Janmashtami Puja Rules: जन्माष्टमी पर लड्डू गोपाल की सेवा का ये है सही तरीका, आप भी जान लें

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Janmashtami Puja Rules 2026: जन्माष्टमी पर लड्डू गोपाल की भक्त श्रद्धापूर्वक सेवा करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बाल गोपाल की जन्माष्टमी पर सेवा का क्या है तरीका।

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Krishna Janmashtami 2025

Janmashtami Puja Niyam: हिंदू धर्म में जन्माष्टमी के त्योहार का विशेष महत्व है। भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को बाल गोपाल या लड्डू गोपाल का धूमधाम से मध्य रात्रि में जन्म उत्सव मनाया जाता है। इस साल जन्माष्टमी 4 सितंबर 2026, शुक्रवार को है। जन्माष्टमी के दिन आधी रात को अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र का मिलन अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इसी शुभ संयोग में द्वापर युग में भगवान कृष्ण का जन्म हुआ था। जन्माष्टमी के दिन लोग बाल गोपाल की सेवा करते हैं और विधि पूर्वक पूजा करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जन्माष्टमी पर लड्डू गोपाल की सेवा का सही तरीका क्या है।

जन्माष्टमी पर लड्डू गोपाल की सेवा में इन बातों का रखें ध्यान:

1. बाल गोपाल को दो बार कराएं स्नान:

जन्माष्टमी के दिन ठाकुर जी को दो बार स्नान करना चाहिए। एक बार सुबह और दूसरी बार अर्धरात्रि में। संभव हो तो दोनों बार ही पंचामृत से लड्डू गोपाल को स्नान करना चाहिए। अगर ऐसा कर पाना मुश्किल है तो सुबह के समय गंगाजल से स्नान करना चाहिए और रात्रि को जब कान्हा का प्राकट्य होता है, उस समय पंचामृत से स्नान कराना चाहिए। पंचामृत में मुख्य रूप से पांच चीजों का प्रयोग किया जाता है- दूध, दही, शहद, जल और शक्कर या मिश्री।

2. ठाकुर जी का करें श्रृंगार:

जन्माष्टमी के दिन ठाकुर जी को स्नान कराने के बाद नए वस्त्र धारण कराने चाहिए। नए वस्त्र पहनाने के बाद नए आभूषण पहनाने चाहिए और मुरली अर्पित करनी चाहिए। मान्यता है कि जन्माष्टमी के दिन बाल गोपाल का श्रृंगार करना अत्यंत शुभ और कल्याणकारी होता है।

3. लड्डू गोपाल को लगाएं भोग:

जन्माष्टमी के दिन लड्डू गोपाल को माखन मिश्री का भोग जरूर लगाना चाहिए। इसके बाद आप छप्पन भोग भी लगा सकते हैं। भोग लगाने के बाद धूप, दीप जलाएं और ठाकुर जी को अंत में कुछ समय के लिए झूला अवश्य झूलाना चाहिए।

4. प्रणाम करके करें क्षमा याचना:

अंत में बाल गोपाल को प्रणाम करें और पूजा के समय हुई किसी भी गलती या भूल के लिए माफी मांगे। ठाकुर जी को कुछ देर के लिए आराम अवश्य करना चाहिए। मान्यता है कि जन्माष्टमी की रात भगवान श्रीकृष्ण जगते हैं इसलिए दिन में कुछ समय के लिए आराम अवश्य कराएं। दिन के तीसरे प्रहर में ठाकुर जी को छोटे बालक के समान जगाना चाहिए। अगर आप जन्माष्टमी की शाम को कीर्तन करने वाले हैं तो ठाकुर जी को विश्राम नहीं कराना चाहिए।

5. शाम के समय जरूर करें आरती:

जन्माष्टमी के दिन शाम के समय बाल गोपाल की आरती जरूर उतारनी चाहिए। इसके बाद रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण का जन्म उत्सव मनाना चाहिए।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Saumya Tiwari

लेखक के बारे में

Saumya Tiwari

संक्षिप्त विवरण

सौम्या तिवारी लाइव हिन्दुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा हैं और इस संस्थान के साथ करीब 5 वर्षों से अधिक समय से जुड़ी हैं। इन्हें डिजिटल पत्रकारिता में करीब 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। यहां वह ग्रह राशि परिवर्तन, टैरो, वैदिक ज्योतिष, फेंगशुई, अंकराशि, रत्न शास्त्र और व्रत-त्योहार आदि से जुड़ी खबरें लिखती हैं।


विस्तृत बायो


परिचय और अनुभव

सौम्या तिवारी की ग्रह राशि परिवर्तन, व्रत-त्योहार, सामुद्रिक शास्त्र, अंकज्योतिष, वास्तु शास्त्र एवं फेंगशुई, कथा-कहानी जैसे विषयों पर अच्छी पकड़ है। उन्हें ज्योतिष एवं धार्मिक विषयों में करीब 6 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में बतौर डिप्टी कंटेंट प्रोड्यूसर कार्यरत हैं और धर्म व ज्योतिष (एस्ट्रोलॉजी) सेक्शन का हिस्सा हैं।


इसके अलावा उन्होंने मनोरंजन (एंटरटेनमेंट) और राजनीतिक (पॉलिटिक्स) विषयों पर भी विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम किया है। लाइव हिन्दुस्तान में सौम्या की टॉप परफॉर्मेंस रही है, जिसके लिए उन्हें कई बार पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। खाली समय में वह धार्मिक ग्रंथों और पुराणों का अध्ययन करना और पाठकों तक सही जानकारी पहुंचाना पसंद करती हैं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

सौम्या तिवारी ने कानपुर विश्वविद्यालय से स्नातक (बीए) किया है और जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से जनसंचार एवं पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा प्राप्त किया है। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान ही उन्हें हैदराबाद की लोकल न्यूज वेबसाइट इंडिलिक्स से पहली नौकरी का प्रस्ताव मिला।


इसके बाद वह जनसत्ता (द इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप), द क्विंट और जी न्यूज जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों से जुड़ी रहीं। साल 2020 में वह लाइव हिन्दुस्तान के धर्म व ज्योतिष सेक्शन का हिस्सा बनीं।


व्यक्तिगत रुचियां

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले की रहने वाली सौम्या तिवारी को धार्मिक और ज्योतिषीय विषयों की जानकारी जुटाना पसंद है। इसके अलावा उन्हें नई-नई जगहों पर घूमने का भी शौक है।


विशेषज्ञता

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