से बचना है?

जितिया व्रत की पूजा में ना करें ये 3 गलतियां:

1. जितिया व्रत में नियम के अनुसार निर्जला उपवास रखा जाता है और सदियों से ही ये परंपरा चली आ रही है। व्रत शुरू होने के साथ ही पानी या फिर किसी भी तरह का खाना ग्रहण करना सही नहीं माना जाता है। आचमन के दौरान या फिर कुल्ला वगैरह करने के दौरान कई लोग गलती से पानी पी सकते हैं तो इस बात का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए। साथ ही इस बात का भी ध्यान दें कि पूजा में जो भी जल रखेंगे उसे अर्घ्य के लिए और भगवान को अर्पित करने के लिए रखें। खुद पानी पीने से बचना है। वहीं अगर किसी को हेल्थ इश्यू है तो अपनी हेल्थ को नजरअंदाज करना सही बात नहीं है।

2. इस व्रत में भगवान जीमूतवाहन की पूजा होती है। इसी के साथ चील और सियारिन की कथा का पाठ करना भी जरूरी माना जाता है। मान्यता के अनुसार चील और सियारिन ने भी इस व्रत को रखा था। चील ने पूरे विधि विधान के साथ इस व्रत को पूरा किया लेकिन सियारिन ने भूख की वजह से इस व्रत के नियमों का पालन नहीं किया। चील और सियारनि की कथा का पाठ जितिया व्रत की पूजा में किया जाता है। आज की पूजा में सिर्फ भगवान जीमूतवाहन की पूजा करके ही ना उठ जाएं। व्रत की कथा को जरूर सुनें और इसी के साथ पूजा की सारी विधि को श्रद्धा के साथ पूरा करें।

3. जितिया व्रत की पूजा विधि में नियम जितना जरूरी है उतना ही पारण का भी है। पारण शुभ मुहूर्त में ही देखकर करें। जल्दबाजी में समय से पहले पारण ना करें और ना ही इसके लिए लेट करें। पारण की विधि शुरू करने से पहले भगवान को भोग लगा दें। इसके बाद सात्विक खाना खाएं। परंपरा के अनुसार जो चीजें खाई जाती हैं उन्हीं चीजों का सेवन करें।

जितिया व्रत में आज रखें इन बातों का ध्यान:

1. आज व्रत के दिन मन को शांत रखेंष

2. किसी से बहसबाजी ना करें और ना ही किसी पर गुस्सा दिखाएं।

3. आज भूलकर भी किसी के लिए गलत शब्द मुंह से ना निकालें।

4. कोशिश करें कि आपके घर का माहौल आज शांत और पॉजिटिव रहे।

5. पूजा पूरी विधि-विधान से करें और भगवान जीमूतवाहन से अपने बच्चों के अच्छे भविष्य और हेल्थ की प्रार्थना करें।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Garima Singh

लेखक के बारे में

Garima Singh

शॉर्ट बायो: गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, अंक शास्त्र, रत्न शास्त्र, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।

परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। इस समय वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।

करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।

एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।

व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।

विशेषज्ञता (Areas of Expertise)
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