लड्डू गोपाल को यात्रा में साथ ले जाएं या नहीं? जानें क्या बोलें प्रेमानंद महाराज
Premanand Maharaj on Laddu Gopal Seva: कहीं बाहर जा रहे हैं और लड्डू गोपाल को ऐसे अकेले घर पर छोड़ नहीं सकते हैं? अगर ये बात आपको परेशान करती है तो जानें प्रेमानंद महाराज की इस पर क्या राय है?

घर में जो लोग लड्डू गोपाल को रखते हैं उन्हें परिवार के ही सदस्य के रूप में मानते हैं। लड्डू गोपाल की सेवा ठीक उसी तरह से की जाती है जैसे घर के बच्चों को संभाल कर रखा जाता है। सुबह उठाने से लेकर उनके रूटीन से जुड़ी हर एक चीज को भक्त पूरी श्रद्धा और भाव के साथ करते हैं। हालांकि जब कहीं बाहर जाना होता है तो एक सवाल अक्सर मन में आता है कि उन्हें साथ लेकर जाएं या नहीं। अगर यात्रा में साथ ले जा रहे हैं तो किन बातों का ध्यान रखना है? अगर आपके सामने भी ऐसी स्थिति आए तो जानें इस पर प्रेमानंद महाराज के क्या विचार हैं?
यात्रा पर कब ले जाएं?
अपने प्रवचन के दौरान कई बार प्रेमानंद महाराज ये बात कह चुके हैं लड्डू गोपाल को आप अपने घर के बच्चे की तरह मानते हैं तो उनकी सेवा करते वक्त हर एक छोटी-छोटी चीज का ध्यान रखना चाहिए। अगर यात्रा ऐसी जगह की जा रही है जहां पर आराम से सेवा की जा सकती है तो लड्डू गोपाल को साथ ले जाया जा सकता है। इस बात का ध्यान रखें कि उनके भोग और पानी की व्यवस्था समय-समय पर हो पाए और उनके लिए एक साफ जगह मिल जाए जहां उन्हें रख सकते हैं।
हर यात्रा में ले जाना नहीं है जरूरी
अगर आप कहीं ऐसी जगह जा रहे हैं जहां बहुत भीड़ रहने वाली है। गर्मी होगी या फिर धूल धक्कड़ ज्यादा होगा तो लड्डू गोपाल को साथ ले जाने से बचें। ऐसी जगह पर भोग लगाना या फिर उनकी सेवा करना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में मन में ये जिद ना रखें कि उन्हें साथ ही ले जाना है। भक्ति के साथ-साथ आपको उनका ख्याल रखना है ये भाव मन में होना चाहिए।
लड्डू गोपाल घर पर रहें तो करें ये काम
1. अगर यात्रा के दौरान किसी वजह से आप लड्डू गोपाल को साथ नहीं ले जा पा रहे हैं तो उन्हें अकेला ना छोड़ें। अगर संभव है तो आप घर के किसी जिम्मेदार इंसान को उनकी सेवा सौंप कर जाएं। अगर ये भी पॉसिबल नहीं हो सकता है तो किसी रिश्तेदार या फिर पड़ोसी के घर उन्हें रख सकते हैं लेकिन इस बात को सुनिश्चित कर लें कि उनकी सेवा में कोई कमी ना आए। समय पर उन्हें भोग और बाकी चीजें मिलती रहे। इसकी व्यवस्था आप पहले ही ही कर सकते हैं।
2. घर से निकलने से पहले लड्डू गोपाल के सामने हाथ जोड़कर अपनी मजबूरी बता दें कि आपको क्यों और कैसे जान पड़ रहा है। साथ ही वादा करें कि लौटने के साथ ही आप उनकी सेवा फिर से शुरू कर देंगे।
3. प्रेमानंद महाराज के अनुसार अगर आप यात्रा के दौरान लड्डू गोपाल को साथ ही ले जाना है तो इस दौरान साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखना चाहिए। अगर ये आपके लिए पॉसिबल ना हो पाए तो उनकी सेवा के लिए सारी व्यवस्था ठीक से घर पर करके जाएं। इस बात को मन में हमेशा रखें कि उनके प्रति आपका निस्वार्थ प्यार और श्रद्धा ही सबसे ज्यादा मायने रखती है और प्रेमानंद महाराज हमेशा यही कहते हैं कि भगवान हमेशा अपने भक्त का भाव ही देखते हैं।


