आज रात जन्माष्टमी पूजा कितने बजे होगी, जानें नई दिल्ली, लखनऊ समेत 12 शहरों का जन्माष्टमी पूजा का टाइम

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Janmashtami Puja Muhurat 2026 Krishna Janmashtami: आज रात भगवान श्री कृष्ण का 5253 वां जन्मदिन मनाया जाएगा। शहर के अनुसार, शुभ मुहूर्त में कुछ मिनटों का फर्क नजर आ सकता है। जानें अपने शहर अनुसार जन्माष्टमी का मुहूर्त

Janmashtami Puja Muhurat 2026 Krishna Janmashtami time for 12 cities including New Delhi Lucknow
जन्माष्टमी की पूजा कितने बजे होगी?

Janmashtami Puja Muhurat 2026 Krishna Janmashtami: क्या आप भी जन्माष्टमी के दिन रात में भगवान कृष्ण का जन्म करते हैं? श्री कृष्ण जन्माष्टमी के दिन मध्यरात्रि में जन्म पूजा करने का विधान है। इस साल भगवान श्री कृष्ण का 5253 वां जन्मदिन मनाया जाएगा। विधि- विधान के साथ भगवान कृष्ण की पूजा और अभिषेक शुभ मुहूर्त में किया जाएगा। कई लोग भगवान कृष्ण का जन्म करने के बाद जन्माष्टमी के व्रत का पारण कर लेते हैं तो कुछ लोग सूर्य के उगने के बाद व्रत का पारण करते हैं। आज रात तक जन्माष्टमी के लिए पूजा के कई शुभ मुहूर्त मिल रहे हैं। शहर के अनुसार, शुभ मुहूर्त में कुछ मिनटों का फर्क नजर आ सकता है। आइए जानते हैं जन्माष्टमी पूजा के शुभ मुहूर्त, विधि, चांद निकलने का समय और पारण कब होगा -

जन्माष्टमी पूजा कितने बजे होगी, जानें नई दिल्ली, लखनऊ समेत 12 शहरों का जन्माष्टमी पूजा का मुहूर्त

रात में सिर्फ 45 मिनट का शुभ मुहूर्त कितने बजे से

आज रात में 11:57 बजे से 12:43 बजे तक कृष्ण जन्माष्टमी का शुभ मुहूर्त रहेगा।

आज कृष्ण जन्माष्टमी के दिन चांद कब निकलेगा?

आज रात में 11:29 बजे तक चंद्रमा के दर्शन होगा।

अन्य शहरों में कृष्ण जन्माष्टमी का मुहूर्त क्या रहेगा?

रात 11:13 से 11:59 - कोलकाता

रात 11:43 से 12:28 - लखनऊ

रात 11:45 से 12:31, सितम्बर 05 - चेन्नई

रात 11:57 से 12:43, सितम्बर 05 - नई दिल्ली

रात 12:03 से 12:49, सितम्बर 05 - जयपुर

रात 11:52 से 12:38, सितम्बर 05 - हैदराबाद

रात 11:58 से 12:44, सितम्बर 05 - गुरुग्राम

रात 11:59 से 12:45, सितम्बर 05 - चण्डीगढ़

रात 11:55 से 12:42, सितम्बर 05 - बेंगलूरु

रात 11:57 से 12:42, सितम्बर 05 - नोएडा

रात 12:10 से 12:57, सितम्बर 05 - पुणे

रात 12:14 से 01:01, सितम्बर 05 - मुम्बई

रात 12:16 से 01:02, सितम्बर 05 - अहमदाबाद

कैसे करें जन्माष्टमी रात्रि पूजा?

भगवान श्री कृष्ण के जन्म के बाद प्रभु का अभिषेक किया जाता है। लड्डू गोपाल का कच्चे दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल से अभिषेक करें। इसके बाद उन्हें वस्त्र पहनाएं। अब प्रभु का श्रृंगार करें। इन्हें मुकुट पहनाएं, हाथों में बांसुरी पकड़ाएं, कानों में कुंडल, पैरों में पायल और गले में माला पहनाएं। इसके बाद प्रभु पर पीले रंग के पुष्प चढ़ाएं और पीला चंदन लगाएं। अब प्रभु को अक्षत इत्र और फल चढ़ाएं। इसके बाद धूप और घी के दीपक से प्रभु की आरती पूरी श्रद्धा के साथ करें।

भोग में क्या लगाएं- कान्हा जी को माखन बेहद पसंद है। इसलिए लड्डू गोपाल को माखन मिश्री या मेवे की खीर का भोग लगाएं।

कृष्ण जन्माष्टमी व्रत का पारण कब होगा?

  • हिंदू पंचांग के अनुसार, सुबह में 06:01 बजे तक 05 सितंबर के दिन व्रत पारण का शुभ मुहूर्त रहेगा। पारण के दिन अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र सूर्योदय से पहले समाप्त हो जाएंगे।
  • जो जातक कान्हा के जन्म के बाद व्रत का पारण करते हैं, उनके लिए आज रात में शुभ मुहूर्त 12:43 बजे रहेगा।

दही हांडी कब होगी?

पंचांग के अनुसार, 5 सितंबर 2026 के दिन दही हांडी खेली जाएगी।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Shrishti Chaubey

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सृष्टि चौबे पत्रकारिता जगत में 4 वर्षों का अनुभव रखती हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर कार्यरत हैं। वह ज्योतिष, ग्रह गोचर, राशिफल, नक्षत्र परिवर्तन, अंकज्योतिष, रत्न, और वास्तु से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। पाठक-केंद्रित व आसान भाषा में जानकारी पेश करना इनके लेखन की पहचान है। धार्मिक ग्रंथों को पढ़कर लोगों तक सही जानकारी पहुंचाना और उन पर शोध करना इनकी विशेष पसंद है।

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